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Rohtak News: टीबी मुक्त भारत के तहत घर-घर जाकर होगी मरीजों की जांच
Thu, 07 Nov 2024 10:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:29 PM IST
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07jjrp11- झज्जर। टीबी के सैंपल की जांच करता कर्मचारी। संवाद
रवि दलाल
झज्जर। जिले में टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग इसी महीने 100 दिन गांव-गांव जाकर अभियान शुरू करेगा। इसके लिए गांवों में निक्षय शिविर लगाए जाएंगे।
ऐसे गांवों और इलाकों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिन्हित किया जाएगा, जहां पर टीबी के ज्यादा मरीज मिलने की उम्मीद है। जिले में हर साल लगभग दो हजार टीबी के मरीज मिल रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए 100 दिन निक्षय शिविर का आयोजन किया जाएगा। साथ ही झुग्गी-झोपड़ियों में भी शिविर लगाया जाएगा ताकि समय रहते मरीजों का इलाज किया जा सके। इस साल अब तक 1720 टीबी के मरीज सामने आ चुके हैं और लगभग 2230 टीबी के मरीज जिले में इलाज करवा रहे हैं। इनमें से 510 मरीज ऐसे हैं, जो जिले के बाहर के हैं। टीबी का इलाज जिले के सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है।
जिले में पिछले चार सालों में टीबी के मरीज और इलाज
साल मरीज इलाज
2021 1986 2313
2022 2098 2569
2023 1969 2580
2024 1720 2230
टीबी के लक्षण
-तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी होना
-छाती में दर्द होना
-खांसी में खून या बलगम आना
-वजन में कमी होना
-भूख कम लगना
-रात में पसीना आना
-थकान या कमजोरी महसूस करना
-सांस लेने में तकलीफ होना
वर्जन
2025 में टीबी मुक्त भारत मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले में 100 दिनों के लिए निक्षय शिविर का आयोजन कर रही है। इससे समय रहते टीबी के मरीजों का पता कर उनका इलाज किया जा सकेगा।
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-डॉ. कुनाल कादयान, जिला टीबी नोडल अधिकारी, झज्जर
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झज्जर। जिले में टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग इसी महीने 100 दिन गांव-गांव जाकर अभियान शुरू करेगा। इसके लिए गांवों में निक्षय शिविर लगाए जाएंगे।
ऐसे गांवों और इलाकों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिन्हित किया जाएगा, जहां पर टीबी के ज्यादा मरीज मिलने की उम्मीद है। जिले में हर साल लगभग दो हजार टीबी के मरीज मिल रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए 100 दिन निक्षय शिविर का आयोजन किया जाएगा। साथ ही झुग्गी-झोपड़ियों में भी शिविर लगाया जाएगा ताकि समय रहते मरीजों का इलाज किया जा सके। इस साल अब तक 1720 टीबी के मरीज सामने आ चुके हैं और लगभग 2230 टीबी के मरीज जिले में इलाज करवा रहे हैं। इनमें से 510 मरीज ऐसे हैं, जो जिले के बाहर के हैं। टीबी का इलाज जिले के सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है।
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जिले में पिछले चार सालों में टीबी के मरीज और इलाज
साल मरीज इलाज
2021 1986 2313
2022 2098 2569
2023 1969 2580
2024 1720 2230
टीबी के लक्षण
-तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी होना
-छाती में दर्द होना
-खांसी में खून या बलगम आना
-वजन में कमी होना
-भूख कम लगना
-रात में पसीना आना
-थकान या कमजोरी महसूस करना
-सांस लेने में तकलीफ होना
वर्जन
2025 में टीबी मुक्त भारत मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले में 100 दिनों के लिए निक्षय शिविर का आयोजन कर रही है। इससे समय रहते टीबी के मरीजों का पता कर उनका इलाज किया जा सकेगा।
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-डॉ. कुनाल कादयान, जिला टीबी नोडल अधिकारी, झज्जर