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Rohtak News: आनुवांशिकी में निदान पद्धतियों की प्रगति के बारे में बताया

Thu, 20 Feb 2025 01:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:35 AM IST
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Told about the progress of diagnostic methods in genetics
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के जेनेटिक्स विभाग में बुधवार को क्रोनोलॉजिकल जेनेटिक अपडेट लेक्चर सीरीज के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसका विषय जेनेटिक डायग्नोस्टिक में साइटोजेनेटिक्स रहा। एसएमवीडीयू जम्मू के डॉ. राकेश कुमार ने बतौर रिसोर्स पर्सन इस ऑनलाइन व्याख्यान कार्यक्रम में शिरकत की। जेनेटिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया।
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डॉ. राकेश ने मानव आनुवांशिकी में निदान पद्धतियों की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न चिकित्सीय संदर्भों में साइटोजेनेटिक प्रक्रियाओं के फायदों पर जोर दिया, जिसमें क्रोमोसोमल असामान्यताओं की पहचान, प्रसवपूर्व मूल्यांकन, कैंसर निदान और रोग का निदान शामिल है। साइटोजेनेटिक दृष्टिकोण वंशानुगत बीमारियों को समझने और दुर्लभ बीमारियों की खोज की सुविधा प्रदान करते हैं। आनुवंशिक निदान में साइटोजेनेटिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे चिकित्सकों को क्रोमोसोमल असामान्यताओं की पहचान करने में सक्षम बनाती हैं जो आनुवंशिक बीमारियों का कारण बन सकती हैं या उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकती हैं।
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