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Rohtak News: रेडियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की भारी कमी
Wed, 02 Jul 2025 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:53 AM IST
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पीजीआई में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए इंतजार करते मरीज। संवाद
रोहतक। पीजीआई के रेडियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए परेशानी बनती जा रही है। विभाग में 14 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन तीन चिकित्सकों के बलबूते विभाग चला रहा है। इससे मरीजों को तो समय पर जांच मिलती ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों पर भी काम का दबाव है।
रोजाना 600 से 700 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते प्रतिदिन 150 अल्ट्रासाउंड ही हो पाते हैं। सुबह आठ बजे ही अल्ट्रासाउंड कार्ड बनना बंद हो जाते हैं, जिसके चलते मरीजों को सुबह छह बजे ही लाइनों में खड़ा होना पड़ता है।
मंगलवार को जब पांच में से एक अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई। पहले से ही सीमित संसाधनों के बीच यह तकनीकी खराबी मरीजों के लिए और भी बड़ी समस्या बन गई।
गोहाना की पूजा ने बताया की उसने सुबह सात बजे पर्ची बनवाई थी, लेकिन अभी तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। बेटे को पेट दर्द है। एक दिन पहले भी आई थी, लेकिन तब भी नंबर नहीं आया।
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महम निवासी शीला ने कहा मेरे पति को फेफड़ों में समस्या है। सुबह छह बजे आए हैं, अब आठ घंटे हो गए लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। बेहद परेशान हैं।
पीजीआई निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने बताया कि चिकित्सक मिल ही नहीं रहे हैं। जैसे ही चिकित्सक मिलेंगें भर्ती की जाएगी। ज्यादातर डॉक्टर निजी अस्पताल की तरफ जा रहे है। मशीन खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं आया है।
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रोजाना 600 से 700 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते प्रतिदिन 150 अल्ट्रासाउंड ही हो पाते हैं। सुबह आठ बजे ही अल्ट्रासाउंड कार्ड बनना बंद हो जाते हैं, जिसके चलते मरीजों को सुबह छह बजे ही लाइनों में खड़ा होना पड़ता है।
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मंगलवार को जब पांच में से एक अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई। पहले से ही सीमित संसाधनों के बीच यह तकनीकी खराबी मरीजों के लिए और भी बड़ी समस्या बन गई।
गोहाना की पूजा ने बताया की उसने सुबह सात बजे पर्ची बनवाई थी, लेकिन अभी तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। बेटे को पेट दर्द है। एक दिन पहले भी आई थी, लेकिन तब भी नंबर नहीं आया।
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महम निवासी शीला ने कहा मेरे पति को फेफड़ों में समस्या है। सुबह छह बजे आए हैं, अब आठ घंटे हो गए लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। बेहद परेशान हैं।
पीजीआई निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने बताया कि चिकित्सक मिल ही नहीं रहे हैं। जैसे ही चिकित्सक मिलेंगें भर्ती की जाएगी। ज्यादातर डॉक्टर निजी अस्पताल की तरफ जा रहे है। मशीन खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं आया है।