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पीजीआई में तीन हजार नर्सों की जरूरत पर स्वीकृत पद से भी 227 कम हैं नर्सें
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पीजीआई के निदेशक डॉ. एसएस लोहचब।
- फोटो : RohtakCity
प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में नर्सिंग स्टाफ (नर्सिंग ऑफिसर), नर्सिंग सिस्टर (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) समेत विभिन्न पदों पर स्टाफ की भारी कमी है। संस्थान में मरीजों की बढ़ती भीड़ के हिसाब से 3000 से ज्यादा नर्सों की जरूरत है, जबकि यहां पहले से स्वीकृत 1392 पदों में से ही 227 पद रिक्त हैं। ऐसे में संस्थान में एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) व आईएनसी (इंडिया नर्सिंग काउंसिल) के नियमानुसार नर्सिंग स्टाफ का अभाव है। फिलहाल संस्थान में स्वीकृत पदों से दोगुना से भी ज्यादा नर्सों को भर्ती किए जाने की जरूरत है।
नर्स को किसी अस्पताल की रीढ़ कहा जाता है। चिकित्सक के बाद मरीजों की देखभाल व उसे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है। अस्पताल में मरीज को समय पर दवा देना, ड्रिप लगाना, घाव साफ करना, मरीज को संक्रमण से बचाने समेत सभी काम उन्हीं को करने होते हैं। इसके लिए सामान्य वार्ड में प्रत्येक तीन मरीजों की देखभाल के लिए एक नर्स होती है। इसके लिए 35 प्रतिशत लिव रिजर्व रखना जरूरी है।
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आईसीयू में मरीज के लिए एक नर्स एक शिफ्ट के लिए होनी जरूरी है। इस हिसाब से तीन शिफ्टों के लिए तीन व एक नर्स रिजर्व रखना होता है। संस्थान में सामान्य वार्ड, आईसीयू, ट्रामा सेंटर, आपात विभाग, ऑपरेशन थियेटर, सुपर स्पेसिलिटी में नर्सों की जरूरत है। यहां स्टाफ पर काम का अतिरिक्त भार बना हुआ है।
पिछले एक दशक से नहीं है चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट
पीजीआई में नर्सिंग स्टाफ के विभिन्न पद हैं। इनमें चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, एसिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, नर्सिंग सिस्टर (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) व स्टाफ नर्स (नर्सिंग ऑफिसर) पद शामिल हैं। इनमें से पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट ही नहीं है। डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के भी पांच स्वीकृत पदों पर भी किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के तीन में से दो पद रिक्त हैं। एसिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के छह, नर्सिंग सिस्टर के 28 व स्टाफ नर्स के 185 पद रिक्त पड़े हैं। यानी स्वीकृत पदों में से ही बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं।
बगैर नर्सिंग मंजूरी के चल रहे विभाग
पीजीआई में मरीजों का लोड है। यहां मरीजों के हिसाब से नर्सिंग स्टाफ कम है। नियमों के हिसाब से संस्थान में 3000 से अधिक नर्सों की जरूरत है। संस्थान में स्वीकृत पदों में से ही बड़ी संख्या में रिक्त पड़े हैं। यही नहीं, कई विभाग बगैर नर्सिंग मंजूरी के ही चल रहे हैं। इनके लिए स्टाफ की मंजूरी जरूरी है। संस्थान में रिक्त पदों पर स्टाफ की भर्ती के अलावा मरीजों की संख्या के हिसाब से जरूरी पद स्वीकृत किए जाएं। -अशोक कुमार, प्रधान, नर्सिंग एसोसिएशन पीजीआईए।
संस्थान में नर्सिंग स्टाफ की कमी है। नियमानुसार करीब चार हजार नर्सें चाहिए। इस संबंध में सरकार को मांग भेजी हुई है। वहां से मंजूरी मिलने पर ही भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौजूदा स्टाफ से बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास जारी है। -डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।
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- Yogi Adityanath (@myogiadityanath) 12 May 2022
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नर्स को किसी अस्पताल की रीढ़ कहा जाता है। चिकित्सक के बाद मरीजों की देखभाल व उसे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है। अस्पताल में मरीज को समय पर दवा देना, ड्रिप लगाना, घाव साफ करना, मरीज को संक्रमण से बचाने समेत सभी काम उन्हीं को करने होते हैं। इसके लिए सामान्य वार्ड में प्रत्येक तीन मरीजों की देखभाल के लिए एक नर्स होती है। इसके लिए 35 प्रतिशत लिव रिजर्व रखना जरूरी है।
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- Om Birla (@ombirlakota) 12 May 2022
आईसीयू में मरीज के लिए एक नर्स एक शिफ्ट के लिए होनी जरूरी है। इस हिसाब से तीन शिफ्टों के लिए तीन व एक नर्स रिजर्व रखना होता है। संस्थान में सामान्य वार्ड, आईसीयू, ट्रामा सेंटर, आपात विभाग, ऑपरेशन थियेटर, सुपर स्पेसिलिटी में नर्सों की जरूरत है। यहां स्टाफ पर काम का अतिरिक्त भार बना हुआ है।
- Dr. Sudhakar K (@drsudhakark.official) 12 May 2022
पिछले एक दशक से नहीं है चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट
पीजीआई में नर्सिंग स्टाफ के विभिन्न पद हैं। इनमें चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, एसिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, नर्सिंग सिस्टर (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) व स्टाफ नर्स (नर्सिंग ऑफिसर) पद शामिल हैं। इनमें से पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चीफ नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट ही नहीं है। डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के भी पांच स्वीकृत पदों पर भी किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के तीन में से दो पद रिक्त हैं। एसिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के छह, नर्सिंग सिस्टर के 28 व स्टाफ नर्स के 185 पद रिक्त पड़े हैं। यानी स्वीकृत पदों में से ही बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं।
- Delhi Government (@DelhiGovDigital) 12 May 2022
बगैर नर्सिंग मंजूरी के चल रहे विभाग
पीजीआई में मरीजों का लोड है। यहां मरीजों के हिसाब से नर्सिंग स्टाफ कम है। नियमों के हिसाब से संस्थान में 3000 से अधिक नर्सों की जरूरत है। संस्थान में स्वीकृत पदों में से ही बड़ी संख्या में रिक्त पड़े हैं। यही नहीं, कई विभाग बगैर नर्सिंग मंजूरी के ही चल रहे हैं। इनके लिए स्टाफ की मंजूरी जरूरी है। संस्थान में रिक्त पदों पर स्टाफ की भर्ती के अलावा मरीजों की संख्या के हिसाब से जरूरी पद स्वीकृत किए जाएं। -अशोक कुमार, प्रधान, नर्सिंग एसोसिएशन पीजीआईए।
- Vinod Sonkar (@bjpvinodsonkar) 12 May 2022
संस्थान में नर्सिंग स्टाफ की कमी है। नियमानुसार करीब चार हजार नर्सें चाहिए। इस संबंध में सरकार को मांग भेजी हुई है। वहां से मंजूरी मिलने पर ही भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौजूदा स्टाफ से बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास जारी है। -डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।