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Rohtak News: कुलपति ने दूसरे शिक्षक से कराई 84 कापियों की जांच, गड़बड़ी मिलने पर दिए कार्रवाई के निर्देश
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रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) में बीडीएस के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी पाई गई है। रिव्यू में परीक्षकों की जांची गईं करीब 84 कापियों की दोबारा जांच की गई। इसमें पाई गई कमियों के आधार पर विद्यार्थियों को औसत अंक प्रदान कर दोबारा परीक्षा परिणाम जारी किया गया। कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने विद्यार्थियों की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कुलपति ने कहा कि कुछ दिन पहले बीडीएस अंतिम वर्ष के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विषय के कुछ छात्रों ने प्रार्थना पत्र सौंपा था। उनका आरोप था कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में नंबर कम लगाए गए हैं। उनका उचित मूल्यांकन नहीं हुआ है।
इस पर परीक्षा नियंत्रक को जांच के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि परीक्षकों की ओर से जांची गईं कापियों में कमियां हैं। इस पर कुलपति ने उन सभी कापियों को दूसरे सरकारी डेंटल कॉलेज की सीनियर फैकल्टी से रिव्यू कराने के आदेश दिए।
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कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी के साथ किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विवि की पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों को पारदर्शी और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से छात्रों में न्याय की उम्मीद जगी है। विवि प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि विद्यार्थियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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कुलपति ने कहा कि कुछ दिन पहले बीडीएस अंतिम वर्ष के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विषय के कुछ छात्रों ने प्रार्थना पत्र सौंपा था। उनका आरोप था कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में नंबर कम लगाए गए हैं। उनका उचित मूल्यांकन नहीं हुआ है।
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इस पर परीक्षा नियंत्रक को जांच के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि परीक्षकों की ओर से जांची गईं कापियों में कमियां हैं। इस पर कुलपति ने उन सभी कापियों को दूसरे सरकारी डेंटल कॉलेज की सीनियर फैकल्टी से रिव्यू कराने के आदेश दिए।
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कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी के साथ किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विवि की पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों को पारदर्शी और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से छात्रों में न्याय की उम्मीद जगी है। विवि प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि विद्यार्थियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।