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देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षा का स्तर बताएगा एमएचआरडी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 27 Dec 2015 02:45 AM IST
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देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई को ओर बेहतर बनाने के लिए एमएचआरडी (मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डवेलपमेंट) ने कवायद शुरू कर दी है।
किस कॉलेज में पढ़ाई का क्या स्तर है और वह ग्रेडिंग में किस पायदान पर है, अब यह नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क से पता चलेगा। इससे न केवल कॉलेजों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ रहेगी, बल्कि पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा।
प्रदेश में 172 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले कम हो रही है। इसका कारण कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का स्तर लगातार गिरना है।
ऐसे में अब कॉलेजों में कंपीटिशन लाने के लिए एमएचआरडी ने नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेंमवर्क सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के तहत कॉलेजों को ग्रेडिंग दी जाएगी।
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हर सत्र में सभी प्रदेशों के टॉप टेन कॉलेजों की एक सूची तैयार की जाएगी। टॉप टेन कॉलेज किस आधार पर ग्रेडिंग में शामिल हुए और उनमें ऐसा क्या है जो दूसरे कॉलेजों में नहीं है।
ग्रेडिंग से बाहर रहने वाले कॉलेजों में भी पढ़ाई और फैकल्टी आदि का वही स्तर शुरू कराया जाएगा। एमएचआरडी का मानना है कि इससे कॉलेजों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
इसके लिए देशभर के सभी कॉलेजों को 31 दिसंबर से पहले से पहले वेबसाइट पर अपना डाटा अपलोड करना होगा। यानि कॉलेज में पिछले कुछ वर्षों का रिजल्ट क्या रहा, छात्र और फैकल्टी की कितनी संख्या है और कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की क्या सुविधाएं है, इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर डाली जाएगी।
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किस कॉलेज में पढ़ाई का क्या स्तर है और वह ग्रेडिंग में किस पायदान पर है, अब यह नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क से पता चलेगा। इससे न केवल कॉलेजों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ रहेगी, बल्कि पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा।
प्रदेश में 172 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले कम हो रही है। इसका कारण कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का स्तर लगातार गिरना है।
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ऐसे में अब कॉलेजों में कंपीटिशन लाने के लिए एमएचआरडी ने नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेंमवर्क सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के तहत कॉलेजों को ग्रेडिंग दी जाएगी।
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हर सत्र में सभी प्रदेशों के टॉप टेन कॉलेजों की एक सूची तैयार की जाएगी। टॉप टेन कॉलेज किस आधार पर ग्रेडिंग में शामिल हुए और उनमें ऐसा क्या है जो दूसरे कॉलेजों में नहीं है।
ग्रेडिंग से बाहर रहने वाले कॉलेजों में भी पढ़ाई और फैकल्टी आदि का वही स्तर शुरू कराया जाएगा। एमएचआरडी का मानना है कि इससे कॉलेजों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
इसके लिए देशभर के सभी कॉलेजों को 31 दिसंबर से पहले से पहले वेबसाइट पर अपना डाटा अपलोड करना होगा। यानि कॉलेज में पिछले कुछ वर्षों का रिजल्ट क्या रहा, छात्र और फैकल्टी की कितनी संख्या है और कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की क्या सुविधाएं है, इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर डाली जाएगी।