फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   The hobby of collecting made Balakrishna a living 'museum'

संग्रह के शौक ने बालकृष्ण को बनाया सजीव ‘संग्रहालय’

Wed, 01 Sep 2021 01:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:32 AM IST
विज्ञापन
The hobby of collecting made Balakrishna a living 'museum'
The hobby of collecting made Balakrishna a living 'museum'
पुराना सामान संग्रहित करने के शौक ने रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी बालकृष्ण मेहरोत्रा को सजीव ‘संग्रहालय’ बना दिया है। वह 125 वर्ष पुराने पोस्टकार्ड, सिक्के व अन्य चीजें संग्रह कर चुके हैं। इसमें उन्होंने अपने पिता की ओर से संजोई गई कई वस्तुओं को भी सहेज कर रखा हुआ है। उनके पास मुगल कालीन और अंग्रेजी शासन की कई विशेष वस्तुएं मौजूद हैं। बालकृष्ण चीजों को संग्रह करने के लिए मुंह मांगी कीमत अदा कर रहे हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने अपने संग्रह के बारे में जानकारी दी है।
विज्ञापन

ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी बालकृष्ण ने बताया कि उनके पास ईस्ट इंडिया कंपनी के चार पोस्टकार्ड हैं। इनकी कीमत तत्कालीन समय में एक और दो पैसे थी। अब करीब 200 रुपये में उन्होंने पटना के एक व्यक्ति से खरीदे हैं। उनके पास ऐसे 127 पोस्टकार्ड हैं। 19वीं शताब्दी से लेकर 21वीं शताब्दी के भारतीय पोस्टकार्ड संग्रहित करने वाले बालकृष्ण ने बताया कि उन्हें पुरानी चीजों को संग्रहित करने का शौक अपने पिता वजीरचंद मल्होत्रा से विरासत में मिला है।
विज्ञापन

1964 से पुरानी चीजें और पोस्टकार्ड का कर रहे संग्रह
बालकृष्ण के पिता ने पुराने सिक्कों को जमा करने का काम शुरू किया था। इसके बाद वर्ष 1964 से वे भी पुरानी चीजों और पोस्टकार्ड को संग्रहित करने में जुट गए। उन्होंने अंग्रेजी शासन काल में भारत में चलने वाले पोस्टकार्ड को देश की अलग-अलग जगहों से खरीदा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महारानी विक्टोरिया के चित्र वाला पोस्टकार्ड भी किया है संग्रहित
एक अक्टूबर 1896 के भारतीय पोस्टकार्ड पर इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया का चित्र अंकित है। इसकी कीमत उस समय एक पैसा थी। उस समय एक पैसा भी काफी अधिक था। दूसरा पोस्ट कार्ड 12 अप्रैल 1905 का है, इस पर भी ईस्ट इंडिया लिखा है। भारत के तत्कालीन सम्राट एडवर्ड सात का चित्र इस पर अंकित है। इसकी कीमत भी एक पैसा है। तीसरा पोस्ट कार्ड पांच मार्च 1923 और चौथा पांच अगस्त 1929 का है। इस पोस्ट कार्ड पर भारत के तत्कालीन सम्राट जार्ज पांचवें की मुखाकृति अंकित है। पोस्ट कार्ड का मूल्य दो पैसे हैं। यह पोस्ट कार्ड दिल्ली के सम्राट जार्ज पंचम के राज्याभिषेक की स्मृति में 1911 में सरकारी कार्य के लिए विशेष रूप से जारी किया गया था। इस पोस्ट कार्ड पर ताज सुनहरे रंग में अंकित है। चौथा पोस्ट कार्ड पांच अगस्त 1929 का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed