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लुढ़कते तापमान ने बढ़ाई नौनिहालों की मुश्किलें

Wed, 22 Dec 2021 02:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 02:21 AM IST
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The falling temperature increased the difficulties of the youngsters
विकास सैनी
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रोहतक। उत्तर पश्चिमी शीतलहर व शून्य की ओर लुढ़कते तापमान ने नौनिहालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अस्पतालों में निमोनिया, टायफाइड, अस्थमा मरीजों की भरमार लगी है। इसमें निमोनिया ज्यादा परेशान कर रहा है। सिविल अस्पताल के शिशु रोग विभाग में रोजाना औसतन करीब दस निमोनिया के मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पीजीआई व अन्य अस्पतालों के मरीजों का आंकड़ा भी जोड़ें तो जिले में निमोनिया के ही रोजाना 20 से 25 केस रोज आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी है।
ठंड का कहर पिछले कुछ दिनों से लगातार बना हुआ है। मंगलवार को भी जिले में अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान लगातार जमाव बिंदु के आसपास ही बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर पश्चिमी शीतलहर भी जारी है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड बनी हुई है। यह ठंड बच्चों खासकर दो साल तक के बच्चों को ज्यादा परेशान कर रही है।
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बच्चों को सर्दी से बचाना जरूरी
कम होते तापमान में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। छोटे बच्चों को जितना संभव हो कपड़े पहना कर रखें। गीला होने पर तुरंत कपड़े बदलें। बच्चों को जुराब, कैप पहनाएं। दो साल से बड़े बच्चों को सुबह व शाम के समय बाहर निकलने से बचाएं। जितना संभव हो घर में रह कर ही खेलें।
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बच्चों के खाने-पीने का रखें ध्यान
सर्द मौसम में खाने-पीने का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जितना संभव हो गर्म खाना खाएं। गर्म पानी व पेय पदार्थ का सेवन करें। इसमें सूप व अन्य पौष्टिक तरल शामिल हैं। ताजा खाना खायें। ये छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को सुरक्षित रखने में अहम हैं।

- डॉ. गुलशन चितकारा, शिशु रोग विभाग, सिविल अस्पताल।
शीतलहर व गिरता तापमान निमोनिया का कारण बन जाता है। सर्दी, जुकाम के अलावा टायफाइड, निमोनिया, अस्थमा पीड़ितों की संख्या कुछ दिनों में बढ़ी है। निमोनिया के भी ओपीडी में करीब 10 केस आ रहे हैं। इन्हें इलाज से ज्यादा ठंड से बचाव व देखभाल की जरूरत है।
- डॉ. जसबीर परमार, शिशु रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल।
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