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Rohtak News: पूरी रात लगकर चौबीस घंटे में बुझी फैक्टरी में लगी आग
Sun, 07 Jun 2026 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:48 AM IST
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महम। हिसार रोड पर स्थित जोनी प्लास्टिक स्क्रैप फैक्टरी में लगी आग पर 24 घंटे में नियंत्रण पाया गया। आग बुझाने के लिए महम, हांसी व रोहतक से दमकल की गाड़ियां पूरी रात लगी रहीं। राकेश भारद्वाज ने दमकल विभाग व स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए इसे फेलियर करार दिया है।
उन्होंने कहा कि दमकल विभाग ने पूरी रात आग बुझाने के लिए फोम का प्रयोग नहीं किया जबकि इस तरह की आग लगने की स्थिति में फोम का प्रयोग किया जाता है। विभाग को सुबह फोम की याद आई तब जाकर आग पर बुझाई जा सकी।
उनका कहना है कि अगर समय रहते फोम का इस्तेमाल किया जाता तो करोड़ों रुपये का सामान बचाया जा सकता था। दूसरी तरफ प्रशासन देरी से पहुंचा था। आवश्यक मदद यंत्रों को घटनास्थल पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
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पूर्व नपा प्रधान फतेह सिंह पवार ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने लोन लेकर कबाड़ का काम शुरू किया था। यहां पर बड़ी मात्रा में खरीदा हुआ प्लास्टिक स्क्रैप था। पूरी जिंदगी की कमाई यहीं पर थी। इसका बीमा भी नहीं था। नुकसान के बाद संचालक गहरे सदमे में है।
सरकार और प्रशासन को पीडि़त की मदद करनी चाहिए ताकि दोबारा से अपने पैरों पर खड़ा हो सकें। स्थानीय स्टेशन फायर ऑफिसर तरुण महलावत का कहना है कि आग पेट्रोलियम पदार्थ में लगी थी। बड़े स्तर पर होने व गाड़ियों के आने जाने का तंग रास्ता व नजदीक पानी न होने के बावजूद कर्मचारी पूरे जोश के साथ लगे रहे।
इतने बड़े स्तर व इस तरह के प्लास्टिक पर बहादुरगढ़ व गुरुग्राम में आग पर नियंत्रण पाने में लगभग एक सप्ताह लग जाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की आग पर फोम नहीं बल्कि पानी ही फेंका जाता है।
फोटो 01 शनिवार सुबह आग बुझाने में लगी दमकल की गाड़ी । संवाद
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उन्होंने कहा कि दमकल विभाग ने पूरी रात आग बुझाने के लिए फोम का प्रयोग नहीं किया जबकि इस तरह की आग लगने की स्थिति में फोम का प्रयोग किया जाता है। विभाग को सुबह फोम की याद आई तब जाकर आग पर बुझाई जा सकी।
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उनका कहना है कि अगर समय रहते फोम का इस्तेमाल किया जाता तो करोड़ों रुपये का सामान बचाया जा सकता था। दूसरी तरफ प्रशासन देरी से पहुंचा था। आवश्यक मदद यंत्रों को घटनास्थल पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
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पूर्व नपा प्रधान फतेह सिंह पवार ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने लोन लेकर कबाड़ का काम शुरू किया था। यहां पर बड़ी मात्रा में खरीदा हुआ प्लास्टिक स्क्रैप था। पूरी जिंदगी की कमाई यहीं पर थी। इसका बीमा भी नहीं था। नुकसान के बाद संचालक गहरे सदमे में है।
सरकार और प्रशासन को पीडि़त की मदद करनी चाहिए ताकि दोबारा से अपने पैरों पर खड़ा हो सकें। स्थानीय स्टेशन फायर ऑफिसर तरुण महलावत का कहना है कि आग पेट्रोलियम पदार्थ में लगी थी। बड़े स्तर पर होने व गाड़ियों के आने जाने का तंग रास्ता व नजदीक पानी न होने के बावजूद कर्मचारी पूरे जोश के साथ लगे रहे।
इतने बड़े स्तर व इस तरह के प्लास्टिक पर बहादुरगढ़ व गुरुग्राम में आग पर नियंत्रण पाने में लगभग एक सप्ताह लग जाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की आग पर फोम नहीं बल्कि पानी ही फेंका जाता है।
फोटो 01 शनिवार सुबह आग बुझाने में लगी दमकल की गाड़ी । संवाद