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Rohtak News: अंधियारी व्यवस्था में ख्वाब रोशन करने की जिद
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13सीटीके48...राजीव गांधी स्टेडियम में टूटा स्केटिंग का ट्रैक और बिजली के पोल। संवाद
रोहतक।
राजीव गांधी खेल परिसर में स्केटिंग के खिलाड़ियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बरसात के मौसम में खिलाड़ी झाड़ियों से अटे ट्रैक पर देर शाम बगैर रोशनी के अभ्यास करने को विवश हैं। यहां पोल तो लगे हैं पर बिजली गुल है। सूरज ढलने के साथ ही यहां अंधेरा पांव पसार लेता है। इस लचर व्यवस्था से खिलाड़ी और अभिभावक परेशान हैं। अव्यवस्था की स्थिति में भी ख्वाब रोशन करने की जिद के साथ युवा अंधेरे में भी अभ्यास करते नजर आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का राजीव गांंधी खेल परिसर अपनी सुविधाओं के लिए प्रदेश में प्रसिद्ध रहा है। पिछले कई वर्षों से देखरेख के अभाव के चलते इस खेल परिसर के ज्यादातर खेल मैदान जर्जर हाल हो चले हैं। इनमें स्केटिंग ट्रैक मुख्य है। यह ट्रैक कहीं से उखड़ा हुआ है तो कहीं झाड़ियां उगी हैं। जर्जर ट्रैक पर रोशनी भी नहीं है जबकि यहां ट्रैक के चारों तरफ बिजली के पोल लगे हुए हैं। इन पर हाई मास्क लाइट भी लगी हैं।
अभिभावकों ने कहा कि ट्रैक पर काफी समय से बिजली की व्यवस्था नहीं है। खिलाड़ियों को अंधेरे में अभ्यास करना पड़ रहा है। कुछ समय पहले तक इनमें बिजली भी आती थी और ये रोशनी भी देते थे। पिछले काफी समय से किसी कारणवश यहां का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इस कारण रात भर यहां अंधेरा पसरा रहता है।
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बिजली कनेक्शन कटने के बाद से यहां रोशनी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। अंधेरा होने पर यहां अभ्यास करना नामुमकिन है। जर्जर हाल ट्रैक पर अंधेरे में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। ट्रैक के चारों तरफ घास व झाड़ियां उगी हैं। इनमें जहरीले जीव घर कर लेते हैं। अंधेरे में इनसे भी खतरा बना रहता है।
पुलकित, खिलाड़ी।
स्टेडियम में स्केटिंग ट्रैक पर रोशनी के लिए पोल लगे हैं। बिजली नहीं है। ट्रैक पर न तो सफाई है न बैठने की व्यवस्था। धूप और बारिश से बचाने के भी इंतजाम नहीं हैं। बिना सुविधाएं यहां अभ्यास करना कठिन है।
हेमांक, खिलाड़ी।
वर्जन :
स्टेडियम परिसर में बाहरी युवा आते रहते हैं। किसी बाहरी युवक ने ही बिजली आपूर्ति से छेड़छाड़ की है। परिसर के शौचालय से कई बार सामान भी चोरी हो चुका है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
मनोज कुमार, जिला खेल अधिकारी।
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राजीव गांधी खेल परिसर में स्केटिंग के खिलाड़ियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बरसात के मौसम में खिलाड़ी झाड़ियों से अटे ट्रैक पर देर शाम बगैर रोशनी के अभ्यास करने को विवश हैं। यहां पोल तो लगे हैं पर बिजली गुल है। सूरज ढलने के साथ ही यहां अंधेरा पांव पसार लेता है। इस लचर व्यवस्था से खिलाड़ी और अभिभावक परेशान हैं। अव्यवस्था की स्थिति में भी ख्वाब रोशन करने की जिद के साथ युवा अंधेरे में भी अभ्यास करते नजर आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का राजीव गांंधी खेल परिसर अपनी सुविधाओं के लिए प्रदेश में प्रसिद्ध रहा है। पिछले कई वर्षों से देखरेख के अभाव के चलते इस खेल परिसर के ज्यादातर खेल मैदान जर्जर हाल हो चले हैं। इनमें स्केटिंग ट्रैक मुख्य है। यह ट्रैक कहीं से उखड़ा हुआ है तो कहीं झाड़ियां उगी हैं। जर्जर ट्रैक पर रोशनी भी नहीं है जबकि यहां ट्रैक के चारों तरफ बिजली के पोल लगे हुए हैं। इन पर हाई मास्क लाइट भी लगी हैं।
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अभिभावकों ने कहा कि ट्रैक पर काफी समय से बिजली की व्यवस्था नहीं है। खिलाड़ियों को अंधेरे में अभ्यास करना पड़ रहा है। कुछ समय पहले तक इनमें बिजली भी आती थी और ये रोशनी भी देते थे। पिछले काफी समय से किसी कारणवश यहां का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इस कारण रात भर यहां अंधेरा पसरा रहता है।
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बिजली कनेक्शन कटने के बाद से यहां रोशनी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। अंधेरा होने पर यहां अभ्यास करना नामुमकिन है। जर्जर हाल ट्रैक पर अंधेरे में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। ट्रैक के चारों तरफ घास व झाड़ियां उगी हैं। इनमें जहरीले जीव घर कर लेते हैं। अंधेरे में इनसे भी खतरा बना रहता है।
पुलकित, खिलाड़ी।
स्टेडियम में स्केटिंग ट्रैक पर रोशनी के लिए पोल लगे हैं। बिजली नहीं है। ट्रैक पर न तो सफाई है न बैठने की व्यवस्था। धूप और बारिश से बचाने के भी इंतजाम नहीं हैं। बिना सुविधाएं यहां अभ्यास करना कठिन है।
हेमांक, खिलाड़ी।
वर्जन :
स्टेडियम परिसर में बाहरी युवा आते रहते हैं। किसी बाहरी युवक ने ही बिजली आपूर्ति से छेड़छाड़ की है। परिसर के शौचालय से कई बार सामान भी चोरी हो चुका है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
मनोज कुमार, जिला खेल अधिकारी।