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Rohtak News: अंग्रेजों के समय की जमाबंदी नहीं मानी अदालत ने, मालिक बनाने की याचिका खारिज

Sat, 31 May 2025 01:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 May 2025 01:55 AM IST
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The court did not accept the jamabandi of the British period, the petition to make the owner rejected
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। अदालत ने 100 साल पुराने जमीन के रिकाॅर्ड व जमाबंदी के आधार पर याचिकाकर्ता को जमीन का मालिक मानने से इन्कार कर दिया है। साथ ही एएसजे रजनी यादव की अदालत ने भी निचली अदालत की तरह मालिक मानने की याचिका खारिज कर दी।
रिकार्ड के मुताबिक पाड़ा गांव निवासी चंद्र व अन्य ने अदालत में याचिका दायर की थी कि उनकी दो बीघा जमीन है। 2010 के रिकाॅर्ड के अंदर उनके पूर्वज बतौर बिस्सेदार (सामूहिक जमीन में हिस्सा होना) जमीन पर काबिज थे, लेकिन 1961 में राजस्व विभाग ने गलती से उनको बिस्सेदार की जगह गैर-मारुसि (जमीन विरासत में न मिलना) लिख दिया।
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इसके चलते 2008 में अदालत में केस दायर किया गया, जो 2017 तक चला। इसी बीच 2010 में जमीन नगर निगम के नाम हो गई। याचिकाकर्ता केस हार गया तो उसने सेशन कोर्ट में याचिका दायर की। अब सेशन कोर्ट ने भी जमीन का मालिकाना हक याचिकाकर्ता को देने से इन्कार कर दिया।
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