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Rohtak News: बीएसबी नहर में 450 क्यूसेक पानी कम आने से शहर में बढ़ी पेयजल किल्लत
Sun, 10 May 2026 04:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 10 May 2026 04:36 AM IST
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10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।
रोहित राठौर
रोहतक। शहरवासी पेयजल की किल्लत से परेशान हैं। कॉलोनियों में लोग सबमर्सिबल लगवा तो रहे हैं लेकिन इनका खारा पानी स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर में 1200 क्यूसेक के बजाय 750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे शहर के जलघरों के टैंक भर नहीं पा रहे हैं। इसी कारण शहर की 80 से अधिक कॉलोनियों में एक समय पानी नसीब हो रहा है।
शहर की करीब छह लाख आबादी बीएसबी नहर और जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर पर निर्भर है। इनमें पानी होगा तो लोगों की प्यास बुझेगी। नहीं होगा तो संकट बढ़ता है। टीम ने शनिवार को पेयजल व्यवस्था की पड़ताल की।
जेएलएन नहर में पानी की पूर्ति नहीं हो रही जबकि बीएसबी नहर में आठ दिन के लिए मात्र 750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह भी 12 मई को बंद होने की बात कही जा रही है। उधर, जलघरों में 40-50 प्रतिशत ही पानी बचा है जिससे नहर बिल्कुल बंद हो जाने के बाद 10 दिन भी लोगों को पानी मिलना मुश्किल है।
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सबमर्सिबल के खारे पानी से हो रहे त्वचा रोग
शौरा कोठी निवासी राधा का कहना है कि गली में सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो रहा है। सार्वजनिक चौपाल में लगे सबमर्सिबल का खारा पानी इस्तेमाल करने से त्वचा के रोग भी हो रहे हैं। संवाद
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27 मई को जेएलएन नहर में पानी आने के आसार
सिंचाई विभाग के अनुसार, जेएलएन नहर में 2 मई को जलापूर्ति बंद हो गई थी। इसमें पहले एक सप्ताह तक 2800 क्यूसेक के बजाय 1200 क्यूसेक तक पानी आ रहा था जिससे जन स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बढ़ी थी। हालांकि, बाद में हालात ठीक हो गए थे। अब जेएलएन नहर में 24 दिन नहरबंदी के बाद 27 मई को पानी आने के आसार हैं जबकि नवंबर-2025 से पहले जेएलएन नहर में 16 दिन के बाद पानी आता था। बीएसबी नहर में बंदी के 30 दिन बाद जलापूर्ति होगी।
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चार माह बाद भी रैनकपुरा बूस्टिंग स्टेशन नहीं हो सका चालू
2007 के बाद से रैनकपुरा क्षेत्र की कॉलोनियों में सप्लाई का पानी नहीं पहुंचता है। विभाग की ओर से रैनकपुरा, खोखराकोट, कबीर कॉलोनी, बालकनाथ कॉलोनी, तेज कॉलोनी व फौजी कॉलोनी में पेयजल संकट से राहत के लिए रैनकपुरा बूस्टिंग स्टेशन का ढांचागत निर्माण जनवरी 2026 में करवाया गया था। 16 लाख लीटर क्षमता के लिए मोटरें भी लगा दी गईं लेकिन अभी बूस्टिंग स्टेशन पर न पानी उपलब्ध और न बिजली की कनेक्शन। आज भी इन कॉलोनियों के लोग गली में टैंकर का इंतजार करते हैं।
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इन कॉलोनियों में रहती है अधिक किल्लत
शहर की तेज कॉलोनी, खोखराकोट क्षेत्र, शोरा कोठी, रैनकपुरा, माता दरवाजा, बड़सी नगर, बाबरा मोहल्ला, पाड़ा मोहल्ला, सुभाष नगर, आदर्श नगर, न्यू चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, मॉडल टाउन, झंग कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, प्रीत विहार, आंबेडकर कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी, एकता कॉलोनी, तिलक नगर, रामगोपाल कॉलोनी, गांधी कैंप क्षेत्र राजीव नगर, ग्रीन पार्क कॉलोनी व गीत कॉलोनी।
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120 लीटर प्रति व्यक्ति मिल रहा पानी
अफसरों के मुताबिक, शहर के तीन जलघरों से करीब छह लाख आबादी को जलापूर्ति होती है। इनमें 80 हजार कनेक्शन शामिल हैं। शहर को कुल नौ करोड़ लीटर पानी चाहिए। प्रति व्यक्ति 176 लीटर के हिसाब से आपूर्ति भी होती है लेकिन घरों तक औसतन 120 लीटर ही पहुंच पाता है।
अभी नहर में पानी चल रहा है। शहर की कॉलोनियों में पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभी पर्याप्त मात्रा में पानी है। जेएलएन नहर में स्टोर किया गया है।
- संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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वर्ष 2022 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ग्रीवेंस कमेटी में इस क्षेत्र का मुद्दा उठाया गया था। 2025 में दो बार सड़क जाम करनी पड़ी थी। विभाग ने तेजी दिखाते हुए काम शुरू किया। भवन बनाया दिया लेकिन चालू अभी तक नहीं हो सका है।
- राजेश गुलिया, जजपा हलका प्रधान, रोहतक
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छह माह से पानी की किल्लत है। 500 मीटर दूर से पानी लेकर आते हैं। टैंकर के लिए बार-बार जन स्वास्थ्य विभाग को गुहार लगाई जाती है। न मिलने पर टैंकर खरीदते हैं।
- कमला, शौरा कोठी
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गली में सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो रहा है। नजदीक की सार्वजनिक चौपाल में सबमर्सिबल लगा हुआ है। इसका पानी इस्तेमाल करते हैं और वह भी खारा है। त्वचा रोग भी हो रहे हैं।
- राधा, शौरा कोठी
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रैनकपुरा क्षेत्र में छह हजार से अधिक आबादी है। प्रशासन की लापरवाही और काम में ढील के कारण पेयजल किल्लत से जूझ रहा है। घरों के बाहर खाली टंकियां रखी हैं कि कब टैंकर आ जाए।
- जगबीर सिंह, रैनकपुरा
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प्रशासन ने बूस्टर भी बना दिया। मोटरें भी रख दीं लेकिन अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं किया है। लगता है कि इस बार भी गर्मी में पेयजल संकट और बढ़ेगा।
- कृष्ण, रैनकपुरा
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रोहतक। शहरवासी पेयजल की किल्लत से परेशान हैं। कॉलोनियों में लोग सबमर्सिबल लगवा तो रहे हैं लेकिन इनका खारा पानी स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर में 1200 क्यूसेक के बजाय 750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे शहर के जलघरों के टैंक भर नहीं पा रहे हैं। इसी कारण शहर की 80 से अधिक कॉलोनियों में एक समय पानी नसीब हो रहा है।
शहर की करीब छह लाख आबादी बीएसबी नहर और जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर पर निर्भर है। इनमें पानी होगा तो लोगों की प्यास बुझेगी। नहीं होगा तो संकट बढ़ता है। टीम ने शनिवार को पेयजल व्यवस्था की पड़ताल की।
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जेएलएन नहर में पानी की पूर्ति नहीं हो रही जबकि बीएसबी नहर में आठ दिन के लिए मात्र 750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह भी 12 मई को बंद होने की बात कही जा रही है। उधर, जलघरों में 40-50 प्रतिशत ही पानी बचा है जिससे नहर बिल्कुल बंद हो जाने के बाद 10 दिन भी लोगों को पानी मिलना मुश्किल है।
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सबमर्सिबल के खारे पानी से हो रहे त्वचा रोग
शौरा कोठी निवासी राधा का कहना है कि गली में सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो रहा है। सार्वजनिक चौपाल में लगे सबमर्सिबल का खारा पानी इस्तेमाल करने से त्वचा के रोग भी हो रहे हैं। संवाद
27 मई को जेएलएन नहर में पानी आने के आसार
सिंचाई विभाग के अनुसार, जेएलएन नहर में 2 मई को जलापूर्ति बंद हो गई थी। इसमें पहले एक सप्ताह तक 2800 क्यूसेक के बजाय 1200 क्यूसेक तक पानी आ रहा था जिससे जन स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बढ़ी थी। हालांकि, बाद में हालात ठीक हो गए थे। अब जेएलएन नहर में 24 दिन नहरबंदी के बाद 27 मई को पानी आने के आसार हैं जबकि नवंबर-2025 से पहले जेएलएन नहर में 16 दिन के बाद पानी आता था। बीएसबी नहर में बंदी के 30 दिन बाद जलापूर्ति होगी।
चार माह बाद भी रैनकपुरा बूस्टिंग स्टेशन नहीं हो सका चालू
2007 के बाद से रैनकपुरा क्षेत्र की कॉलोनियों में सप्लाई का पानी नहीं पहुंचता है। विभाग की ओर से रैनकपुरा, खोखराकोट, कबीर कॉलोनी, बालकनाथ कॉलोनी, तेज कॉलोनी व फौजी कॉलोनी में पेयजल संकट से राहत के लिए रैनकपुरा बूस्टिंग स्टेशन का ढांचागत निर्माण जनवरी 2026 में करवाया गया था। 16 लाख लीटर क्षमता के लिए मोटरें भी लगा दी गईं लेकिन अभी बूस्टिंग स्टेशन पर न पानी उपलब्ध और न बिजली की कनेक्शन। आज भी इन कॉलोनियों के लोग गली में टैंकर का इंतजार करते हैं।
इन कॉलोनियों में रहती है अधिक किल्लत
शहर की तेज कॉलोनी, खोखराकोट क्षेत्र, शोरा कोठी, रैनकपुरा, माता दरवाजा, बड़सी नगर, बाबरा मोहल्ला, पाड़ा मोहल्ला, सुभाष नगर, आदर्श नगर, न्यू चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, मॉडल टाउन, झंग कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, प्रीत विहार, आंबेडकर कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी, एकता कॉलोनी, तिलक नगर, रामगोपाल कॉलोनी, गांधी कैंप क्षेत्र राजीव नगर, ग्रीन पार्क कॉलोनी व गीत कॉलोनी।
120 लीटर प्रति व्यक्ति मिल रहा पानी
अफसरों के मुताबिक, शहर के तीन जलघरों से करीब छह लाख आबादी को जलापूर्ति होती है। इनमें 80 हजार कनेक्शन शामिल हैं। शहर को कुल नौ करोड़ लीटर पानी चाहिए। प्रति व्यक्ति 176 लीटर के हिसाब से आपूर्ति भी होती है लेकिन घरों तक औसतन 120 लीटर ही पहुंच पाता है।
अभी नहर में पानी चल रहा है। शहर की कॉलोनियों में पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभी पर्याप्त मात्रा में पानी है। जेएलएन नहर में स्टोर किया गया है।
- संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
वर्ष 2022 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ग्रीवेंस कमेटी में इस क्षेत्र का मुद्दा उठाया गया था। 2025 में दो बार सड़क जाम करनी पड़ी थी। विभाग ने तेजी दिखाते हुए काम शुरू किया। भवन बनाया दिया लेकिन चालू अभी तक नहीं हो सका है।
- राजेश गुलिया, जजपा हलका प्रधान, रोहतक
छह माह से पानी की किल्लत है। 500 मीटर दूर से पानी लेकर आते हैं। टैंकर के लिए बार-बार जन स्वास्थ्य विभाग को गुहार लगाई जाती है। न मिलने पर टैंकर खरीदते हैं।
- कमला, शौरा कोठी
गली में सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो रहा है। नजदीक की सार्वजनिक चौपाल में सबमर्सिबल लगा हुआ है। इसका पानी इस्तेमाल करते हैं और वह भी खारा है। त्वचा रोग भी हो रहे हैं।
- राधा, शौरा कोठी
रैनकपुरा क्षेत्र में छह हजार से अधिक आबादी है। प्रशासन की लापरवाही और काम में ढील के कारण पेयजल किल्लत से जूझ रहा है। घरों के बाहर खाली टंकियां रखी हैं कि कब टैंकर आ जाए।
- जगबीर सिंह, रैनकपुरा
प्रशासन ने बूस्टर भी बना दिया। मोटरें भी रख दीं लेकिन अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं किया है। लगता है कि इस बार भी गर्मी में पेयजल संकट और बढ़ेगा।
- कृष्ण, रैनकपुरा

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।

10-जगबीर सिंह, रैनकपुरा।