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टेस्ट के विरोध में सड़कों पर उतरे कला अध्यापक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 30 Nov 2015 02:02 AM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से लिए जा रहे टेस्ट केे विरोध में प्रदेश भर से कला अध्यापक सड़क पर उतर आए।
कला अध्यापकों ने पंचकूला और अंबाला में रविवार को होने वाले टेस्ट को देने के बजाय रोहतक में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए अध्यापक लघु सचिवालय पहुंचे और वहां धरना देकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, प्रदेश सरकार 2010 में भर्ती हुए कला अध्यापकों के ज्ञान का टेस्ट लेना चाहती है, जिसके लिए रविवार का दिन तय किया गया था।
प्रदेश में पंचकूला और अंबाला दो सेंटर बनाए गए थे। प्रदेश भर के कला अध्यापक टेस्ट देने के बजाय हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के तत्वावधान में शहर के राजीव गांधी स्टेडियम में इकट्ठा हो गए।
सुबह नौ बजे करीब सात सौ अध्यापक जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई महिला अध्यापक अपने बच्चों के साथ विरोध जताने पहुंची थीं।
संघ के उप प्रधान पंकज कौशिक ने बताया कि 2010 में भर्ती प्रक्रिया के बाद अब ज्ञान टेस्ट लेने का कोई औचित्य नहीं है।
अध्यापाकों ने करीब दो घंटों तक धरना प्रदर्शन करते हुए तहसीलदार गुलाब सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस टेस्ट को बंद कराया जाए, अन्यथा सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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धरना-प्रदर्शन करने वालों में दीपक गौतम, भंवर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेश, बलजीत सिंह, दयानंद शर्मा, सीमा, कविता और ललिता, प्रमोद, पूनम, रूचि, सतीश, नीलम, ज्योति और गीता आदि मौजूद रहे।
विरोध का कारण
संघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय में वर्ष 2010 में 816 कला अध्यापक भर्ती हुए थे। इसके बाद उन अभ्यर्थियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिनका चयन नहीं हुआ था। इस मामले को लेकर फिलहाल हाइकोर्ट ने स्टे कर रखा है। इस बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कला अध्यापकों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसके तहत 816 कला अध्यापकों के लिए दोबारा से टेस्ट की शर्त रख दी गई है। इस टेस्ट में वह अभ्यर्थी भी शामिल है, जिनका चयन वर्ष 2010 में नहीं हुआ था। कला अध्यापक इसी का विरोध कर रहे हैं।
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कला अध्यापकों ने पंचकूला और अंबाला में रविवार को होने वाले टेस्ट को देने के बजाय रोहतक में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए अध्यापक लघु सचिवालय पहुंचे और वहां धरना देकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, प्रदेश सरकार 2010 में भर्ती हुए कला अध्यापकों के ज्ञान का टेस्ट लेना चाहती है, जिसके लिए रविवार का दिन तय किया गया था।
प्रदेश में पंचकूला और अंबाला दो सेंटर बनाए गए थे। प्रदेश भर के कला अध्यापक टेस्ट देने के बजाय हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के तत्वावधान में शहर के राजीव गांधी स्टेडियम में इकट्ठा हो गए।
सुबह नौ बजे करीब सात सौ अध्यापक जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई महिला अध्यापक अपने बच्चों के साथ विरोध जताने पहुंची थीं।
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संघ के उप प्रधान पंकज कौशिक ने बताया कि 2010 में भर्ती प्रक्रिया के बाद अब ज्ञान टेस्ट लेने का कोई औचित्य नहीं है।
अध्यापाकों ने करीब दो घंटों तक धरना प्रदर्शन करते हुए तहसीलदार गुलाब सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस टेस्ट को बंद कराया जाए, अन्यथा सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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धरना-प्रदर्शन करने वालों में दीपक गौतम, भंवर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेश, बलजीत सिंह, दयानंद शर्मा, सीमा, कविता और ललिता, प्रमोद, पूनम, रूचि, सतीश, नीलम, ज्योति और गीता आदि मौजूद रहे।
विरोध का कारण
संघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय में वर्ष 2010 में 816 कला अध्यापक भर्ती हुए थे। इसके बाद उन अभ्यर्थियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिनका चयन नहीं हुआ था। इस मामले को लेकर फिलहाल हाइकोर्ट ने स्टे कर रखा है। इस बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कला अध्यापकों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसके तहत 816 कला अध्यापकों के लिए दोबारा से टेस्ट की शर्त रख दी गई है। इस टेस्ट में वह अभ्यर्थी भी शामिल है, जिनका चयन वर्ष 2010 में नहीं हुआ था। कला अध्यापक इसी का विरोध कर रहे हैं।