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Rohtak News: अस्थायी नियुक्ति...तीन चिकित्सकों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा

Thu, 24 Jul 2025 02:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jul 2025 02:18 AM IST
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Temporary appointment...three doctors approached the court
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई से चिकित्सकों को डेपुटेशन (अस्थायी नियुक्ति) पर नए मेडिकल कॉलेजों में भेजने का मामला तूल पकड़ने लगा है। डेपुटेशन पर भेजे गए चार में तीन चिकित्सकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है जबकि एक ने कार्यभार संभाल लिया है।
डीएमईआर (डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) के निर्देश पर पीजीआई के चार चिकित्सकों को डेपुटेशन पर भेजने के फैसले को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सही बताया है। इसके पीछे बाकी मेडिकल कॉलेजों को सुचारु रूप से चलाने का तर्क दिया गया है।
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प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं कभी भी चरमरा सकती हैं। इसकी बड़ी वजह पीजीआई के चिकित्सकों को उनकी मर्जी के विरुद्ध नए मेडिकल कॉलेजों में भेजना है। हाल ही में डीएमईआर के निर्देश पर पीजीआई से चार चिकित्सकों को डेपुटेशन पर भेजा गया। इसके बाद संस्थान में विवाद खड़ा हो गया।
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एचएसएमटीए (हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन) ने स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल से मुलाकात कर डेपुटेशन न देने की अपील की। इस संबंध में अपना मांग पत्र भी उन्हें सौंपा था। इसके बाद से एसोसिएशन को डीएमईआर के नए निर्देशों का इंतजार है।
इधर, डेपुटेशन पर भेजे गए चार में से तीन चिकित्सकों ने उनकी मर्जी जाने बगैर नए मेडिकल कॉलेज में भेजने के खिलाफ याचिका दायर करते हुए संस्थान में अपना कार्यभार वापस संभाल लिया है। इनमें से एक चिकित्सक ने डेपुटेशन पर भिवानी में कार्यभार संभाल लिया है।
चिकित्सकों का कहना है कि पीजीआई में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। इस पर भी डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। इससे व्यवस्था गड़बड़ाएगी इसलिए चिकित्सकों को दूसरी जगह उनकी मर्जी जाने बगैर न भेजा जाए।

नए मेडिकल कॉलेज सुचारु रूप से चलाना जरूरी : आरती राव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि पीजीआई से प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की शिफ्टिंग का फैसला गलत नहीं है। सभी मेडिकल कॉलेजों को सुचारु रूप से चलाना जरूरी है इसलिए वहां डॉक्टरों की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

नए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब मंत्रालय संभाला तो डॉक्टरों की भारी कमी थी। पिछले कुछ समय में ही 800 डॉक्टरों की भर्ती हो चुकी है। अब कुछ असर दिखेगा। डॉक्टरों की कमी के अलावा छोटे मुद्दों से जल्द निपट लिया जाएगा। हालात बेहतर बनाने के लिए हर दिन प्रयास चल रहे हैं।
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