युवा कौशल विकास के लिए प्रदेश का पहला प्रौद्योगिक केंद्र शुरू हुआ है। विश्व बैंक की सहायता से सूक्ष्म व मध्यम उद्योग मंत्रालय ने 125 करोड़ की लागत से यह केंद्र स्थापित किया है। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने आईएमटी में स्थापित केंद्र का शुभारंभ किया।
सांसद ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह केंद्र मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश का पहला प्रौद्योगिक केंद्र है, जिसमें 96 घंटे से लेकर चार वर्ष की अवधि के पाठ्यक्रम करवाए जाएंगे। केंद्र में एआईसीटीआई और एचएसबीटीआई से मान्यता प्राप्त तीन वर्ष का डिप्लोमा इन मेकाट्रॉनिक्स और चार साल का एडवांस डिप्लोमा इन टूल एंड डाई मेकिंग का कोर्स भी करवाया जाएगा। ऐसे पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 20 एकड़ में बना केंद्र युवाओं लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने को केंद्र व राज्य सरकारों ने कई योजनाएं शुरू की हैं। योग्य युवकों को बिना खर्ची और पर्ची नौकरी मिल रही है। जबकि, पिछली सरकार के दौरान नौकरियों के लिए बोली लगती थी। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर ईमानदार सरकार की मिसाल पेश की है, जिसका दूसरे प्रदेश भी अनुसरण कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मुकेश कुमारर, राहुल देशवाल, विजय लक्ष्मी, राजेश खेड़ा, बलवान कौशिक, अशोक कुमार, अश्वनीकांत व बिजेंद्र सिंह भी मौजूद थे।