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Rohtak: सरकार के फंड संबंधी फैसले के खिलाफ शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी, विरोध के लिए सड़कों पर उतरे

Tue, 20 Jun 2023 12:21 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 20 Jun 2023 12:21 PM IST
सार

रोहतक एमडीयू के प्रशासनिक भवन में मांगलवार सुबह विश्वविद्यालय के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी इकठ्ठा हुए। यहां सरकार की ओर से विवि को फंड नहीं देने के फैसले का विरोध करने का फैसला लिया गया। यहां गेट मीटिंग कर शिक्षकों व गैर शिक्षकों ने सरकार के फंड संबंधी पत्र को लेकर नाराजगी जाहिर की।

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Teachers and non teaching staff took to streets in Rohtak to protest against government fund decision
प्रदर्शन करते शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के विश्वविद्यालयों को फंड जारी नहीं किए जाने और इसकी खुद व्यवस्था करने के सरकार के निर्देशों का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को इसके विरोध में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पहली बार एक साथ सड़क पर उतरे शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों ने नारेबाजी के जरिए सरकार व उसके फैसले के प्रति रोष जताया।

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एमडीयू से लघु सचिवालय तक सड़क पर प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन 
एमडीयू के प्रशासनिक भवन में मांगलवार सुबह विश्वविद्यालय के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी इकठ्ठा हुए। यहां सरकार की ओर से विवि को फंड नहीं देने के फैसले का विरोध करने का फैसला लिया गया। यहां गेट मीटिंग कर शिक्षकों व गैर शिक्षकों ने सरकार के फंड संबंधी पत्र को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सभी सड़क पर उतरे और नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर बढे।
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कर्मचारी यहां काफी देर तक नारेबाजी करते रहे
रास्ते में मेडिकल मोड़ पर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हो गए। उधर से सुपवा के कर्मचारी भी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां सभी ने मिलकर नारेबाजी करते हुए सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। कर्मचारी यहां काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों की भीड़ के धक्कों से लघु सचिवालय का दरवाजा दरकने लगा तो पुलिस ने उन्हें पीछे कर दिया। बाद में एसडीएम राकेश कुमार कर्मचारियों से मिले और उनकी समस्या सुनी। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उन्हें सौंपा और शांतिपूर्वक वापस लौट गए। 
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ओपीडी में मरीजों की भीड़
इधर, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पीजीआई (पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) की व्यवस्था चरमरा गई। ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए मरीजों की लंबी कतार नजर आई। कार्ड बनाने वाले काउंटर पर कर्मचारी कम रहे। इस कारण मरीजों को अपने कार्ड बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में मरीजों की भीड़ बनी रही।

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