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2020 की गर्मियों में एमडीयू का तरणताल करेगा राहत प्रदान
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एमडीयू के स्वीमिंग पूल का मरम्मत करते कारिगर।
रोहतक। स्वीमिंग के शौकीनों व एमडीयू कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। वर्ष 2020 की गर्मी में विवि का अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल उनको कूल रखने में मदद करेगा। यही नहीं प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं भी हो सकेंगी। इसके लिए विवि प्रशासन ने ढाई करोड़ रुपये खर्च कर इसे दोबारा चालू करने का फैसला लिया है। पूल को दुरुस्त करने का टेंडर जारी होने के बाद मरम्मत का काम शुरू हो गया है। यह काम मार्च के अंत तक खत्म करना है। अप्रैल में यह पूल नए उपकरणों व आधुनिक सुविधाओं के साथ करीब साढ़े तीन साल बाद फिर चालू होगा।
समय पर मरम्मत नहीं होने पर बढ़ा खर्च
कैंपस में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल की समय पर मरम्मत व देखभाल नहीं होने से इसे दोबारा चालू करने का खर्च बढ़ गया। तीन साल पहले पूल की टाइलें उखड़ने के चलते यहां स्वीमिंग करने वाले चोटिल होने लगे। इसके चलते इसे बंद कर दिया गया। पूल लगातार तीन साल बंद रहने से और जर्जर हो गया। यही नहीं इसके उपकरण, पानी सप्लाई की पाइप लाइन व दूसरी जरूरी चीजें भी बेकार हो गईं।
तीसरी बार में हुआ स्वीमिंग पूल का टेंडर
एमडीयू प्रशासन ने बंद स्वीमिंग पूल को फिर से चालू करने के लिए कई प्रयास किए। इसमें दो अधूरी टेंडर प्रक्रिया भी शामिल है। दो बार कोई कम कीमत में काम करने वाला नहीं मिला तो तीसरा टेंडर किया गया। अब ढाई करोड़ रुपये से इसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। ठेकेदार ने पूल में तोड़फोड़ का काम शुरू कर दिया है।
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1993 में हुआ शिलान्यास, 1995 में हुआ उद्घाटन
विवि के खेल विभाग में बने स्वीमिंग पूल का निर्माण 24 वर्ष पहले हुआ था। प्रदेश सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव बीएस ओझा ने उस समय के कुलपति ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के समय 25 नवंबर 1993 को इसका शिलान्यास किया था। यह दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ। प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने दो अगस्त 1995 को इसका उद्घाटन किया था।
स्वीमिंग पूल में बना है 10 मीटर ऊंचा डाइविंग पूल
कैंपस के स्वीमिंग पूल में तीन पूल हैं। इनमें से एक बच्चों के लिए स्वीमिंग सीखने में काम आता है। इसे लर्नर पूल कहा जाता है। दूसरा कंपीटिशन पूल है। इसमें स्पर्धा के साथ स्वीमिंग का आनंद लेने वाले भी उतरते हैं। तीसरा 10 मीटर ऊंचा डाइविंग पूल है, जिसकी गहराई 16 मीटर है। इसे विशेष रूप से डाइविंग के लिए बनाया गया है। इसकी खूबी है कि डाइविंग पूल में चार प्लेटफार्म बने हैं। पहला एक मीटर पर, दूसरा तीन मीटर पर, तीसरा पांच मीटर पर और चौथा दस मीटर पर है।
ढाई करोड़ रुपये का बजट जारी
एमडीयू का स्वीमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। इसे मरम्मत की जरूरत थी। विवि ने इसके लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट जारी करने के साथ काम अलॉट कर दिया है। यह काम मार्च तक पूरा करना है। ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। यहां सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल, खेल निदेशक, एमडीयू।
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समय पर मरम्मत नहीं होने पर बढ़ा खर्च
कैंपस में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल की समय पर मरम्मत व देखभाल नहीं होने से इसे दोबारा चालू करने का खर्च बढ़ गया। तीन साल पहले पूल की टाइलें उखड़ने के चलते यहां स्वीमिंग करने वाले चोटिल होने लगे। इसके चलते इसे बंद कर दिया गया। पूल लगातार तीन साल बंद रहने से और जर्जर हो गया। यही नहीं इसके उपकरण, पानी सप्लाई की पाइप लाइन व दूसरी जरूरी चीजें भी बेकार हो गईं।
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तीसरी बार में हुआ स्वीमिंग पूल का टेंडर
एमडीयू प्रशासन ने बंद स्वीमिंग पूल को फिर से चालू करने के लिए कई प्रयास किए। इसमें दो अधूरी टेंडर प्रक्रिया भी शामिल है। दो बार कोई कम कीमत में काम करने वाला नहीं मिला तो तीसरा टेंडर किया गया। अब ढाई करोड़ रुपये से इसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। ठेकेदार ने पूल में तोड़फोड़ का काम शुरू कर दिया है।
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1993 में हुआ शिलान्यास, 1995 में हुआ उद्घाटन
विवि के खेल विभाग में बने स्वीमिंग पूल का निर्माण 24 वर्ष पहले हुआ था। प्रदेश सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव बीएस ओझा ने उस समय के कुलपति ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के समय 25 नवंबर 1993 को इसका शिलान्यास किया था। यह दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ। प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने दो अगस्त 1995 को इसका उद्घाटन किया था।
स्वीमिंग पूल में बना है 10 मीटर ऊंचा डाइविंग पूल
कैंपस के स्वीमिंग पूल में तीन पूल हैं। इनमें से एक बच्चों के लिए स्वीमिंग सीखने में काम आता है। इसे लर्नर पूल कहा जाता है। दूसरा कंपीटिशन पूल है। इसमें स्पर्धा के साथ स्वीमिंग का आनंद लेने वाले भी उतरते हैं। तीसरा 10 मीटर ऊंचा डाइविंग पूल है, जिसकी गहराई 16 मीटर है। इसे विशेष रूप से डाइविंग के लिए बनाया गया है। इसकी खूबी है कि डाइविंग पूल में चार प्लेटफार्म बने हैं। पहला एक मीटर पर, दूसरा तीन मीटर पर, तीसरा पांच मीटर पर और चौथा दस मीटर पर है।
ढाई करोड़ रुपये का बजट जारी
एमडीयू का स्वीमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। इसे मरम्मत की जरूरत थी। विवि ने इसके लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट जारी करने के साथ काम अलॉट कर दिया है। यह काम मार्च तक पूरा करना है। ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। यहां सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल, खेल निदेशक, एमडीयू।