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साहसी व निर्भीक संन्यासी थे स्वामी अग्निवेश : स्वामी आर्यवेश

Mon, 21 Sep 2020 01:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 01:57 AM IST
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Swami Agnivesh was a brave and fearless monk: Swami Aryvesh
Swami Agnivesh was a brave and fearless monk: Swami Aryvesh - फोटो : RohtakCity
आर्य समाज के नेता व मानवाधिकार कार्यकर्ता, बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक स्वामी अग्निवेश की श्रद्धांजलि सभा व शांति यज्ञ का आयोजन रविवार को स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम टिटौली में किया गया। इस दौरान हरियाणा की आर्य समाजों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश के शांति यज्ञ में आहुतियां डाली। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कहा कि स्वामी अग्निवेश एक निर्भीक व साहसी संन्यासी थे। वो सत्य के लिए लड़ते थे। उन्होंने उनके जीवन के दस से ज्यादा घटनाक्रम सुनाए जब उन पर हमले हुए। लेकिन वो कभी पीछे नहीं हटे। सती प्रथा विरोधी कानून बनवाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा। लगभग पौने दो लाख बंधुआ मजदूरों को नया जीवन दिलवाने का उन्होंने कार्य किया है। बंधुआ मजदूरों के लिए सुप्रीम कोर्ट से कानून बनवाना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। सांप्रदायिक सौहार्द के लिए, देश की एकता व अखंडता के लिए वो आजीवन लगे रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को उन्होंने पहली बार चारों वेद व स्वामी दयानंद सरस्वती की ऋग्वेदादि भाष्य भूमिका भेंट की तथा विश्व शांति का संदेश भारत से लेने का आग्रह किया था।
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व हरियाणा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनको श्रद्धांजलि दी और कहा कि स्वामी अग्निवेश संघर्षों के लिए याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वामी अग्निवेश ने रोहतक व हरियाणा को अपना कार्यक्षेत्र इसलिए बनाया क्योंकि यह भूमि चौधरी छोटूराम, लाला लाजपतराय व चौधरी मातूराम, भगतफूल सिंह, स्वामी भीष्म, स्वामी ओमानंद, पिरु सिंह की कर्मभूमि रही है। पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा ने कहा कि हमे उनके आंदोलन प्रेरणा देते थे। नशाबंदी परिषद हरियाणा के प्रधान स्वामी रामवेश ने कहा कि आर्य समाज में संघर्षों के एक युग समाप्त हो गया। बिरजांद एडवोकेट, नाड़ी वैद्य सत्यप्रकाश आर्य, बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन पूनम आर्या ने बताया कि हमारा बेटी बचाओ अभियान स्वामी अग्निवेश के 2005 के जन जागरण का परिणाम है। शांति यज्ञ के ब्रह्ना डॉ. श्यामदेव आचार्य रहे। डॉ. रणबीर खासा मुख्य यज्ञमान रहे। शांति पाठ के साथ श्रद्धांजलि सभा का समापन हुआ। इस दौरान देश व विदेश की संस्थाओं व गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भेजे गए शोक संदेश पढ़कर सुनाए गए। श्रद्धांजलि देते हुए नाड़ी वैद्य विशेषज्ञ सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि स्वामी अग्निवेश ने देश में युवक क्रांति अभियान का सूत्रपात किया था। उन्होंने कहा कि मेरा बचपन उनके साथ बीता, जीवन में कई बार ऐसे अवसर आए जब उन्होंने बड़े से बड़े ऑफर ठुकराए। ऋषि दयानंद के बाद आर्य समाज को देश दुनिया तक पहुंचाने वाले पहले संयासी स्वामी अग्निवेश ही है।
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ये रहे मौजूद
इस दौरान स्वामी नित्यानंद, स्वामी सच्चिदानंद, आचार्य हरिदत्त, डॉ. बलबीर, हवा सिंह हुड्डा, प्रकाशवीर दलाल, वेद प्रकाश आर्य, सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद हरियाणा के प्रधान दीक्षेंद्र आर्य, सज्जन राठी, हरपाल आर्य, प्रदीप कुमार, अशोक आर्य, अजीतपाल, विवेकानंद, ऋषिराज, अजयपाल आर्य, वीरेंद्र आर्य, राजबीर आदि उपस्थित रहे।
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