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Rohtak News: पीजीआईएमएस में छात्रों को कराई नकल, दो कर्मचारी निलंबित, तीन की सेवाएं रोकीं
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पंडित भगवतदयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला विवि की परीक्षा शाखा से उत्तर पुस्तिकाएं निकालकर मेडिकल छात्रों को पास कराने का है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद परीक्षा शाखा में हड़कंप मचा हुआ है। विवि प्रशासन ने इस मामले में दो कर्मचारी निलंबित कर दिए हैं। तीन ठेकाकर्मियों की सेवा पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा 12 कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी को एक माह में रिपोर्ट देनी होगी। जांच में दोषी मिलने पर कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
पीजीआईएमएस से जुड़े निजी कॉलेजों की वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा में पास कराने के लिए एक गिरोह ने यह खेल खेला। एक विद्यार्थी ने विवि प्रशासन को मामले की शिकायत दी। बताया कि फेल छात्रों को फर्जी तरीके से एमबीबीएस परीक्षा पास कराई जा रही है।
मामला खुलने पर विवि प्रशासन ने परीक्षा शाखा के कर्मचारी रोशन लाल व रोहित को निलंबित कर दिया। वहीं, ठेकाकर्मी दीपक, इंदू बजाज व रितु की सेवा पर रोक लगा दी है। यही नहीं, 12 कर्मचारियों के तबादले भी किए गए हैं। इनमें पांच कर्मचारी परीक्षा शाखा के हैं। सहायक सचिन को आरटीआई, क्लर्क कपिल देव को पर्चेज, क्लर्क संजीव को गेस्ट्रो, क्लब रूबी व दीपक खरब को भी दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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डॉ. एमके गर्ग की देखरेख में जांच करेगी कमेटी
विवि प्रशासन ने घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग की देखरेख में यह टीम जांच करेगी। टीम में पीजीआईएमएस से डॉ. सुखदेव चांदला व डॉ. अरुण कुमार शामिल किए गए हैं। ये दस्तावेजों की जांच व अन्य तथ्यों की पुष्टि करेंगे। इसके बाद ही विवि प्रशासन अगला कदम उठाएगा।
अब मौके पर होगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
विवि प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब मौके पर ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आदेश जारी कर दिए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। इसके तहत परीक्षा केंद्रों से आने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा शाखा के एक हॉल में रखा जाएगा। यहां सीसीटीवी की निगरानी में शिक्षक इनकी जांच करेंगे।
कुछ दस्तावेज व वीडियो के साथ शिकायत मिली थी। इसमें एमबीबीएस परीक्षा में कुछ धांधलियों व खामियों को उजागर किया गया था। तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने दो कर्मचारियों को निलंबित और तीन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं पर रोक लगा दी है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। शिकायत की गहनता से जांच कर रही है। कमेटी को रिपोर्ट एक महीने में देनी है। जांच रिपोर्ट मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क विभाग, पीजीआईएमएस रोहतक।
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पीजीआईएमएस से जुड़े निजी कॉलेजों की वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा में पास कराने के लिए एक गिरोह ने यह खेल खेला। एक विद्यार्थी ने विवि प्रशासन को मामले की शिकायत दी। बताया कि फेल छात्रों को फर्जी तरीके से एमबीबीएस परीक्षा पास कराई जा रही है।
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मामला खुलने पर विवि प्रशासन ने परीक्षा शाखा के कर्मचारी रोशन लाल व रोहित को निलंबित कर दिया। वहीं, ठेकाकर्मी दीपक, इंदू बजाज व रितु की सेवा पर रोक लगा दी है। यही नहीं, 12 कर्मचारियों के तबादले भी किए गए हैं। इनमें पांच कर्मचारी परीक्षा शाखा के हैं। सहायक सचिन को आरटीआई, क्लर्क कपिल देव को पर्चेज, क्लर्क संजीव को गेस्ट्रो, क्लब रूबी व दीपक खरब को भी दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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डॉ. एमके गर्ग की देखरेख में जांच करेगी कमेटी
विवि प्रशासन ने घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग की देखरेख में यह टीम जांच करेगी। टीम में पीजीआईएमएस से डॉ. सुखदेव चांदला व डॉ. अरुण कुमार शामिल किए गए हैं। ये दस्तावेजों की जांच व अन्य तथ्यों की पुष्टि करेंगे। इसके बाद ही विवि प्रशासन अगला कदम उठाएगा।
अब मौके पर होगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
विवि प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब मौके पर ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आदेश जारी कर दिए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। इसके तहत परीक्षा केंद्रों से आने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा शाखा के एक हॉल में रखा जाएगा। यहां सीसीटीवी की निगरानी में शिक्षक इनकी जांच करेंगे।
कुछ दस्तावेज व वीडियो के साथ शिकायत मिली थी। इसमें एमबीबीएस परीक्षा में कुछ धांधलियों व खामियों को उजागर किया गया था। तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने दो कर्मचारियों को निलंबित और तीन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं पर रोक लगा दी है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। शिकायत की गहनता से जांच कर रही है। कमेटी को रिपोर्ट एक महीने में देनी है। जांच रिपोर्ट मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क विभाग, पीजीआईएमएस रोहतक।