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यूक्रेन संकट: रोहतक का धीरज बोला- ‘डेनीप्रो से पोलैंड व हंगरी पहुंचने के लिए डीजल नहीं, सप्ताह का बचा है राशन’

Sat, 26 Feb 2022 11:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 26 Feb 2022 11:04 PM IST
सार

यूक्रेन के डेनीप्रो में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे रोहतक के धीरज ने फोन पर अमर उजाला को वहां की स्थिति बताई। बताया कि सुरक्षा के नाम पर इनके पास महज बंकर ही है। 

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Student from Rohtak of Haryana told the situation in Ukraine
यूक्रेन के डेनीप्रो में सामान खरीदने के लिए दुकान के बाहर लाइन में लगे लोग। दूसरी ओर छात्र धीरज। - फोटो : वहां रह रहे छात्र द्वारा अमर उजाला को उपलब्ध कराया गया फोटो

विस्तार

यूक्रेन पर लगातार चल रहे रूस के हमले को लेकर डेनीप्रो में रह रहे करीब 500 हिंदुस्तानी छात्र-छात्राएं खौफजदा हैं। इनमें प्रदेश के 100 से अधिक विद्यार्थी हैं। इनके पास पोलैंड व हंगरी तक जाने के लिए डीजल नहीं है। राशन भी इनके पास एक सप्ताह का ही बचा हुआ है। सुरक्षा के नाम पर इनके पास महज बंकर ही है। 

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डेनीप्रो में एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हरियाणा के रोहतक के ओमैक्स सिटी निवासी धीरज ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि फिलहाल तो हम सभी सुरक्षित हैं और एक-दूसरे से संपर्क में हैं। दिन में बाजार भी जा रहे हैं और स्थिति सामान्य लगती है। स्वयं को आपात स्थिति में सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कीव हमारे यहां से 500 किलोमीटर दूर है। इसलिए अभी यहां शांति है।
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यहां से एकदम निकलना आसान नहीं है। भारतीय दूतावास भी मदद नहीं कर पा रहा है कि हम वापस आ सकें। स्वयं के दम पर हंगरी या पोलैंड जाएं तो 1300 से 1400 किलोमीटर है, इसके लिए डीजल-पेट्रोल नहीं मिल रहा है। इसे पाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सड़क पर चलना अधिक खतरनाक है। यहां महंगाई तीन गुणा बढ़ गई है। दिन में रुपये निकालने जाते हैं तो लाइन लंबी होती है और कैश भी जल्द खत्म हो जाता है। 
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वहीं सेक्टर एक निवासी स्वास्थ्य विभाग के डॉ. रणबीर ने बताया कि उनके बेटे आशुतोष यूक्रेन के डेनीप्रो में मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहा है। बेटे ने बताया कि उनके पास एक सप्ताह से दस दिन का राशन बचा है। यदि युद्ध लंबा चलता है तो समस्या हो जाएगी। एक संस्थान में उसके समेत छह-सात विद्यार्थी रोहतक से हैं। उनके साथ रोहतक की एक लड़की भी है, सभी यहां रुकने पर अब मजबूर हैं। 


एजेंट के संपर्क में हैं परिजन
यूक्रेन में शिक्षा ग्रहण करने गए विद्यार्थियों के परिजन बाहर भेजने वाली कंपनियों व उनके एजेंटों के संपर्क में हैं। डॉ. रणबीर व डॉ. सत्यवान ने बताया कि उनकी एजेंट समीर दीक्षित से बात हुई है। वह स्वयं वहीं पर हैं और बच्चों का ध्यान रख रहे हैं। 

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