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Rohtak News: हड़ताली लिपिकों ने फ्लैग मार्च निकाला
Tue, 18 Jul 2023 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 18 Jul 2023 01:52 AM IST
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मांगों को लेकर नारेबाजी करते लिपिक। संवाद
रोहतक। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के आदेश पर सोमवार को सभी विभागों के लिपिक व मिनिस्ट्रीयल स्टाफ का विरोध प्रदर्शन सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर 13वें दिन भी जारी रहा। रविवार को सीएम की ओर से 100 से 200 लिपिकों के ही हड़ताल पर होने के बयान पर भड़के लिपिकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए धरना स्थल से सुभाष चौक, मानसरोवर पार्क, सोनीपत रोड होते हुए सोनीपत स्टैंड व वापिस धरना स्थल तक फ्लैग मार्च निकाला। कर्मचारियों ने सरकार पर एक बाद फिर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया है।
हड़ताल की अध्यक्षता सोमवार को जिला कोऑर्डिनेटर नीतू गर्ग ने की। इसके अलावा हड़ताली कर्मचारियों को राज्य की टीम से कर्ण मोगा, शर्मिला हुड्डा, कुलदीप व जगदीश फौजी ने संबोधित किया। महिला विंग की अध्यक्ष शर्मिला हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोहतक आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 लगाकर धरने को एक दिन के लिये स्थगित कराया तथा कोरा आश्वासन दिया। उनको कहा गया कि उनकी टीम को मुख्यमंत्री से मिलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसा करके एक बार फिर वादाखिलाफी की गई। सरकार लिपिकों के साथ बार-बार ऐसा करती आ रही है। मुख्यमंत्री ने धरने में बैठे लिपिकों के मनोबल को गिराने के लिए बिना किसी तथ्य के यहां तक कह दिया कि महज 100-200 लिपिक ही धरने पर बैठे हैं। जबकि हरियाणा सरकार में कार्य कर रहे सभी विभागों, बोर्ड़ाे, निगमों और यहां तक कि विश्वविद्यालय व पीजीआईएमएस तक के सभी लिपिक इस हड़ताल की मुहिम में हैं। हड़ताल के चलते प्रतिदिन आम जनता परेशान हो रही है और राजस्व को नुकसान हो रहा है। सारे सरकारी कार्य अटक गए हैं फिर भी सरकार अपने अड़ियल रवैये पर है। एक तरफ तो सरकार बोलती है कि हम उनकी मांग के प्रति सकारात्मक है और दूसरी तरफ उनका समस्या का समाधान न करके जनता को आ रही समस्याओं पर आंख बंद कर बैठी है।
इस मौके पर आखिल भारतीय सफाई कर्मचारी यूनियन के राजेश बोहत, बीएंडआर के राज्य प्रधान जगत नेहरा ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। धरने में जिला उपायुक्त, यूएचएसआर (पी.जी.आई.एम.एस. रोहतक), कृषि विभाग, तहसील, पंचायत विभाग, जिला खजाना, डीपीआरओ, सिंचाई विभाग, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, फूड एंड सप्लाई, जिला शिक्षा अधिकारी आफिस, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, ब्लाॅक एजुकेशन आफिस, हेल्थ, हुडा, अर्बन स्टेट, बीएंडआर आदि विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
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हड़ताल की अध्यक्षता सोमवार को जिला कोऑर्डिनेटर नीतू गर्ग ने की। इसके अलावा हड़ताली कर्मचारियों को राज्य की टीम से कर्ण मोगा, शर्मिला हुड्डा, कुलदीप व जगदीश फौजी ने संबोधित किया। महिला विंग की अध्यक्ष शर्मिला हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोहतक आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 लगाकर धरने को एक दिन के लिये स्थगित कराया तथा कोरा आश्वासन दिया। उनको कहा गया कि उनकी टीम को मुख्यमंत्री से मिलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसा करके एक बार फिर वादाखिलाफी की गई। सरकार लिपिकों के साथ बार-बार ऐसा करती आ रही है। मुख्यमंत्री ने धरने में बैठे लिपिकों के मनोबल को गिराने के लिए बिना किसी तथ्य के यहां तक कह दिया कि महज 100-200 लिपिक ही धरने पर बैठे हैं। जबकि हरियाणा सरकार में कार्य कर रहे सभी विभागों, बोर्ड़ाे, निगमों और यहां तक कि विश्वविद्यालय व पीजीआईएमएस तक के सभी लिपिक इस हड़ताल की मुहिम में हैं। हड़ताल के चलते प्रतिदिन आम जनता परेशान हो रही है और राजस्व को नुकसान हो रहा है। सारे सरकारी कार्य अटक गए हैं फिर भी सरकार अपने अड़ियल रवैये पर है। एक तरफ तो सरकार बोलती है कि हम उनकी मांग के प्रति सकारात्मक है और दूसरी तरफ उनका समस्या का समाधान न करके जनता को आ रही समस्याओं पर आंख बंद कर बैठी है।
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इस मौके पर आखिल भारतीय सफाई कर्मचारी यूनियन के राजेश बोहत, बीएंडआर के राज्य प्रधान जगत नेहरा ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। धरने में जिला उपायुक्त, यूएचएसआर (पी.जी.आई.एम.एस. रोहतक), कृषि विभाग, तहसील, पंचायत विभाग, जिला खजाना, डीपीआरओ, सिंचाई विभाग, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, फूड एंड सप्लाई, जिला शिक्षा अधिकारी आफिस, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, ब्लाॅक एजुकेशन आफिस, हेल्थ, हुडा, अर्बन स्टेट, बीएंडआर आदि विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
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