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Rohtak News: एमडीयू, सुपवा और यूएचएस में हड़ताल आज, चरमरा सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
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रोहतक।
सरकार की ओर से प्रदेश के विश्वविद्यालयों को फंड जारी न कर अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करने का विरोध तेज हो चला है। इसी कड़ी में 20 जून को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एमडीयू, दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में हड़ताल रहेगी।
शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने सरकार के पत्र के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया है। इससे विवि का कामकाज ठप रहेगा। ऐसे में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) में भी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। हालांकि प्रशासन ने व्यवस्था रोज की तरह सामान्य रहने का दावा किया है। मरीजों के हित के चलते पीजीआईएमएस के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल में शामिल न होकर काले बैज लगाकर कर काम करने का फैसला लिया है।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों को नए वित्त वर्ष में अब तक फंड जारी नहीं हुआ है। सरकार की ओर से कहा गया है कि विवि इसकी व्यवस्था अपने स्तर पर करें। संस्थान इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। स्थिति यह है कि पीजीआई के चिकित्सकों को ही नहीं, अन्य स्टाफ को भी पिछले 19 दिन से वेतन का इंतजार है। मई का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे चिकित्सकों, शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। यूएचएस गैर शिक्षक कर्मचारी संघ अध्यक्ष रवि सांगवान ने कहा कि विवि व संस्थान के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। मरीजों को ध्यान में रखते हुए आपात सेवाएं बहाल रहेंगी।
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नागरिक अस्पताल पर रहेगा वर्कलोड
मंगलवार को विवि कर्मचारियों की हड़ताल का असर नागरिक अस्पताल पर पड़ेगा। पीजीआई की व्यवस्था गड़बड़ाने पर मरीज नागरिक अस्पताल का रुख करेंगे। ऐसे में यहां वर्कलोड बढ़ना तय है। यहां की व्यवस्था भी चरमरा सकती है।
एमडीयू के प्रशासनिक भवन से शुरू होगा रोष प्रदर्शन
एमडीयू कर्मचारी मंगलवार सुबह नाै बजे विवि के प्रशासनिक भवन में इकट्ठा होंगे। यहां गेट मीटिंग के बाद शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों का काफिला सड़क पर निकलेगा। ये कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए मेडिकल मोड़ पहुंचेंगे। यहीं पीजीआईएमएस व स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। यहां से सभी मिलकर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। एमडीयू शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच व गैर शिक्षक संघ अध्यक्ष जयबाग ने कहा कि सरकार विवि को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इसलिए यह कदम उठाया गया है। इसके विराेध में प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन में विवि के विद्यार्थी भी शामिल रहेंगे। अब भी सरकार नहीं मानती है तो आंदोलन का कदम उठाया जाएगा।
पीजीआईएमएस में हड़ताल के बावजूद व्यवस्था सुचारु रहेगी। मरीजों के लिए चिकित्सक ओपीडी में मौजूद रहेंगे। आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर खुला रहेगा। ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी में मरीज देखे व भर्ती किए जाएंगे। ओपीडी में मरीजों के कार्ड बनाने, जांच व दवा पर्ची बनाने, दवा वितरण व टेस्ट के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। यहां कुछ कर्मचारी अलग से लगाए गए हैं।
डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस।
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सरकार की ओर से प्रदेश के विश्वविद्यालयों को फंड जारी न कर अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करने का विरोध तेज हो चला है। इसी कड़ी में 20 जून को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एमडीयू, दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में हड़ताल रहेगी।
शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने सरकार के पत्र के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया है। इससे विवि का कामकाज ठप रहेगा। ऐसे में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) में भी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। हालांकि प्रशासन ने व्यवस्था रोज की तरह सामान्य रहने का दावा किया है। मरीजों के हित के चलते पीजीआईएमएस के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल में शामिल न होकर काले बैज लगाकर कर काम करने का फैसला लिया है।
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों को नए वित्त वर्ष में अब तक फंड जारी नहीं हुआ है। सरकार की ओर से कहा गया है कि विवि इसकी व्यवस्था अपने स्तर पर करें। संस्थान इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। स्थिति यह है कि पीजीआई के चिकित्सकों को ही नहीं, अन्य स्टाफ को भी पिछले 19 दिन से वेतन का इंतजार है। मई का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे चिकित्सकों, शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। यूएचएस गैर शिक्षक कर्मचारी संघ अध्यक्ष रवि सांगवान ने कहा कि विवि व संस्थान के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। मरीजों को ध्यान में रखते हुए आपात सेवाएं बहाल रहेंगी।
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नागरिक अस्पताल पर रहेगा वर्कलोड
मंगलवार को विवि कर्मचारियों की हड़ताल का असर नागरिक अस्पताल पर पड़ेगा। पीजीआई की व्यवस्था गड़बड़ाने पर मरीज नागरिक अस्पताल का रुख करेंगे। ऐसे में यहां वर्कलोड बढ़ना तय है। यहां की व्यवस्था भी चरमरा सकती है।
एमडीयू के प्रशासनिक भवन से शुरू होगा रोष प्रदर्शन
एमडीयू कर्मचारी मंगलवार सुबह नाै बजे विवि के प्रशासनिक भवन में इकट्ठा होंगे। यहां गेट मीटिंग के बाद शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों का काफिला सड़क पर निकलेगा। ये कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए मेडिकल मोड़ पहुंचेंगे। यहीं पीजीआईएमएस व स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। यहां से सभी मिलकर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। एमडीयू शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच व गैर शिक्षक संघ अध्यक्ष जयबाग ने कहा कि सरकार विवि को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इसलिए यह कदम उठाया गया है। इसके विराेध में प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन में विवि के विद्यार्थी भी शामिल रहेंगे। अब भी सरकार नहीं मानती है तो आंदोलन का कदम उठाया जाएगा।
पीजीआईएमएस में हड़ताल के बावजूद व्यवस्था सुचारु रहेगी। मरीजों के लिए चिकित्सक ओपीडी में मौजूद रहेंगे। आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर खुला रहेगा। ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी में मरीज देखे व भर्ती किए जाएंगे। ओपीडी में मरीजों के कार्ड बनाने, जांच व दवा पर्ची बनाने, दवा वितरण व टेस्ट के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। यहां कुछ कर्मचारी अलग से लगाए गए हैं।
डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस।