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एसआर ने वैश्य संस्था के 416 सदस्यों के वोट किए रद्द, एक वोट को मिली मंजूरी
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वैश्य शिक्षण संस्था का चुनाव विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव पूर्व बनाए गए वोटों को लेकर उभरा विवाद रजिस्ट्रार कार्यालय से अदालत तक पहुंच चुका है। शुक्रवार को स्टेट रजिस्ट्रार (एसआर) ने सचिव पक्ष में फैसला देते हुए 416 वोट रद्द कर दिए। जबकि एक वोट को सही ठहराया है। इधर, रजिस्ट्रार जनरल (आरजी) ने प्रधान पक्ष को राहत देते हुए चुनाव अधिकारी की नियुक्ति को गलत ठहराया है। इसकी जगह किसी प्रथम श्रेणी के अधिकारी या सेवानिवृत्त अधिकारी को यह जिम्मेदारी देने की बात कही है।
वैश्य संस्था में चुनाव कराने के लिए विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सचिव की ओर से प्रधान पक्ष के वोट रद्द करने के बाद से लगातार चुनाव टलते आ रहे हैं। प्रधान की आपत्ति व विरोध के बाद सचिव ने अपना चुनावी शेड्यूल जारी कर दिया। इसके लिए संस्था के एक्ट में किए प्रावधान के तहत सचिव को चुनाव अधिकारी होने के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय से भी यह जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई। इसे प्रधान पक्ष ने गलत ठहराते हुए अस्वीकार कर दिया। अपनी बैठक कर नया चुनाव अधिकारी नियुक्ति करते हुए चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया। यही नहीं, अपने रद्द हुए वोटों को सही ठहराते हुए स्टेट रजिस्ट्रार के पास अपील की। रजिस्ट्रार जनरल के पास चुनाव अधिकारी की गलत नियुक्ति का मुद्दा रखा। इन दोनों की मामलों में अलग-अलग सुनवाई हुई। रजिस्ट्रार जनरल ने आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) की नियुक्ति को गलत ठहराते हुए यह जिम्मेदारी किसी प्रथम श्रेेणी के अधिकारी या सेवानिवृत्त अधिकारी को दिए जाने की बात कही। इसी फैसले के साथ अपने निर्देश भी जारी किए हैं।
इधर, एसआर ने वोटों के विवाद पर सुनवाई करते हुए 416 वोटों को गलत ठहराते हुए उन्हें रद्द कर दिया। एसआर ने विकास गोयल के एकमात्र वोट को सही बताते हुए चुनाव में वोट डालने की मंजूरी दी है। हालांकि अपने वोट के लिए विकास गोयल ने हाईकोर्ट में भी अपील की हुई है। यहां 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। ऐसे में इस फैसले को संदेश की नजर से देखा जा रहा है।
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संस्था के चुनाव में फर्जी वोटिंग की तैयारी थी। इसे चुनाव पूर्व ही पकड़ लिया गया। गलत तरीके से बनाए वोट रद्द करने पर ही दूसरे पक्ष ने विवाद खड़ा किया। स्टेट रजिस्ट्रार ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उनके पास की गई 22 अपील को खारिज कर दिया। एसआर ने एक वोट को सही ठहरते हुए 416 वोटों को गलत होने के कारण रद्द कर दिया है। आरओ के फैसले को लेकर आगे अपील की जाएगी।
- डॉ. चंद्र गर्ग, सचिव एवं चुनाव अधिकारी, वैश्य संस्था
रजिस्ट्रार जनरल को चुनाव अधिकारी की गलत नियुक्ति की अपील की गई थी। इसकी सुनवाई करते हुए आरजी ने नियुक्ति को गलत ठहराया। उनकी जगह किसी प्रथम श्रेणी के अधिकारी या सेवानिवृत्त अधिकारी को यह जिम्मेदारी देने की बात कही है। संस्था के कुछ सदस्यों ने अपने वोट का अधिकार लेने की अपील की थी। इन्हें एसआर ने खारिज कर दिया है। इस बारे में आगे अपील की जाएगी।
- विकास गोयल, प्रधान, वैश्य संस्था
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वैश्य संस्था में चुनाव कराने के लिए विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सचिव की ओर से प्रधान पक्ष के वोट रद्द करने के बाद से लगातार चुनाव टलते आ रहे हैं। प्रधान की आपत्ति व विरोध के बाद सचिव ने अपना चुनावी शेड्यूल जारी कर दिया। इसके लिए संस्था के एक्ट में किए प्रावधान के तहत सचिव को चुनाव अधिकारी होने के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय से भी यह जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई। इसे प्रधान पक्ष ने गलत ठहराते हुए अस्वीकार कर दिया। अपनी बैठक कर नया चुनाव अधिकारी नियुक्ति करते हुए चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया। यही नहीं, अपने रद्द हुए वोटों को सही ठहराते हुए स्टेट रजिस्ट्रार के पास अपील की। रजिस्ट्रार जनरल के पास चुनाव अधिकारी की गलत नियुक्ति का मुद्दा रखा। इन दोनों की मामलों में अलग-अलग सुनवाई हुई। रजिस्ट्रार जनरल ने आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) की नियुक्ति को गलत ठहराते हुए यह जिम्मेदारी किसी प्रथम श्रेेणी के अधिकारी या सेवानिवृत्त अधिकारी को दिए जाने की बात कही। इसी फैसले के साथ अपने निर्देश भी जारी किए हैं।
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इधर, एसआर ने वोटों के विवाद पर सुनवाई करते हुए 416 वोटों को गलत ठहराते हुए उन्हें रद्द कर दिया। एसआर ने विकास गोयल के एकमात्र वोट को सही बताते हुए चुनाव में वोट डालने की मंजूरी दी है। हालांकि अपने वोट के लिए विकास गोयल ने हाईकोर्ट में भी अपील की हुई है। यहां 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। ऐसे में इस फैसले को संदेश की नजर से देखा जा रहा है।
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संस्था के चुनाव में फर्जी वोटिंग की तैयारी थी। इसे चुनाव पूर्व ही पकड़ लिया गया। गलत तरीके से बनाए वोट रद्द करने पर ही दूसरे पक्ष ने विवाद खड़ा किया। स्टेट रजिस्ट्रार ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उनके पास की गई 22 अपील को खारिज कर दिया। एसआर ने एक वोट को सही ठहरते हुए 416 वोटों को गलत होने के कारण रद्द कर दिया है। आरओ के फैसले को लेकर आगे अपील की जाएगी।
- डॉ. चंद्र गर्ग, सचिव एवं चुनाव अधिकारी, वैश्य संस्था
रजिस्ट्रार जनरल को चुनाव अधिकारी की गलत नियुक्ति की अपील की गई थी। इसकी सुनवाई करते हुए आरजी ने नियुक्ति को गलत ठहराया। उनकी जगह किसी प्रथम श्रेणी के अधिकारी या सेवानिवृत्त अधिकारी को यह जिम्मेदारी देने की बात कही है। संस्था के कुछ सदस्यों ने अपने वोट का अधिकार लेने की अपील की थी। इन्हें एसआर ने खारिज कर दिया है। इस बारे में आगे अपील की जाएगी।
- विकास गोयल, प्रधान, वैश्य संस्था