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प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करने पर छह भवन किए सील
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नगर निगम टैक्स न जमा कराने पर दिल्ली बाईपास के पास एक निजी हॉटल को सील करने पहुंचे नगर निगम के अधि
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चंडीगढ़ में सीएम से मेयर व आयुक्त की मुलाकात के दिन पहले नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए सख्ती से अभियान चलाया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक के चचेरे भाई के मार्बल के शोरूम सहित छह बिल्डिंग सील कर दी। जबकि छह बिल्डिंग मालिकों द्वारा टैक्स का चेक देने पर छोड़ दिया गया। निगम का सीलिंग अभियान भारी पुलिस बल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सुबह साढ़े 11 बजे से शाम पांच बजे तक सख्ती के साथ यूं चला।
रिहायशी एरिया में चल रह नेट बोल्ट फैक्टरी सील
निगम की टीम सुबह साढे़ 11 बजे जोनल टैक्स ऑफिसर जगदीश चंद्र के नेतृत्व में सबसे पहले विजय नगर में पहुंची, जहां एक नट बोल्ट फैक्टरी को सील कर दिया। पड़ोसियों ने शिकायत दी थी कि फैक्टरी की वजह से उनका जीना मुश्किल हो गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि फैक्टरी मालिक की तरफ 70 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स भी बकाया था।
शीला बाईपास पर 3 लाख टैक्स न जमा कराने पर पौधा नर्सरी
निगम की टीम करीब 12 बजे शीला बाईपास पर पहुंची, जहां एक नर्सरी को सील कर दिया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि नर्सरी के दो भाग है, जिनका अभी तक 3 लाख के करीब टैक्स जमा नहीं कराया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नर्सरी में काम कर रहे लोगों को बाहर निकाल दिया। साथ ही गेट व केबिन पर ताला लगा दिया।
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कैफे संचालक ने पहले की आनाकानी, फिर दिया साढ़े 6 लाख का चैक
शीला बाईपास पर ही चार दिन पहले निगम की टीम ने पहुंच की सीलिंग की चेतावनी दी थी। कैफे संचालक ने दो दिन का समय मांगा था। करीब साढ़े 6 लाख टैक्स जमा न कराने पर निगम की टीम शुक्रवार को फिर कैफे पर पहुंची। उस समय कैफे में रसोई चल रही थी। पुलिस ने एक-एक करके लोगों को बाहर निकलना शुरू कर दिया। कैफे संचालक के एक साथ ने कहा कि कोर्ट में मालिक व किरायेदार के बीच केस चल रहा है, जिसको लेकर स्टे आर्डर है। निगम ने रिकार्ड मांगा, लेकिन कैफे संचालक पूरा रिकार्ड नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने कैफे के अंदर रखे सामान को बाहर निकालने की हिदायत दी। इस पर कैफे मालिक ने साढ़े 6 लाख रुपये का चेक दे दिया, जिसे सोमवार को निगम की टीम बैंक में लगाएगी।
कोर्ट में जाऊंगा, ज्यादती कर रहा नगर निगम
बोहर गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान कौशिक के चचेरे भाई आनंद कौशिक फरीदाबाद एनआईटी से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव वे हार गए। पूर्व सरपंच ने शीला बाईपास के नजदीक मार्बल शोरूम बना रखा है, जिसका निगम की तरफ से 3 लाख 38 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेजा गया था। निगम की टीम मौके पर पहुंची तो उस समय सरपंच वहां नहीं था। बुलाने पर वे मौके पर पहुंचे और फाइल दिखाकर निगम के अधिकारियों को बताया कि 500 गज में शोरूम है, जिसका टैक्स कम बनता है। जबकि निगम ने 800 गज का टैक्स लगा रखा है। वे कोर्ट में जाएंगे, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक नहीं चली। निगम ने बिल्डिंग सील कर दी। हालांकि शाम को बिल्डिंग मालिक ने चेक जमा करवा दिया। इसके बाद निगम ने सील हटा दी।
जब होटल मालिक बोला-रिकॉर्ड की जांच करके आते
कैफे के बाद निगम की टीम शीला बाईपास पर आगे एक होटल पर पहुंची, जहां मैनेजर से चौथी मंजिल पर पहुंचकर पूछा, अभी तक 3 लाख 44 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स क्यों जमा नहीं कराया। मैनेजर ने रसीद दिखाते हुए निगम के अधिकारियों को कहा कि वे एक दिन पहले जमा करवा चुके हैं। अपना रिकॉर्ड जांच करके आते। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने कहा कि, उनको पहले सूचना देनी चाहिए थी।
पीजी में बेसमेंट का भी लगा जब पता
निगम की टीम दिल्ली बाईपास चौक के नजदीक लड़कों के पीजी में पहुंची। पीजी संचालक ने कहा कि उसके साथी निगम में 1 लाख 80 हजार रुपये के करीब का टैक्स जमा कराने गए हुए हैं। इसी बीच एक अधिकारी की नजर बेसमेंट पर पड़ गई। अंदर जाकर जांच पड़ताल की। जोनल टैक्स आफिसर ने पीजी संचालक को कहा कि, वे अभी जो बिल आया है वह राशि जमा करवा दें। बेसमेंट का बिल बाद में बनाकर देंगे। संचालक ने चेक जमा कराने की बात कही।
होटल की महिला कर्मचारी बोली-रजिस्टर नहीं दिखाऊंगी
लड़कों के पीजी से निगम की टीम नजदीक एक होटल में पहुंची, जहां तीसरी मंजिल के कमरे किराए पर दिए गए थे। जबकि निचली मंजिल पर काम चल रहा था। पुलिस व निगम की टीम ने जब महिला कर्मी से रजिस्टर दिखाने के लिए कहा तो बोली होटल संचालक ने बोला है, कोई भी आ जाए, रजिस्टर मत दिखाना। इसी बीच महिला पुलिसकर्मी ने आकर पूछा तो उसने रजिस्टर दिखा दिया। निगम ने सभी कैमरों में ठहरे लोगाें को बाहर निकालकर 8 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने पर होटल को सील कर दिया।
जाट भवन के पास नर्सरी बंद मिली, वाशिंग सेंटर मालिक ने मांगा सोमवार तक का समय
होटल से निकल कर निगम की टीम ताऊ देवीलाल पार्क सामने दो वाशिंग सेंटर पर पहुंची, जहां दोनों पर 7 से 8 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। निगम के मुताबिक वाशिंग सेंटर मालिकों ने सोमवार तक का समय मांगा। निगम की टीम आश्वासन मानकर आगे चली गई। इसके बाद जाट भवन के नजदीक पौध नर्सरी पर पहुंची, जहां 2 लाख के करीब टैक्स बकाया था, लेकिन नर्सरी मालिक नहीं मिला। इसके बाद टीम ने सेक्टर 3 के एक स्कूल पर दस्तक दी। वहां स्कूल मालिक ने कहा कि पूरा एरिया दो भाईयों का है। आपस में बातचीत करके टैक्स की राशि वे जमा करवा देंगे। निगम की टीम इसके बाद लौट गई।
कांप्लेक्स के अंदर केबिन सिस्टम देकर निगम की टीम दंग, सात गेट किए सील
करीब 3 बजे निगम की टीम जाट कॉलेज के नजदीक पहुंची, जहां एक कांप्लैक्स की तरफ 14 लाख 60 हजार रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। जैसे ही निगम की टीम अंदर घुसी तो 50 से 60 युवक बाहर निकले। कई पीजी के तौर पर वहां रह रहे थे, कई जगह छोटे-छोटे केबिन बने हुए थे। भारी पुलिस बल के सामने युवकों ने भी किसी तरह का विरोध नहीं किया। कांप्लेक्स में मौजूद दो दुकानों को छोड़कर निगम ने कांप्लेक्स को सील कर दिया। इसके लिए सात गेट पर सील लगाई गई।
देव कॉलोनी का एक पीजी सील, दूसरे की मालकिन ने दिया 1.37 लाख का चेक
कांप्लैक्स को सील कर निगम की टीम देव कालोनी के अंदर एक पीजी पर पहुंची, जहां आधा दर्जन युवक अंदर रह रहे थे। पीजी मालिक की तरफ निगम का डेढ़ लाख टैक्स बकाया था। तत्काल पीजी को सील कर दिया गया। इसके बाद अगले पीजी पर निगम की टीम ने दस्तक दी। समय रहते पीजी मालिक ने 1 लाख 37 हजार रुपये का चेक निगम को दे दिया।
निगम ने कार्रवाई करते हुए जहां शुक्रवार को छह बिल्डिंग सील की, जबकि छह को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का चेक देने पर छोड़ा। अगर चेक बाउंस हुए तो धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया जाएगा। सुबह उन्होंने 40 बिल्डिंग की सूची ली थी, जिनमें से मात्र 13 पर कार्रवाई हुई है। इसमें विजय नगर की नट बोल्ट फैक्टरी, शीला बाईपास पर नर्सरी, मार्बल हाउस, दिल्ली बाईपास के नजदीक होटल, जाट संस्था के सामने पूरे कांप्लेक्स व देव कॉलोनी के पीजी को सील किया गया है।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम
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रिहायशी एरिया में चल रह नेट बोल्ट फैक्टरी सील
निगम की टीम सुबह साढे़ 11 बजे जोनल टैक्स ऑफिसर जगदीश चंद्र के नेतृत्व में सबसे पहले विजय नगर में पहुंची, जहां एक नट बोल्ट फैक्टरी को सील कर दिया। पड़ोसियों ने शिकायत दी थी कि फैक्टरी की वजह से उनका जीना मुश्किल हो गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि फैक्टरी मालिक की तरफ 70 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स भी बकाया था।
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शीला बाईपास पर 3 लाख टैक्स न जमा कराने पर पौधा नर्सरी
निगम की टीम करीब 12 बजे शीला बाईपास पर पहुंची, जहां एक नर्सरी को सील कर दिया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि नर्सरी के दो भाग है, जिनका अभी तक 3 लाख के करीब टैक्स जमा नहीं कराया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नर्सरी में काम कर रहे लोगों को बाहर निकाल दिया। साथ ही गेट व केबिन पर ताला लगा दिया।
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कैफे संचालक ने पहले की आनाकानी, फिर दिया साढ़े 6 लाख का चैक
शीला बाईपास पर ही चार दिन पहले निगम की टीम ने पहुंच की सीलिंग की चेतावनी दी थी। कैफे संचालक ने दो दिन का समय मांगा था। करीब साढ़े 6 लाख टैक्स जमा न कराने पर निगम की टीम शुक्रवार को फिर कैफे पर पहुंची। उस समय कैफे में रसोई चल रही थी। पुलिस ने एक-एक करके लोगों को बाहर निकलना शुरू कर दिया। कैफे संचालक के एक साथ ने कहा कि कोर्ट में मालिक व किरायेदार के बीच केस चल रहा है, जिसको लेकर स्टे आर्डर है। निगम ने रिकार्ड मांगा, लेकिन कैफे संचालक पूरा रिकार्ड नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने कैफे के अंदर रखे सामान को बाहर निकालने की हिदायत दी। इस पर कैफे मालिक ने साढ़े 6 लाख रुपये का चेक दे दिया, जिसे सोमवार को निगम की टीम बैंक में लगाएगी।
कोर्ट में जाऊंगा, ज्यादती कर रहा नगर निगम
बोहर गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान कौशिक के चचेरे भाई आनंद कौशिक फरीदाबाद एनआईटी से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव वे हार गए। पूर्व सरपंच ने शीला बाईपास के नजदीक मार्बल शोरूम बना रखा है, जिसका निगम की तरफ से 3 लाख 38 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेजा गया था। निगम की टीम मौके पर पहुंची तो उस समय सरपंच वहां नहीं था। बुलाने पर वे मौके पर पहुंचे और फाइल दिखाकर निगम के अधिकारियों को बताया कि 500 गज में शोरूम है, जिसका टैक्स कम बनता है। जबकि निगम ने 800 गज का टैक्स लगा रखा है। वे कोर्ट में जाएंगे, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक नहीं चली। निगम ने बिल्डिंग सील कर दी। हालांकि शाम को बिल्डिंग मालिक ने चेक जमा करवा दिया। इसके बाद निगम ने सील हटा दी।
जब होटल मालिक बोला-रिकॉर्ड की जांच करके आते
कैफे के बाद निगम की टीम शीला बाईपास पर आगे एक होटल पर पहुंची, जहां मैनेजर से चौथी मंजिल पर पहुंचकर पूछा, अभी तक 3 लाख 44 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स क्यों जमा नहीं कराया। मैनेजर ने रसीद दिखाते हुए निगम के अधिकारियों को कहा कि वे एक दिन पहले जमा करवा चुके हैं। अपना रिकॉर्ड जांच करके आते। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने कहा कि, उनको पहले सूचना देनी चाहिए थी।
पीजी में बेसमेंट का भी लगा जब पता
निगम की टीम दिल्ली बाईपास चौक के नजदीक लड़कों के पीजी में पहुंची। पीजी संचालक ने कहा कि उसके साथी निगम में 1 लाख 80 हजार रुपये के करीब का टैक्स जमा कराने गए हुए हैं। इसी बीच एक अधिकारी की नजर बेसमेंट पर पड़ गई। अंदर जाकर जांच पड़ताल की। जोनल टैक्स आफिसर ने पीजी संचालक को कहा कि, वे अभी जो बिल आया है वह राशि जमा करवा दें। बेसमेंट का बिल बाद में बनाकर देंगे। संचालक ने चेक जमा कराने की बात कही।
होटल की महिला कर्मचारी बोली-रजिस्टर नहीं दिखाऊंगी
लड़कों के पीजी से निगम की टीम नजदीक एक होटल में पहुंची, जहां तीसरी मंजिल के कमरे किराए पर दिए गए थे। जबकि निचली मंजिल पर काम चल रहा था। पुलिस व निगम की टीम ने जब महिला कर्मी से रजिस्टर दिखाने के लिए कहा तो बोली होटल संचालक ने बोला है, कोई भी आ जाए, रजिस्टर मत दिखाना। इसी बीच महिला पुलिसकर्मी ने आकर पूछा तो उसने रजिस्टर दिखा दिया। निगम ने सभी कैमरों में ठहरे लोगाें को बाहर निकालकर 8 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने पर होटल को सील कर दिया।
जाट भवन के पास नर्सरी बंद मिली, वाशिंग सेंटर मालिक ने मांगा सोमवार तक का समय
होटल से निकल कर निगम की टीम ताऊ देवीलाल पार्क सामने दो वाशिंग सेंटर पर पहुंची, जहां दोनों पर 7 से 8 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। निगम के मुताबिक वाशिंग सेंटर मालिकों ने सोमवार तक का समय मांगा। निगम की टीम आश्वासन मानकर आगे चली गई। इसके बाद जाट भवन के नजदीक पौध नर्सरी पर पहुंची, जहां 2 लाख के करीब टैक्स बकाया था, लेकिन नर्सरी मालिक नहीं मिला। इसके बाद टीम ने सेक्टर 3 के एक स्कूल पर दस्तक दी। वहां स्कूल मालिक ने कहा कि पूरा एरिया दो भाईयों का है। आपस में बातचीत करके टैक्स की राशि वे जमा करवा देंगे। निगम की टीम इसके बाद लौट गई।
कांप्लेक्स के अंदर केबिन सिस्टम देकर निगम की टीम दंग, सात गेट किए सील
करीब 3 बजे निगम की टीम जाट कॉलेज के नजदीक पहुंची, जहां एक कांप्लैक्स की तरफ 14 लाख 60 हजार रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। जैसे ही निगम की टीम अंदर घुसी तो 50 से 60 युवक बाहर निकले। कई पीजी के तौर पर वहां रह रहे थे, कई जगह छोटे-छोटे केबिन बने हुए थे। भारी पुलिस बल के सामने युवकों ने भी किसी तरह का विरोध नहीं किया। कांप्लेक्स में मौजूद दो दुकानों को छोड़कर निगम ने कांप्लेक्स को सील कर दिया। इसके लिए सात गेट पर सील लगाई गई।
देव कॉलोनी का एक पीजी सील, दूसरे की मालकिन ने दिया 1.37 लाख का चेक
कांप्लैक्स को सील कर निगम की टीम देव कालोनी के अंदर एक पीजी पर पहुंची, जहां आधा दर्जन युवक अंदर रह रहे थे। पीजी मालिक की तरफ निगम का डेढ़ लाख टैक्स बकाया था। तत्काल पीजी को सील कर दिया गया। इसके बाद अगले पीजी पर निगम की टीम ने दस्तक दी। समय रहते पीजी मालिक ने 1 लाख 37 हजार रुपये का चेक निगम को दे दिया।
निगम ने कार्रवाई करते हुए जहां शुक्रवार को छह बिल्डिंग सील की, जबकि छह को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का चेक देने पर छोड़ा। अगर चेक बाउंस हुए तो धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया जाएगा। सुबह उन्होंने 40 बिल्डिंग की सूची ली थी, जिनमें से मात्र 13 पर कार्रवाई हुई है। इसमें विजय नगर की नट बोल्ट फैक्टरी, शीला बाईपास पर नर्सरी, मार्बल हाउस, दिल्ली बाईपास के नजदीक होटल, जाट संस्था के सामने पूरे कांप्लेक्स व देव कॉलोनी के पीजी को सील किया गया है।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम

विजय नगर में नट बोल्ट फै्क्टरी मालिक दवारा टैक्स न भरे जाने पर शुक्रवार को फैक्टरी का गेट बंद कर स?

टैक्स जमा न कराने को लेकर शिला बाईपास के पास एक निजी टायल शोरूम के मालिक से बातचीत के दौरान नगर निग