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Rohtak News: 41 साल से कावड़ियों की सेवा कर रहा शिव कावड़ संघ
Sun, 21 Jul 2024 03:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:41 AM IST
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झज्जर। 22 जुलाई से सावन माह शुरू हो जाएगा। शिव भक्त कांवड लाने की तैयारी में जुटे हैं तो सामाजिक संगठन और संस्थाएं भोलो की सेवा के लिए तैयारी कर रही हैं। 41 साल से कावड़ियों की सेवा कर रहे शिव कावड़ संघ के सदस्य इस बार भी कांवड़ियों की सेवा करेंगे।
41 साल पहले रामपुरा गांव के सरकारी स्कूल से यह शिविर शुरू किया गया था। इसकी शुरुआत हरेंद्र चक्की वालों ने की थी, तब से झज्जर व ग्रामीण निरंतर कावड़ियों के शिविर लगा रहे हैं। स्कूल के बाद कई सालों तक शिविर रामपुरा गांव में फ्लाईओवर के नीचे लगाया गया। अब यह शिविर सोनीपत रोड पर लगाया जाएगा। संस्था की अध्यक्षता करने वाले केशव सिंघल व ठेकेदार सुरेंद्र ने बताया कि शिविर की तैयारी चल रही हैं और 25 जुलाई से शिविर का आयोजन शुरू कर दिया जाएगा। शिविर की शुरुआत के दिन देसी घी से बना भोजन अन्य पकवान से भंडारा लगाया जाएगा। उसके बाद अंतिम दिन तक कावड़ियों के लिए तवे और तंदूर का भंडारा होगा। पूरा भंडारा देसी घी में तैयार किया जाता है।
डॉक्टर और मसाज वालों की सुविधा भी रहेगी
उन्होंने बताया कि शिविर में डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो निरंतर कावड़ियों की जांच करेंगे और उनको जांच कर दवा देंगे। इसके अलावा यात्रा के दौरान कावड़ियों की नसें ऊपर चढ़ जाती है। उनकी मसाज के लिए भी रामपुरा गांव के वैध की ड्यूटी लगाई गई है। वह हर साल यहां सेवा के लिए आते हैं।
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41 साल पहले रामपुरा गांव के सरकारी स्कूल से यह शिविर शुरू किया गया था। इसकी शुरुआत हरेंद्र चक्की वालों ने की थी, तब से झज्जर व ग्रामीण निरंतर कावड़ियों के शिविर लगा रहे हैं। स्कूल के बाद कई सालों तक शिविर रामपुरा गांव में फ्लाईओवर के नीचे लगाया गया। अब यह शिविर सोनीपत रोड पर लगाया जाएगा। संस्था की अध्यक्षता करने वाले केशव सिंघल व ठेकेदार सुरेंद्र ने बताया कि शिविर की तैयारी चल रही हैं और 25 जुलाई से शिविर का आयोजन शुरू कर दिया जाएगा। शिविर की शुरुआत के दिन देसी घी से बना भोजन अन्य पकवान से भंडारा लगाया जाएगा। उसके बाद अंतिम दिन तक कावड़ियों के लिए तवे और तंदूर का भंडारा होगा। पूरा भंडारा देसी घी में तैयार किया जाता है।
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डॉक्टर और मसाज वालों की सुविधा भी रहेगी
उन्होंने बताया कि शिविर में डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो निरंतर कावड़ियों की जांच करेंगे और उनको जांच कर दवा देंगे। इसके अलावा यात्रा के दौरान कावड़ियों की नसें ऊपर चढ़ जाती है। उनकी मसाज के लिए भी रामपुरा गांव के वैध की ड्यूटी लगाई गई है। वह हर साल यहां सेवा के लिए आते हैं।
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