{"_id":"61535dd38ebc3ef8d727112b","slug":"senior-deputy-mayor-rushed-to-the-notice-of-no-confidence-motion-rohtak-news-rtk625423583","type":"story","status":"publish","title_hn":"अविश्वास प्रस्ताव आने की भनक पर दौड़े चले आए सीनियर डिप्टी मेयर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अविश्वास प्रस्ताव आने की भनक पर दौड़े चले आए सीनियर डिप्टी मेयर
विज्ञापन
रोहतक। नगर निगम परिसर में धरना दे रहे पार्षदों का जब सब्र जवाब दे गया तो उन्होंने सीनियर डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का एलान कर दिया। स्पष्ट कहा कि यदि एक घंटे में वह नहीं आए तो अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तैयारी शुरू कर देंगे। इसकी भनक लगते ही तुरंत सीनियर डिप्टी मेयर आ गए और कहा कि वह पार्षदों से अलग नहीं हैं।
जिला विकास भवन से आकर पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया। पार्षदों के साथ डिप्टी मेयर थे, मगर सीनियर डिप्टी मेयर नहीं। यह देख पार्षदों ने सीनियर डिप्टी मेयर को धरने में शामिल होने के लिए बुलाया, मगर वह नहीं आए। करीब एक घंटे तक सीनियर डिप्टी मेयर नहीं पहुंचे तो धरने पर बैठे पार्षदों ने एलान कर दिया कि वह सीनियर डिप्टी मेयर को हटाएंगे। उनके खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। अभी एक घंटा और इंतजार करेंगे और फिर अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। उनको वोट देकर हमने चुना है और वह हमारे साथ नहीं होंगे तो फिर कोई मतलब नहीं। इसकी भनक लगते ही सीनियर डिप्टी मेयर धरने में शामिल होने पहुंचे। धरनास्थल पर जब पार्षदों ने घेरा तो उन्होंने कहा कि वह पार्षदों के साथ हैं। वह भी पार्षद ही हैं और मेरी भी समस्याओं का निदान नहीं हो रहा है। निगम अधिकारियों की लापरवाही से काम नहीं हो रहा है।
राहुल बोले, तेरी भी जेब में जाता है क्या?
धरनास्थल पर पहुंचे सीनियर डिप्टी मेयर ने पार्षदों से बैठकर बात करने का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया। जब उन्होेंने दोबारा कहा तो पार्षद राहुल देशवाल ने कहा कि तेरी भी जेब में माल जाता है क्या? जब सीनियर डिप्टी मेयर ने बैठकर बात करने के लिए कहा तो पार्षदों ने कहा कि वह समझाने आए हैं या बहकाने। स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी बात होगी, वह सार्वजनिक रूप से यहीं पर होगी। बंद जगह में बात करने का कोई मतलब नहीं है। इत्तफाक से सीनियर डिप्टी मेयर के मुंह से निकल गया कि वह जानना चाहते हैं कि समस्याएं क्या हैं। ये बात सुनकर पार्षद भड़क गए और बोले-तुम्हें समस्या तक का नहीं पता है। शहर की जनता परेशान हो रही है। मामला फंसता देख तुरंत सीनियर डिप्टी मेयर ने यू टर्न लिया और बोले-मैं तुम्हारे साथ हूं। जनता परेशान है और निगम अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इसके बाद वह धरनास्थल पर पैर में चोट होने की वजह से कुर्सी पर बैठकर शामिल हुए।
विज्ञापन
जेडटीओ के खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाई : संजय
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिडलान ने पार्षदों के धरने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी सिर्फ कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि विगत दिनों निगम की दो महिलाकर्मियों को असलाह के बल पर अगवा करने का प्रयास किया गया। निगम के जेडटीओ जगदीश शर्मा ने पीड़ित महिलाओं की मदद करने की बजाय धमकाया कि वह परिवार व कर्मचारी नेताओं को नहीं बताएं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की, मगर अभी तक जेडटीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में जांच उसी अधिकारी को दी जाती है, जो खुद लिप्त होता है। इस वजह से जांच के कोई मायने नहीं है।
एक प्रस्ताव पढ़ लिया गया था : ज्वाइंट कमिश्नर
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार ने बताया कि सदन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। उन्होंने पहला प्रस्ताव पढ़ लिया था, मगर जब तक उस पर सहमति-असहमति होती, तब तक सदन से पार्षद बहिष्कार कर गए। जिसकी वजह से आगे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
सुबह 12 बजे शुल्क जमा होने का आरोप गलत : आयुक्त
पार्षद सुनील ने बताया कि करीब 15 दिन पहले एक कैफे का शुल्क 12:00 एएम पर जमा किया गया, जिसका समय रसीद पर अंकित है। दिन में रसीद कटने पर पीएम लिखा आता है। इस पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि इसकी शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में पता चला कि दो आईडी बनी हैं, जिसका शुल्क भी नियमानुसार जमा हुआ है।
कब, क्या हुआ
10:30 बजे - सदन में पार्षदों का आना शुरू हुआ।
11:08 बजे - मेयर ने सदन में आगमन किया
11:26 बजे - कोरोनाकाल में मरे लोगों को श्रद्धांजलि
11:28 बजे - महिला पार्षद प्रतिनिधि का मुद्दा उठा
11:29 बजे - बैठक में पार्षद प्रतिनिधियों को आने की इजाजत मिली
11: 32 बजे - पार्षद ने सुनील भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
11:38 बजे - सदन का बहिष्कार करके पार्षद बाहर आए
11:42 बजे - डिप्टी मेयर पार्षदों को समझाने आए
11:44 बजे - सीनियर डिप्टी मेयर समझाने पहुंचे
11:46 बजे - सदन के बहिष्कार के बाद जिला विकास भवन के गेट पर धरने पर बैठे पार्षद
विज्ञापन
जिला विकास भवन से आकर पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया। पार्षदों के साथ डिप्टी मेयर थे, मगर सीनियर डिप्टी मेयर नहीं। यह देख पार्षदों ने सीनियर डिप्टी मेयर को धरने में शामिल होने के लिए बुलाया, मगर वह नहीं आए। करीब एक घंटे तक सीनियर डिप्टी मेयर नहीं पहुंचे तो धरने पर बैठे पार्षदों ने एलान कर दिया कि वह सीनियर डिप्टी मेयर को हटाएंगे। उनके खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। अभी एक घंटा और इंतजार करेंगे और फिर अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। उनको वोट देकर हमने चुना है और वह हमारे साथ नहीं होंगे तो फिर कोई मतलब नहीं। इसकी भनक लगते ही सीनियर डिप्टी मेयर धरने में शामिल होने पहुंचे। धरनास्थल पर जब पार्षदों ने घेरा तो उन्होंने कहा कि वह पार्षदों के साथ हैं। वह भी पार्षद ही हैं और मेरी भी समस्याओं का निदान नहीं हो रहा है। निगम अधिकारियों की लापरवाही से काम नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
राहुल बोले, तेरी भी जेब में जाता है क्या?
धरनास्थल पर पहुंचे सीनियर डिप्टी मेयर ने पार्षदों से बैठकर बात करने का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया। जब उन्होेंने दोबारा कहा तो पार्षद राहुल देशवाल ने कहा कि तेरी भी जेब में माल जाता है क्या? जब सीनियर डिप्टी मेयर ने बैठकर बात करने के लिए कहा तो पार्षदों ने कहा कि वह समझाने आए हैं या बहकाने। स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी बात होगी, वह सार्वजनिक रूप से यहीं पर होगी। बंद जगह में बात करने का कोई मतलब नहीं है। इत्तफाक से सीनियर डिप्टी मेयर के मुंह से निकल गया कि वह जानना चाहते हैं कि समस्याएं क्या हैं। ये बात सुनकर पार्षद भड़क गए और बोले-तुम्हें समस्या तक का नहीं पता है। शहर की जनता परेशान हो रही है। मामला फंसता देख तुरंत सीनियर डिप्टी मेयर ने यू टर्न लिया और बोले-मैं तुम्हारे साथ हूं। जनता परेशान है और निगम अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इसके बाद वह धरनास्थल पर पैर में चोट होने की वजह से कुर्सी पर बैठकर शामिल हुए।
विज्ञापन
जेडटीओ के खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाई : संजय
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिडलान ने पार्षदों के धरने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी सिर्फ कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि विगत दिनों निगम की दो महिलाकर्मियों को असलाह के बल पर अगवा करने का प्रयास किया गया। निगम के जेडटीओ जगदीश शर्मा ने पीड़ित महिलाओं की मदद करने की बजाय धमकाया कि वह परिवार व कर्मचारी नेताओं को नहीं बताएं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की, मगर अभी तक जेडटीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में जांच उसी अधिकारी को दी जाती है, जो खुद लिप्त होता है। इस वजह से जांच के कोई मायने नहीं है।
एक प्रस्ताव पढ़ लिया गया था : ज्वाइंट कमिश्नर
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार ने बताया कि सदन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। उन्होंने पहला प्रस्ताव पढ़ लिया था, मगर जब तक उस पर सहमति-असहमति होती, तब तक सदन से पार्षद बहिष्कार कर गए। जिसकी वजह से आगे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
सुबह 12 बजे शुल्क जमा होने का आरोप गलत : आयुक्त
पार्षद सुनील ने बताया कि करीब 15 दिन पहले एक कैफे का शुल्क 12:00 एएम पर जमा किया गया, जिसका समय रसीद पर अंकित है। दिन में रसीद कटने पर पीएम लिखा आता है। इस पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि इसकी शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में पता चला कि दो आईडी बनी हैं, जिसका शुल्क भी नियमानुसार जमा हुआ है।
कब, क्या हुआ
10:30 बजे - सदन में पार्षदों का आना शुरू हुआ।
11:08 बजे - मेयर ने सदन में आगमन किया
11:26 बजे - कोरोनाकाल में मरे लोगों को श्रद्धांजलि
11:28 बजे - महिला पार्षद प्रतिनिधि का मुद्दा उठा
11:29 बजे - बैठक में पार्षद प्रतिनिधियों को आने की इजाजत मिली
11: 32 बजे - पार्षद ने सुनील भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
11:38 बजे - सदन का बहिष्कार करके पार्षद बाहर आए
11:42 बजे - डिप्टी मेयर पार्षदों को समझाने आए
11:44 बजे - सीनियर डिप्टी मेयर समझाने पहुंचे
11:46 बजे - सदन के बहिष्कार के बाद जिला विकास भवन के गेट पर धरने पर बैठे पार्षद