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बैरिकेड्स उखड़ते देख बरसाया पानी
रोहतक
Updated Mon, 28 Jul 2014 02:30 AM IST
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कर्मचारी पार्क के कोने पर लगे बैरिकेड्स तक पहुंचे। यहां कुछ समय बाद उन्होंन बैरिकेड्स उखाड़ने शुरू कर दिए। पुलिस और कर्मचारियों के बीच बैरिकेड्स खींचने और रोकने को लेकर 20 मिनट तक जोर आजमाइश चलती रही। कर्मचारी भारी पड़ते हुए एक-एक कर बैरिकेड्स खींच ले गए तो पुलिस ने पानी की बौछारें शुरू कर दी।
इस पर भी ज्यादातर कर्मचारी वहीं डटे रहे। इसी बीच एक महिला कर्मचारी और महिला पुलिस में धक्का मुक्की हो गई। महिला कर्मचारी ने पुलिस का डंडा तक छीनने की कोशिश की। इसी बीच दूसरे कर्मचारी वहां पहुंच गए। मामला बिगड़ा तो पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े।
इस पर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। ढाई दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। कुछ बेहोश तक हो गए। एक महिला पुलिसकर्मी की कान की सोने की बाली गिर गई तो एक स्वास्थ्य कर्मी की चांदी की बाली गुम हुई।
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लाठीचार्ज में एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार, सचिव शक्ति सिंह, महिला कर्मचारी सुदेश, अनीता, राजेश और ललित को गंभीर चोटें आई हैं। राजकुमार के पैर की हड्डी टूटी है। राजेश के सिर में चोट है और अनीता गर्भवती है। लाठियां लगने के कारण वह बेहोश होकर गिर गई थी। इन सभी का इलाज पीजीआई में चल रहा है।
रोकते रहे डीएसपी- मामला इतना उलझा की डीएसपी अनिल कुमार व एसएचओ जगबीर सिंह को बीच में आना पड़ा। उन्होंने खुद पुलिस कर्मचारियों को लाठी चार्ज करने से रोका। कुछ पुलिस कर्मचारियों को पीछे भी धकेला। डीएसपी की नेम प्लेट टूट गई।
यातायात व्यवस्था चरमराई- शहर का मुख्य मार्ग जाम होने से शहरवासियों को परेशान होना पड़ा। यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। पुलिस ने सुभाष चौक पर नाका लगाकर वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजारा। किसी भी तरह की अप्रिय घटना के डर से सीएम आवास पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
29 जून को भी हुआ था लाठीचार्ज - स्वास्थ्य कर्मचारियों की दूसरी एसोसिएशन पर भी पुलिस का कहर टूट चुका है। 29 जून को पुलिस ने इस एसोसिएशन के सदस्यों पर उस वक्त लाठियां बरसाई थीं, जब वे सीएम आवास की ओर बढ़ने की मांग पर अड़े हुए थे। पुलिस ने उसे पुराना बस अड्डा इलाका स्थित कच्चा बेरी रोड मोड़ पर रोक दिया था। उस वक्त भी पुलिस ने कर्मचारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा था।
मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर यहीं मिलेंगे - प्रदेश प्रधान लाजवंती ने कहा कि 29 जुलाई को सीएम से सुबह 10 बजे मिलने का समय मिला है। लेकिन इस दौरान सीएम से ठोस आश्वासन नहीं मिला तो वे दोबारा से अपना आंदोलन शुरू कर देंगे और फिर इसी जगह मिलेंगे।
बदसलूकी का भी लगाया आरोप - प्रदेश प्रधान लाजवंती के अलावा बालकौर, सावित्री देवी, राजबाला, सतवंती, संतोष देवी, राजरानी और प्रेमवती ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने न सिर्फ उन पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाईं हैं बल्कि कुछ ने उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ भी की है। कई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी भी की।
प्रदर्शन करने आए 500 कर्मचारियों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसएचओ सिविल लाइन जगबीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के खिलाफ धारा 144 तोड़ने, बिना अनुमति एकत्र होकर बवाल करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। वही, डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में हाथापाई हो जाती है। छेड़छाड़ या बदसलूकी जैसे आरोप निराधार है।
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इस पर भी ज्यादातर कर्मचारी वहीं डटे रहे। इसी बीच एक महिला कर्मचारी और महिला पुलिस में धक्का मुक्की हो गई। महिला कर्मचारी ने पुलिस का डंडा तक छीनने की कोशिश की। इसी बीच दूसरे कर्मचारी वहां पहुंच गए। मामला बिगड़ा तो पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े।
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इस पर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। ढाई दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। कुछ बेहोश तक हो गए। एक महिला पुलिसकर्मी की कान की सोने की बाली गिर गई तो एक स्वास्थ्य कर्मी की चांदी की बाली गुम हुई।
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लाठीचार्ज में एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार, सचिव शक्ति सिंह, महिला कर्मचारी सुदेश, अनीता, राजेश और ललित को गंभीर चोटें आई हैं। राजकुमार के पैर की हड्डी टूटी है। राजेश के सिर में चोट है और अनीता गर्भवती है। लाठियां लगने के कारण वह बेहोश होकर गिर गई थी। इन सभी का इलाज पीजीआई में चल रहा है।
रोकते रहे डीएसपी- मामला इतना उलझा की डीएसपी अनिल कुमार व एसएचओ जगबीर सिंह को बीच में आना पड़ा। उन्होंने खुद पुलिस कर्मचारियों को लाठी चार्ज करने से रोका। कुछ पुलिस कर्मचारियों को पीछे भी धकेला। डीएसपी की नेम प्लेट टूट गई।
यातायात व्यवस्था चरमराई- शहर का मुख्य मार्ग जाम होने से शहरवासियों को परेशान होना पड़ा। यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। पुलिस ने सुभाष चौक पर नाका लगाकर वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजारा। किसी भी तरह की अप्रिय घटना के डर से सीएम आवास पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
29 जून को भी हुआ था लाठीचार्ज - स्वास्थ्य कर्मचारियों की दूसरी एसोसिएशन पर भी पुलिस का कहर टूट चुका है। 29 जून को पुलिस ने इस एसोसिएशन के सदस्यों पर उस वक्त लाठियां बरसाई थीं, जब वे सीएम आवास की ओर बढ़ने की मांग पर अड़े हुए थे। पुलिस ने उसे पुराना बस अड्डा इलाका स्थित कच्चा बेरी रोड मोड़ पर रोक दिया था। उस वक्त भी पुलिस ने कर्मचारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा था।
मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर यहीं मिलेंगे - प्रदेश प्रधान लाजवंती ने कहा कि 29 जुलाई को सीएम से सुबह 10 बजे मिलने का समय मिला है। लेकिन इस दौरान सीएम से ठोस आश्वासन नहीं मिला तो वे दोबारा से अपना आंदोलन शुरू कर देंगे और फिर इसी जगह मिलेंगे।
बदसलूकी का भी लगाया आरोप - प्रदेश प्रधान लाजवंती के अलावा बालकौर, सावित्री देवी, राजबाला, सतवंती, संतोष देवी, राजरानी और प्रेमवती ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने न सिर्फ उन पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाईं हैं बल्कि कुछ ने उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ भी की है। कई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी भी की।
प्रदर्शन करने आए 500 कर्मचारियों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसएचओ सिविल लाइन जगबीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के खिलाफ धारा 144 तोड़ने, बिना अनुमति एकत्र होकर बवाल करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। वही, डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में हाथापाई हो जाती है। छेड़छाड़ या बदसलूकी जैसे आरोप निराधार है।