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एफडीडीआई से दर्जन भर सुरक्षाकर्मियों को निकाला
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 12 Jan 2016 02:41 AM IST
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एफडीडीआई में छात्रों और प्रबंधन के बीच विवाद अभी थमा भी नहीं कि
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सुरक्षाकर्मियों ने ठेकेदार और प्रबंधन पर मिलीभगत कर मनमर्जी का आरोप
लगाया है। दरअसल ठेकेदार के माध्यम से सुरक्षाकर्मियों रखे गए हैं। इन
सुरक्षाकर्मियों का तनख्वाह को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था।
सूत्रों के मानें तो सुरक्षाकर्मियों सरकारी रेट केे अनुसार तनख्वाह की मांग कर रहे थे, लेकिन ठेकेदार की तरफ इतनी तनख्वाह नहीं दी जा रही थी। यहां तक गार्डों से 31 दिन की ड्यूटी के बदले उन्हें 26 दिन की तनख्वाह देने की बात कही जाने लगी। इसका उन्होंने विरोध किया, जिसके चलते ठेकेदार ने प्रबंधन से मिलकर 2 सुपरवाईजर और 12 गार्डों को नौकरी से निकाल दिया। बता दें, कि सुरक्षाकर्मियों को कई माह से तनख्वाह भी नहीं दी गई थी। कुछ दिन पहले भी यह मामला उठा था, लेकिन संस्थान के अधिकारियों ने मामला शांत करा दिया था।
सुरक्षाकर्मियों को ठेकेदार के साथ कुछ विवाद था। उन्हें नौकरी से निकाला नहीं गया दूसरी जगह भेजा गया है। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
- मनोज अग्रवाल, सेंटर संचालक
सूत्रों के मानें तो सुरक्षाकर्मियों सरकारी रेट केे अनुसार तनख्वाह की मांग कर रहे थे, लेकिन ठेकेदार की तरफ इतनी तनख्वाह नहीं दी जा रही थी। यहां तक गार्डों से 31 दिन की ड्यूटी के बदले उन्हें 26 दिन की तनख्वाह देने की बात कही जाने लगी। इसका उन्होंने विरोध किया, जिसके चलते ठेकेदार ने प्रबंधन से मिलकर 2 सुपरवाईजर और 12 गार्डों को नौकरी से निकाल दिया। बता दें, कि सुरक्षाकर्मियों को कई माह से तनख्वाह भी नहीं दी गई थी। कुछ दिन पहले भी यह मामला उठा था, लेकिन संस्थान के अधिकारियों ने मामला शांत करा दिया था।
सुरक्षाकर्मियों को ठेकेदार के साथ कुछ विवाद था। उन्हें नौकरी से निकाला नहीं गया दूसरी जगह भेजा गया है। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
- मनोज अग्रवाल, सेंटर संचालक