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Rohtak News: बाजार बंद में व्यापारियों के फैसले का दिखा असर
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फोटो संख्या:66- सतनाली में बंद दुकानें--संवाद
सतनाली। सतनाली के बाजार में सोमवार, 31 अगस्त को व्यापारियों के सामूहिक अवकाश का असर साफ दिखाई दिया। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और मुख्य बाजार की गलियां सामान्य दिनों की अपेक्षा सुनसान नजर आईं। व्यापारियों की मांग और आपसी विचार-विमर्श के बाद सतनाली व्यापार मंडल ने हर माह की अंतिम तारीख को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।
व्यापार मंडल के प्रधान दीपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि सतनाली क्षेत्र में करीब 600 दुकानें हैं। इनमें से 98 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं, जबकि दो प्रतिशत दुकानें खुली रहीं, जिनमें मेडिकल, सब्जी, फल-फ्रूट की दुकानें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह व्यापारियों ने महीने में एक दिन सामूहिक अवकाश रखने की मांग की थी। इसके लिए बाजार में सर्वे करवाया गया और अंतिम तारीख को बाजार पूर्णतया बंद रखने का निर्णय लिया गया।
सचिव महेश माधोगढ़िया, रतन लाल मिश्रा, मनीष मित्तल, बिंटू सिंह और नरेंद्र शेखावत सहित व्यापारियों ने कहा कि लगातार कारोबार के बीच महीने में कम से कम एक दिन सामूहिक अवकाश मिलने से उन्हें व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कार्यों के लिए समय मिल सकेगा।
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हालांकि, मेडिकल व फ्रूट दुकानदारों का कहना है कि हर व्यापारी की परिस्थितियां और कारोबार अलग-अलग हैं, इसलिए व्यक्तिगत रूप से दुकान बंद रखने की सुविधा होनी चाहिए। इसके बावजूद व्यापार मंडल के निर्णय को लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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व्यापार मंडल के प्रधान दीपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि सतनाली क्षेत्र में करीब 600 दुकानें हैं। इनमें से 98 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं, जबकि दो प्रतिशत दुकानें खुली रहीं, जिनमें मेडिकल, सब्जी, फल-फ्रूट की दुकानें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह व्यापारियों ने महीने में एक दिन सामूहिक अवकाश रखने की मांग की थी। इसके लिए बाजार में सर्वे करवाया गया और अंतिम तारीख को बाजार पूर्णतया बंद रखने का निर्णय लिया गया।
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सचिव महेश माधोगढ़िया, रतन लाल मिश्रा, मनीष मित्तल, बिंटू सिंह और नरेंद्र शेखावत सहित व्यापारियों ने कहा कि लगातार कारोबार के बीच महीने में कम से कम एक दिन सामूहिक अवकाश मिलने से उन्हें व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कार्यों के लिए समय मिल सकेगा।
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हालांकि, मेडिकल व फ्रूट दुकानदारों का कहना है कि हर व्यापारी की परिस्थितियां और कारोबार अलग-अलग हैं, इसलिए व्यक्तिगत रूप से दुकान बंद रखने की सुविधा होनी चाहिए। इसके बावजूद व्यापार मंडल के निर्णय को लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।