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रिश्वत लेने के मामले में एसडीओ को चार साल की सजा
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बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम द्वारा पकड़े गए एसडीओ को जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव की अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कारौर निवासी ठेकेदार जसवीर ने 18 मई 2017 को विजिलेंस टीम को शिकायत दी थी कि उसने घरौठी गांव में सिंचाई विभाग का नाला पक्का करने का काम साढे़ छह लाख रुपये में लिया था। उसने जो काम लिया था वह उसे दिसंबर 2016 में काम पूरा कर दिया था। काम पूरा होने के बाद लगभग सवा लाख रुपये का बिल बकाया रह गया था, जिसे एसडीओ रविंद्र कुमार को पास करना था। बिल पास करने के लिए एसडीओ ने उससे बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद आरोपी को रंगेहाथों पकड़ने के लिए विजिलेंस ने एक टीम का गठन किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ट्रेजरी अधिकारी राजवीर के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम ने लघु हस्ताक्षर कर नोटों पर पाउडर लगाकर जसवीर को एसडीओ के पास भेज दिया। एसडीओ ने ठेकेदार से बातचीत कर रिश्वत के रुपये मांगे। इस पर विजिलेंस टीम ने एसडीओ को ठेकेदार से रुपये लेते पकड़ लिया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पांच साल तक अदालत में चली सुनवाई के बाद बुधवार को एसडीओ को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
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कारौर निवासी ठेकेदार जसवीर ने 18 मई 2017 को विजिलेंस टीम को शिकायत दी थी कि उसने घरौठी गांव में सिंचाई विभाग का नाला पक्का करने का काम साढे़ छह लाख रुपये में लिया था। उसने जो काम लिया था वह उसे दिसंबर 2016 में काम पूरा कर दिया था। काम पूरा होने के बाद लगभग सवा लाख रुपये का बिल बकाया रह गया था, जिसे एसडीओ रविंद्र कुमार को पास करना था। बिल पास करने के लिए एसडीओ ने उससे बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद आरोपी को रंगेहाथों पकड़ने के लिए विजिलेंस ने एक टीम का गठन किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ट्रेजरी अधिकारी राजवीर के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम ने लघु हस्ताक्षर कर नोटों पर पाउडर लगाकर जसवीर को एसडीओ के पास भेज दिया। एसडीओ ने ठेकेदार से बातचीत कर रिश्वत के रुपये मांगे। इस पर विजिलेंस टीम ने एसडीओ को ठेकेदार से रुपये लेते पकड़ लिया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पांच साल तक अदालत में चली सुनवाई के बाद बुधवार को एसडीओ को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
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