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स्कैन-ओ एआर डिवाइस मुंह की बीमारी का पता लगाने में मददगार : डॉ. रितु
Wed, 07 May 2025 02:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 07 May 2025 02:28 AM IST
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06सीटीके33...कार्यक्रम का दीप जला शुभारंभ करते कुलपति डॉ एच के अग्रवाल साथ है निदेशक डॉक्टर एस
रोहतक। इंडियन सोसाइटी ऑफ पेडोडोंटिक्स एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री के तत्वावधान में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) के पेडोडोंटिक्स व प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग में एक दिवसीय सतत दंत चिकित्सा शिक्षा (सीडीई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की उभरती भूमिका से छात्रों और चिकित्सकों को आधुनिक दृष्टिकोण और तकनीकी जानकारी देना था। पीडोडोंटिक्स विभाग की अध्यक्ष डॉ. रितु ने बताया कि स्कैन-ओ एआर डिवाइस का लाइव प्रदर्शन किया। यह एक उन्नत एआई संचालित उपकरण है, जो मुंह की बीमारी का पता लगाने में मदद करता है। दंत समस्या के निदान के उभरते परिदृश्य को दर्शाता है।
इसका विषय बियॉन्ड द आई द रोल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन अर्ली डिटेक्शन ऑफ डेंटल कैरीज रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने किया। इसमें 340 से अधिक छात्रों व दंत चिकित्सा पेशेवरों ने भाग लिया।
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डॉ. रितु ने बताया कि ओरल मेडिसिन, ओरल सर्जरी, प्रोस्थोडोंटिक्स, कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री, ऑर्थोडोंटिक्स, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री और ओरल पैथोलॉजी विभाग के सदस्यों ने इसमें भाग लिया। इसमें प्रख्यात वक्ता डॉ. नीरज गुगनानी और डॉ. विधि भानुशाली ने व्याख्यान दिए।
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इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की उभरती भूमिका से छात्रों और चिकित्सकों को आधुनिक दृष्टिकोण और तकनीकी जानकारी देना था। पीडोडोंटिक्स विभाग की अध्यक्ष डॉ. रितु ने बताया कि स्कैन-ओ एआर डिवाइस का लाइव प्रदर्शन किया। यह एक उन्नत एआई संचालित उपकरण है, जो मुंह की बीमारी का पता लगाने में मदद करता है। दंत समस्या के निदान के उभरते परिदृश्य को दर्शाता है।
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इसका विषय बियॉन्ड द आई द रोल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन अर्ली डिटेक्शन ऑफ डेंटल कैरीज रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने किया। इसमें 340 से अधिक छात्रों व दंत चिकित्सा पेशेवरों ने भाग लिया।
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डॉ. रितु ने बताया कि ओरल मेडिसिन, ओरल सर्जरी, प्रोस्थोडोंटिक्स, कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री, ऑर्थोडोंटिक्स, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री और ओरल पैथोलॉजी विभाग के सदस्यों ने इसमें भाग लिया। इसमें प्रख्यात वक्ता डॉ. नीरज गुगनानी और डॉ. विधि भानुशाली ने व्याख्यान दिए।