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Rohtak News: समस्याओं के समाधान में आड़े आ रहे नियम, स्टेटस देखकर ही शिविर में आएं लोग

Tue, 05 Nov 2024 11:23 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:23 PM IST
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Rules are coming in the way of solving problems, people should come to the camp only after seeing the status
रोहतक। समाधान शिविर में आम आदमी को गहराई से यह भी समझाना होगा कि उनकी अर्जी क्यों रद्द की जा रही है। आवेदन में क्या कमी रह गई। नियमों की जटिलता भी आमजन की शिकायतों के समाधान में आड़े आ रही हैं। मंगलवार को दिनभर समाधान शिविर में रद्द हुईं शिकायतों पर अधिकारियों ने मंथन किया। हर शिकायत की ठोस वजह लिखी गई। क्योंकि पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
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मुख्यमंत्री नायब सैनी की पहल पर प्रदेश में 22 अक्तूबर से नगर निगम, नगरपालिका व नगर परिषदों में रोजाना सुबह नौ से 11 बजे तक समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक निगम में सोमवार तक 102 शिकायत आई थीं, इसमें सबसे ज्यादा 78 शिकायत प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से जुड़ी हैं। निगम कुल 37 शिकायतों का ही समाधान कर सका था। 36 शिकायतें लंबित चल रही थीं, जबकि 29 शिकायतें रद्द हो गई थीं। रदद् शिकायतों पर संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र सिंह ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से एक-एक अर्जी पर लिखित में कारण लिया।
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यूं रद्द हुई शिकायतें, पूरे कागजात के साथ आएं शिविर में
: एक युवक ने शिकायत दी थी उसका नाम प्रॉपर्टी आईडी में अब तक ठीक नहीं हुआ है। ऑनलाइन जांच की तो नाम ठीक मिला। क्योंकि युवक पहले अर्जी दे चुका था, लेकिन उसने शिकायत का स्टेटस नहीं देखा था।
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: एक अन्य युवक ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी में संशोधन करवाने के लिए अर्जी दी। जांच की तो पता चला कि उसने पहले प्रॉपर्टी आईडी को स्वयं ही प्रमाणित करवा रखा है। निगम का कहना है कि जो आईडी स्वयं प्रमाणित हो गई, उसमें फिर संशोधन मुख्यालय के स्तर पर ही होगा।
: हिसार रोड निवासी एक व्यक्ति ने अर्जी दी कि उसने घर के आगे ट्रक बॉडी बनाने का काम शुरू किया है। इसके बाद से बिल्डिंग कामर्शियल कर दी। इससे कई गुणा टैक्स बढ़ गया। पहले की तरह रिहायशी दर पर टैक्स दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि वे ऐसा नहीं कर सकते। आवेदक बोला, कारण लिखकर दीजिए। अधिकारियों ने नियमों की काॅपी निकालकर दी, तब आवेदक संतुष्ट हुआ।

: एक आवेदक ने कहा कि उसकी प्रॉपर्टी आईडी को किला नंबर से जोड़ दीजिए। इसके लिए तहसील में ततीमा रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री को लिखकर भेजेंगे, नियमों की जटिलता से आ रहीं दिक्कत
भाजपा कार्यकर्ता एडवोकेट अंकुश बिड्डू सांसी ने बताया कि पार्टी की तरफ से उनकी ड्यूटी समाधान शिविर में लगी है। शिकायत किसी न किसी वजह से रद्द हो रही है। नियमों की जटिलता भी बाधा है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे।
संयुक्त आयुक्त ने सुनी समस्याएं, सात में से तीन का समाधान
निगम आयुक्त धर्मेंद्र चंडीगढ़ हुए थे, जबकि संयुक्त आयुक्त मनदीप अवकास पर थे। डीएमसी जितेंद्र कुमार निजी कारणों से छुट्टी पर हैं। ऐसे में मंगलवार को संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र सिंह ने समाधान शिविर में शिकायत सुनीं। नगर निगम रोहतक व नगरपालिका महम, सांपला व कलानौर में कुल सात शिकायतें मिली, इनमें से तीन का मौके पर समाधान किया गया। बाकी के लिए समय दिया गया है। समाधान शिविर में ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सतीश चौधरी, पूर्व मनोनित पार्षद अमित बंसल, एडवोकेट संदीप जांगड़ा, नगर निगम कार्यालय के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


ठोस कारण बताकर आम लोगों को बताया जाता है कि उनका आवेदन आगे क्यों नहीं बढ़ रहा है। टैक्स ब्रांच के सभी लिपिक को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी तरह की लापरवाही न बरतें। किसी तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कडी़ कार्रवाई होगी।
भूपेंद्र सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम
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