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Rohtak News: स्वच्छता में रोहतक की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधरकर 25वीं हुई, प्रदेश में चार पायदान लुढ़की
Fri, 18 Jul 2025 02:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 18 Jul 2025 02:15 AM IST
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पालिका बाजार के सामने सड़क पर पड़ी गंदगी। संवाद
रोहतक। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में रोहतक शहर राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड 25वें स्थान पर पहुंच गया है। दूसरी तरफ प्रदेश के अंदर सबसे स्वच्छ शहर पहले स्थान से लुढ़क कर 5वें पायदान पर पहुंच गया है। शहरवासियों का कहना है कि अगर वर्तमान के हालात नहीं सुधरे तो नए सर्वेक्षण 2025 में हालात और ज्यादा खराब होंगे।
निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि केंद्र की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 कराया गया जिसमें 4 हजार 589 छोटे-बड़े शहरों को शामिल किया गया था। सर्वेक्षण में नगर निगम रोहतक ने राष्ट्रीय स्तर पर 84 अंकों की छलांग लगाते हुए 25वां व प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है।
3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों में प्रदेश स्तर पर पहला स्थान मिला है। इसके अलावा वाटर प्लस में एक स्टार मिला है। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि जनता के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड रैंकिंग आई है। प्रदेशस्तर पर भी और सुधार करेंगे। इसके लिए पार्षदों, बाजार एसोसिएशन, औद्योगिक एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन, सामाजिक, धार्मिक व आरडब्ल्यूए का सहयोग लिया जाएगा।
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नगर निगम की अब तक की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग
वर्ष रैंक
2016 - 288वीं
2017 - 295वीं
2018 - 89वीं
2019 - 69वीं
2020 - 35वीं
2021 - 49वीं
2022- 38वीं
2023-109वीं
2024- 25 वीं
ये रहा शहर का रिपोर्ट कार्ड
घर-घर से कचरा उठान 96 प्रतिशत
डंपिंग पॉइंट की सफाई 93 प्रतिशत
कचरा निस्तारण 75 प्रतिशत
गीला व सूखा कचरा पृथक्करण 58 प्रतिशत
एक साल पहले हुआ था सर्वे, वर्तमान में हालात बदहाल
वीरवार को 2024 का परिणाम आया है। नया सर्वेक्षण 2025 में होना है। 30 जून को निगम की तरफ से सफाई का टेंडर किया गया। ठेकेदार सही से कूड़ा नहीं उठवा पा रहे हैं। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। घर-घर से कूड़ा उठान पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। वीरवार सुबह पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार वाल्मीकि व निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने पंडित श्रीराम रंगशाला से ठेकेदार के 70 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शहरवासी बोले
अधिकारियों को आम लोगों के साथ मिलकर सफाई के क्षेत्र में काम करना होगा। अधिकारियों को और मेहनत करने की जरूरत है। कर्मचारियों का शहरवासी भी सहयोग करें तभी 2025 में अच्छी रैंक आएगी। -मनमोहन गोयल, पूर्व मेयर नगर निगम।
निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में तालमेल नहीं है इसलिए स्वच्छता रैंकिंग गिरी है। अधिकारियों को चाहिए कि कर्मचारियों की मांगों को समझें और पूरा करें। दूसरा अधिकारियों को चाहिए था कि सफाई को लेकर केस कोर्ट में न जाए। ठेकेदार के साथ अगर कुछ गलत हुआ था तो बैठकर विवाद को सुलझाना चाहिए था। -गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार एसोसिएशन।
शहर में कचरा उठान ही नहीं सीवर व बारिश के पानी की निकासी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। सफाई का केस कोर्ट में जाने से पहले सुलझाना चाहिए था। अब भी बड़े स्तर पर सफाई को लेकर कदम नहीं उठाए गए तो हालात और खराब हो जाएंगे। -कदम सिंह अहलावत, पूर्व पार्षद।
स्वच्छता हर शहरवासी से सीधी जुड़ी है। निगम के अधिकारियों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा सामाजिक, धार्मिंक, एनजीओ, आरडब्ल्यू व दूसरे संगठनों को साथ लेकर काम करें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। फिर रोहतक स्वच्छता में प्रथम स्थान पर आ जाएगा। -सुशील पांचाल, अधिवक्ता जिला बार।
यह उठाना होगा कदम
पहली बार वाटर प्लस, कचरा अलग करने में कटे सबसे ज्यादा अंक
सर्वेक्षण में पहली बार रोहतक निगम को वाटर प्लस का एक स्टार मिला है। अर्थात गंदे पानी को एसटीपी के माध्यम से दोबारा प्रयोग में लाया जाता है जबकि कचरा अलग-अलग करने में सबसे कम अंक मिले हैं। गीला व सूखा कचरा अलग करने का आंकड़ा मात्र 58 प्रतिशत है। ऐसे में निगम को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाना होगा कि कूड़ा कैसे अलग करें। बाजारों में हरा व पीला डस्टबिन रखना होगा।
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निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि केंद्र की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 कराया गया जिसमें 4 हजार 589 छोटे-बड़े शहरों को शामिल किया गया था। सर्वेक्षण में नगर निगम रोहतक ने राष्ट्रीय स्तर पर 84 अंकों की छलांग लगाते हुए 25वां व प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है।
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3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों में प्रदेश स्तर पर पहला स्थान मिला है। इसके अलावा वाटर प्लस में एक स्टार मिला है। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि जनता के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड रैंकिंग आई है। प्रदेशस्तर पर भी और सुधार करेंगे। इसके लिए पार्षदों, बाजार एसोसिएशन, औद्योगिक एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन, सामाजिक, धार्मिक व आरडब्ल्यूए का सहयोग लिया जाएगा।
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नगर निगम की अब तक की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग
वर्ष रैंक
2016 - 288वीं
2017 - 295वीं
2018 - 89वीं
2019 - 69वीं
2020 - 35वीं
2021 - 49वीं
2022- 38वीं
2023-109वीं
2024- 25 वीं
ये रहा शहर का रिपोर्ट कार्ड
घर-घर से कचरा उठान 96 प्रतिशत
डंपिंग पॉइंट की सफाई 93 प्रतिशत
कचरा निस्तारण 75 प्रतिशत
गीला व सूखा कचरा पृथक्करण 58 प्रतिशत
एक साल पहले हुआ था सर्वे, वर्तमान में हालात बदहाल
वीरवार को 2024 का परिणाम आया है। नया सर्वेक्षण 2025 में होना है। 30 जून को निगम की तरफ से सफाई का टेंडर किया गया। ठेकेदार सही से कूड़ा नहीं उठवा पा रहे हैं। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। घर-घर से कूड़ा उठान पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। वीरवार सुबह पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार वाल्मीकि व निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने पंडित श्रीराम रंगशाला से ठेकेदार के 70 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शहरवासी बोले
अधिकारियों को आम लोगों के साथ मिलकर सफाई के क्षेत्र में काम करना होगा। अधिकारियों को और मेहनत करने की जरूरत है। कर्मचारियों का शहरवासी भी सहयोग करें तभी 2025 में अच्छी रैंक आएगी। -मनमोहन गोयल, पूर्व मेयर नगर निगम।
निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में तालमेल नहीं है इसलिए स्वच्छता रैंकिंग गिरी है। अधिकारियों को चाहिए कि कर्मचारियों की मांगों को समझें और पूरा करें। दूसरा अधिकारियों को चाहिए था कि सफाई को लेकर केस कोर्ट में न जाए। ठेकेदार के साथ अगर कुछ गलत हुआ था तो बैठकर विवाद को सुलझाना चाहिए था। -गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार एसोसिएशन।
शहर में कचरा उठान ही नहीं सीवर व बारिश के पानी की निकासी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। सफाई का केस कोर्ट में जाने से पहले सुलझाना चाहिए था। अब भी बड़े स्तर पर सफाई को लेकर कदम नहीं उठाए गए तो हालात और खराब हो जाएंगे। -कदम सिंह अहलावत, पूर्व पार्षद।
स्वच्छता हर शहरवासी से सीधी जुड़ी है। निगम के अधिकारियों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा सामाजिक, धार्मिंक, एनजीओ, आरडब्ल्यू व दूसरे संगठनों को साथ लेकर काम करें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। फिर रोहतक स्वच्छता में प्रथम स्थान पर आ जाएगा। -सुशील पांचाल, अधिवक्ता जिला बार।
यह उठाना होगा कदम
पहली बार वाटर प्लस, कचरा अलग करने में कटे सबसे ज्यादा अंक
सर्वेक्षण में पहली बार रोहतक निगम को वाटर प्लस का एक स्टार मिला है। अर्थात गंदे पानी को एसटीपी के माध्यम से दोबारा प्रयोग में लाया जाता है जबकि कचरा अलग-अलग करने में सबसे कम अंक मिले हैं। गीला व सूखा कचरा अलग करने का आंकड़ा मात्र 58 प्रतिशत है। ऐसे में निगम को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाना होगा कि कूड़ा कैसे अलग करें। बाजारों में हरा व पीला डस्टबिन रखना होगा।

पालिका बाजार के सामने सड़क पर पड़ी गंदगी। संवाद