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Rohtak: नीट की परीक्षा में कम अंक आने पर घर छोड़ गया छात्र, कमरे की दीवार पर चस्पा किया पत्र, बोला पापा मैं...
Sat, 27 Jul 2024 01:35 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 27 Jul 2024 01:35 PM IST
सार
छात्र ने कहा कि नीट की परीक्षा में नंबर कम आने पर काफी परेशान रहता हूं। आपने मुझे राजस्थान कोचिंग के लिए भेजा था, वहां भी मेरा मन नहीं लगा। मैं आप लोगों की अपेक्षा पर खरा न उतर सका।
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नीट की परीक्षा में कम अंक आने से परेशान जाट कॉलेज की पूर्व प्राचार्या के ड्राइवर का 18 साल का बेटा घर छोड़कर चला गया। कमरे की दीवार पर पत्र चस्पा कर लिखा, मैं नीट की परीक्षा में कम नंबर आने से परेशान हूं, पापा आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। घर छोड़कर जा रहा हूं। परेशान पिता ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया है।
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कमल कॉलोनी निवासी सुधीर ने पुलिस दी शिकायत में बताया कि उसका 18 साल का बेटा विनायक कोचिंग लेने के लिए शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कोचिंग लेने के लिए पावर हाउस के पास कोचिंग सेंटर पर गया था। डेढ़ बजे सेंटर से फोन आया कि आपका बेटा कोचिंग क्लास में नहीं आया। इंतजार कर 3.30 बजे पुलिस को सूचना दी। साथ ही बेटे के कमरे की जांच की।
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दीवार पर एक पत्र चस्पा हुआ था, जिसमें लिखा था कि, मैं अपनी मर्जी से घर छोड़कर जा रहा हूं। नीट की परीक्षा में नंबर कम आने पर काफी परेशान रहता हूं। आपने मुझे राजस्थान कोचिंग के लिए भेजा था, वहां भी मेरा मन नहीं लगा। मैं आप लोगों की अपेक्षा पर खरा न उतर सका। इसलिए मैं यह घर छोड़कर चला गया हूं। इसी बीच शाम पांच बजे सुधीर की पत्नी के मोबाइल नंबर पर एक युवक की कॉल आई। उसने कहा कि वह दिल्ली से आदित्य बोल रहा है। उसने बताया कि अंटी विनायक मेरे पास दिल्ली आया था। थोड़ी देर में बिना बताए चला गया। विनायक के पिता ने आदित्य से बात की, लेकिन कहीं सुराग नहीं लग सका।
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बेटे को कहा था, डोनेशन से दाखिला दिलवा दूंगा
विनायक उसका इकलौता बेटा है। घर से कोचिंग सेंटर तक आता-जाता था। परिवार के साथ घुल-मिल कर रहता था, लेकिन बाहर किसी से ज्यादा संपर्क नहीं रखता था। नीट की परीक्षा में 520 नंबर आने पर कहा था, कोई नहीं बेटा डोनेशन से दाखिल दिलवा देंगे। पता नहीं, क्यों घर छोड़कर चला गया। उसे तलाश कर रहे हैं।
सुधीर, छात्र विनायक का पिता