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पहरावर की नंदी गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे निगमायुक्त ने एसडीओ को चेताया
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:38 AM IST
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निगमायुक्त और निगम पार्षद करेंगे नंदी गौशाला की सेवा
- फोटो : amar ujala
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पहरावर स्थित नंदी गौशाला की सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक का इंतजाम करने के लिए निगमायुक्त और पार्षदों ने बीड़ा उठाया है। पार्षद सूरजमल रोज ने बताया कि 800 के करीब नंदी के आहार का इंतजाम किया गया है। करीब 21 हजार का चारा और 11 क्विंटल अनाज की व्यवस्था की गई है। डीसी ने गौशाला की सभी व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने की बात कही है। उन्होंने एसडीओ से कहा कि लेबर दुगना करो या तिगुना, अगले शनिवार तक शेड तैयार मिलनी चाहिए। इसके अलावा एक और शेड बननी चाहिए। गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उद्योगपतियों से भी सहयोग लेने की बात कही है।
शनिवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी अतुल कुमार, निगम के संयुक्त आयुक्त अजय चोपड़ा, पार्षद सूरजमल रोज, बलराज बल्लू, कार्यकारी अभियंता अशोक मलिक, एसडीओ सत्यवान, सफाई निरीक्षक सुंदर और मंजीत यादव नंदी गौशाला पहुंचे। इन लोगों ने गौशाला की एक-एक व्यवस्था का जायजा लिया और गौवंश की प्रत्येक जरूरतों पर विचार विमर्श किया। निगमायुक्त अतुल कुमार ने गौशाला का निरीक्षण के बाद निगम के एसडीओ सत्यवान से पूछा कि शेड का कार्य कितने दिन में पूरा हो जाएगा। जब एसडीओ ने 15 दिन का समय बताया तो डीसी ने एक सप्ताह का समय दिया। कहा कि लेबर दुगना करो या तिगुना, अगले शनिवार को शेड तैयार मिलनी चाहिए। कहा कि इसके अतिरिक्त एक और शेड का इंतजाम होना चाहिए।
डीसी ने मौके पर नया ट्रांसफार्मर लगाने, अतिरिक्त ट्यूबवेल, नहरी पानी की व्यवस्था करने, पानी का टैंक बनवाने, चारा काटने की अतिरिक्त मशीन का इंतजाम करने की बात कही। डीसी ने कहा कि नंदी गौशाला निगम के सहयोग से चलाई जाएगी, यदि इसमें कहीं कमी आती है तो उद्योगपतियों से दान करने की अपील कर सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशाला को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे लोग इसे खुद देखने आएं। जेसी चोपड़ा ने बताया कि जब तक शेड तैयार नहीं होता है तब तक टेंट का इंतजाम किया जा रहा है।
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नकदी नहीं, चारे की लेंगे मदद
पार्षदों ने कहा कि नंदी गौशाला के लिए किसी से नकदी नहीं ली जाएगी। जो सेवा करना चाहेगा वह चारा के रूप में मदद करे। पार्षद अनिल ने बताया कि इसके लिए हर कालोनी के गणमान्य लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में मुनादी करा दें, जिससे लोग चारे के लिए मदद कर सकें। जो भी व्यक्ति चारे के लिए दान देना चाहेगा वह उन्हें फोन कर सूचना दे, गाड़ी भिजवा कर चारा उठवा लेंगे।
मनै बेरा था थाम राह में खडे़ पाओगे
नंदी गौशाला में पार्षद सूरजमल रोज, बलराज व अनिल को देखते ही हरियाणवी लहजे में निगमायुक्त अतुल कुमार ने कहा कि मनै बेरा था थाम राह में खडे़ पाओगे। इसका असर यह रहा है कि तपती गर्मी में सभी ने अधिकारी के निरीक्षण में सहयोग किया और अधिकारी ने भी एक के बाद एक जरूरतों पर हरी झंडी देते चले गए। डीसी ने चहारदीवारी में खुले स्पेस से लेकर नंदी की सुरक्षा इंतजाम तक पर स्वयं सवाल खडे़ किए।
पेड़ की छांव में खूब चला हंसी-मजाक
तीनों पार्षदों की टोली गौशाला के पास पेड़ की छांव में बैठ गए। यहां खूब हंसी-मजाक चला। पार्षद जहां नंदी को खागड़ कह रहे थे, वहीं स्वयं को भी खागड़ कहने से नहीं चूके। कहा कि खागड़ों की देखभाल और सेवा तक अब हम खागड़ ही करेंगे। निगम के एक अधिकारी को मटरू की संज्ञा दी गई और वे सभी के बीच एक हो गए। पार्षदों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हर अधिकारी के क्षेत्र को समझने से पहले ही उसका स्थानांतरण कर देती है। उन्होंने जेसी के स्थानांतरण रुकवाने की बात रखी। इस मौके पर अखिल भारतीय गौशाला पहरावर के महासचिव भोला राम कौशिक ने गौशाला की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
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शनिवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी अतुल कुमार, निगम के संयुक्त आयुक्त अजय चोपड़ा, पार्षद सूरजमल रोज, बलराज बल्लू, कार्यकारी अभियंता अशोक मलिक, एसडीओ सत्यवान, सफाई निरीक्षक सुंदर और मंजीत यादव नंदी गौशाला पहुंचे। इन लोगों ने गौशाला की एक-एक व्यवस्था का जायजा लिया और गौवंश की प्रत्येक जरूरतों पर विचार विमर्श किया। निगमायुक्त अतुल कुमार ने गौशाला का निरीक्षण के बाद निगम के एसडीओ सत्यवान से पूछा कि शेड का कार्य कितने दिन में पूरा हो जाएगा। जब एसडीओ ने 15 दिन का समय बताया तो डीसी ने एक सप्ताह का समय दिया। कहा कि लेबर दुगना करो या तिगुना, अगले शनिवार को शेड तैयार मिलनी चाहिए। कहा कि इसके अतिरिक्त एक और शेड का इंतजाम होना चाहिए।
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डीसी ने मौके पर नया ट्रांसफार्मर लगाने, अतिरिक्त ट्यूबवेल, नहरी पानी की व्यवस्था करने, पानी का टैंक बनवाने, चारा काटने की अतिरिक्त मशीन का इंतजाम करने की बात कही। डीसी ने कहा कि नंदी गौशाला निगम के सहयोग से चलाई जाएगी, यदि इसमें कहीं कमी आती है तो उद्योगपतियों से दान करने की अपील कर सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशाला को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे लोग इसे खुद देखने आएं। जेसी चोपड़ा ने बताया कि जब तक शेड तैयार नहीं होता है तब तक टेंट का इंतजाम किया जा रहा है।
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नकदी नहीं, चारे की लेंगे मदद
पार्षदों ने कहा कि नंदी गौशाला के लिए किसी से नकदी नहीं ली जाएगी। जो सेवा करना चाहेगा वह चारा के रूप में मदद करे। पार्षद अनिल ने बताया कि इसके लिए हर कालोनी के गणमान्य लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में मुनादी करा दें, जिससे लोग चारे के लिए मदद कर सकें। जो भी व्यक्ति चारे के लिए दान देना चाहेगा वह उन्हें फोन कर सूचना दे, गाड़ी भिजवा कर चारा उठवा लेंगे।
मनै बेरा था थाम राह में खडे़ पाओगे
नंदी गौशाला में पार्षद सूरजमल रोज, बलराज व अनिल को देखते ही हरियाणवी लहजे में निगमायुक्त अतुल कुमार ने कहा कि मनै बेरा था थाम राह में खडे़ पाओगे। इसका असर यह रहा है कि तपती गर्मी में सभी ने अधिकारी के निरीक्षण में सहयोग किया और अधिकारी ने भी एक के बाद एक जरूरतों पर हरी झंडी देते चले गए। डीसी ने चहारदीवारी में खुले स्पेस से लेकर नंदी की सुरक्षा इंतजाम तक पर स्वयं सवाल खडे़ किए।
पेड़ की छांव में खूब चला हंसी-मजाक
तीनों पार्षदों की टोली गौशाला के पास पेड़ की छांव में बैठ गए। यहां खूब हंसी-मजाक चला। पार्षद जहां नंदी को खागड़ कह रहे थे, वहीं स्वयं को भी खागड़ कहने से नहीं चूके। कहा कि खागड़ों की देखभाल और सेवा तक अब हम खागड़ ही करेंगे। निगम के एक अधिकारी को मटरू की संज्ञा दी गई और वे सभी के बीच एक हो गए। पार्षदों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हर अधिकारी के क्षेत्र को समझने से पहले ही उसका स्थानांतरण कर देती है। उन्होंने जेसी के स्थानांतरण रुकवाने की बात रखी। इस मौके पर अखिल भारतीय गौशाला पहरावर के महासचिव भोला राम कौशिक ने गौशाला की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।