फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   rohtak, jaat andolan, case, jaat reservation, haryana government, arrest, police, haryana rohtak

सरकार ने बात के लिए बुलाया चंडीगढ़, जेल भरो आंदोलन टला

Thu, 05 May 2016 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 05 May 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
rohtak, jaat andolan, case, jaat reservation, haryana government, arrest, police, haryana rohtak
जाटों को सरकार का पत्र देते तहसीलदार - फोटो : amar ujala
जेल भरो आंदोलन के चौथे दिन सरकार ने आंदोलनकारियों को बातचीत का न्यौता दे दिया। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे आंदोलनकारियों की कोर कमेटी चंडीगढ़ में सरकार से वार्ता करेगी। वार्ता का बुलावा आते ही आंदोलनकारियों ने फिलहाल के लिए जेल भरो आंदोलन को टाल दिया है। हालांकि सेक्टर 1 स्थित जाट भवन में धरना जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि यहां जाटों को डीजीपी और गृह सचिव से मिलवाया जाएगा। बता दें कि आंदोलन के तीन दिन तक तीन दर्जन लोगों को गिरफ्तारियां की गईं। पीछे हट रही पुलिस को जाटों ने खूब छकाया और अड़कर गिरफ्तारियां दी। पुलिस ने सभी को हाथोंहाथ जमानत देकर घर-घर छुड़वाया। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। सूत्रों की मानें तो पुलिस आंदोलनकारियों को जेल नहीं भेजना चाहती है। डर है कि कहीं आंदोलनकारी अंदर बंद युवाओं के साथ मिलकर जेल में अनशन न शुरू कर दें।
विज्ञापन


आंदोलन के चौथे दिन बुधवार दोपहर आंदोलनकारी गिरफ्तारी देने के लिए जाट भवन में जुटे ही थे कि तहसीलदार गुलाब सिंह संदेश लेकर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि डीसी अतुल कुमार ने जिले में रोजाना हो रही गिरफ्तारियों के मामले में मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को जानकारी दे दी है। इसलिए वे उनकी मांगों पर बातचीत करना चाहते हैं। आंदोलनकारियों ने आधे घंटे मंथन के बाद जेल भरो आंदोलन को स्थगित कर दिया। जाट युवा एकता मंच के संयोजक सतीश राणा ने बताया कि चंडीगढ़ में वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार को 21 फरवरी के दिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ द्वारा किया गया वादा याद दिलाया जाएगा। वादा किया गया था कि आंदोलन के दौरान हुए सभी केस खारिज कर दिए जाएंगे। किसी भी युवा को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। मंच का आरोप है कि अब तक सैकड़ों युवाओं को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार किया जा चुका है। नवीन मलिक ने कहा कि वार्ता में मंच की ओर से एक एजेंडा रखा जाएगा, लेकिन तब तक जाट भवन के बाहर धरना जारी रहेगा। हल नही निकला तो फिर से आंदोलन होगा। युवाओं के जेल से बाहर आने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर विनीत धनखड़, ओमप्रकाश कबूलपुर, जगजीत हुड्डा, राम प्रकाश राठी, बिट्टू, संदीप नरवाल, अनूप, विकास हुड्डा, प्रेमलता खरैटी, कमला चुलाना, कृष्णा, शांति, खुजानी सांघी, अनीता खेड़ीसाध, लक्ष्मी किलोई और सावित्री मौजूद रहे।
विज्ञापन


इन एजेंडों पर होगी सरकार से बात

21 फरवरी को सरकार ने आंदोलन के केस खारिज करने का जो वादा किया था, उसका नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
जब तक सरकार केस खारिज करने का नोटिफिकेशन जारी नही करती, तब तक नई गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए। जेल में बंद युवाओं को जमानत दिलवाई जाए।
आरोप है कि आंदोलन के दौरान कई बेकसूर युवा सड़कों से उठाए गए और उन पर संगीन धाराएं लगाई गई हैं। जबकि ये युवा किसी निजी काम से शहर में आए हुए थे। उनके खिलाफ  न तो कोई फोटो है ओर न ही कोई विडियो है। वो कहीं भी आगजनी में नहीं थे। उनके खिलाफ एफआईआर रद्द की जाए और उन्हें रिहा किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए सभी आंदोलनकारियों के परिवारों को मुआवजा व एक सदस्य को तुरंत सरकारी नौकरी दी जाए।

दोबारा से शुरू कर देंगे जेल भरो आंदोलन

मंच के सलाहकार जुगनू बोहर ने बताया कि सरकार से बातचीत के बाद वे गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि क्या बातचीत हुई है। सरकार ने उनकी क्या मांगें मानी हैं। अगर सरकार का नकारात्मक रवैया रहा तो खापों और गांव के प्रतिनिधियों से संपर्क करके पूरे हरियाणा में दोबारा से जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed