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Rohtak News: इलेक्ट्रिक बसों के विरोध में उतरे रोडवेजकर्मी, 3 फरवरी से करेंगे आंदोलन
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25सीटीके09...हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के सदस्य डिपो में प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : गणतंत्र दिवस की तैयारी।
रोहतक। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने शनिवार को पांच डिपो में बैठक कर प्रर्दशन करते हुए रोहतक, हिसार, अंबाला, सोनीपत व रेवाड़ी डिपो में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्णय का विरोध किया है। कर्मचारियों ने महाप्रबंधकों के माध्यम से महानिदेशक राज्य परिवहन को ज्ञापन दिया है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर परिवहन मंत्री बातचीत के माध्यम से निपटारा करें। अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो 3 फरवरी को राज्य साझा मोर्चा रोडवेज कर्मचारी आंदोलन को तेज करेगा।
साझा मोर्चा के सभी वरिष्ठ अध्यक्षों ने बैठक की अध्यक्षता की। संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया। बैठक और प्रर्दशन के बाद कर्मचारी नेताओं ने कहा एक इलेक्ट्रॉनिक बस के बदले पांच साधारण बसें आ जाती। प्रदेश में सभी डिपो में 50-50 बसें लेने का जो निर्णय है, उसकी जगह पर 300 साधारण बसें डिपो के बेड़े में शामिल हो सकती हैं। इससे प्रदेश में 7200 से अधिक बसें उपलब्ध हो जाएंगी। एक बस पर छह बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। इस प्रकार सरकारी बसों पर 4300 बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। अगर इलेक्ट्रिक बसें ही सरकार चलाना चाहती हैं तो सरकार खुद अपनी बसें खरीदकर बेड़े में शामिल करें।
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साझा मोर्चा ने प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री से अपील की है कि रोडवेज बेड़े में प्राइवेट किलोमीटर स्कीम की बसें नहीं लेकर सरकारी बसें शामिल करें व निजीकरण की नीतियों को बंद करें। इस मौके पर नरेंद्र दिनोद, आजाद गील, जयबीर घनघस, मायाराम, जयभगवान कादयान, अशोक खोखर, संजीव कुमार, नीरज शर्मा, अमित महराणा, वीरेंद्र सिंहरोहा, सुमेर सिवाच, जगदीप लाठर, दिनेश हुड्डा मौजूद रहे।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर परिवहन मंत्री बातचीत के माध्यम से निपटारा करें। अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो 3 फरवरी को राज्य साझा मोर्चा रोडवेज कर्मचारी आंदोलन को तेज करेगा।
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साझा मोर्चा के सभी वरिष्ठ अध्यक्षों ने बैठक की अध्यक्षता की। संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया। बैठक और प्रर्दशन के बाद कर्मचारी नेताओं ने कहा एक इलेक्ट्रॉनिक बस के बदले पांच साधारण बसें आ जाती। प्रदेश में सभी डिपो में 50-50 बसें लेने का जो निर्णय है, उसकी जगह पर 300 साधारण बसें डिपो के बेड़े में शामिल हो सकती हैं। इससे प्रदेश में 7200 से अधिक बसें उपलब्ध हो जाएंगी। एक बस पर छह बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। इस प्रकार सरकारी बसों पर 4300 बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। अगर इलेक्ट्रिक बसें ही सरकार चलाना चाहती हैं तो सरकार खुद अपनी बसें खरीदकर बेड़े में शामिल करें।
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साझा मोर्चा ने प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री से अपील की है कि रोडवेज बेड़े में प्राइवेट किलोमीटर स्कीम की बसें नहीं लेकर सरकारी बसें शामिल करें व निजीकरण की नीतियों को बंद करें। इस मौके पर नरेंद्र दिनोद, आजाद गील, जयबीर घनघस, मायाराम, जयभगवान कादयान, अशोक खोखर, संजीव कुमार, नीरज शर्मा, अमित महराणा, वीरेंद्र सिंहरोहा, सुमेर सिवाच, जगदीप लाठर, दिनेश हुड्डा मौजूद रहे।