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रोडवेज ड्राइविंग स्कूल का पासवर्ड लीक, प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा
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रोडवेज के ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल में प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि बस अड्डे पर ही एक दुकान संचालक विभाग की साइट से डाटा लेकर छात्रों से 3800 रुपये की जगह पांच हजार रुपये तक फीस वसूल रहा था। जीएम ने मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
रोहतक डिपो के बस स्टैंड पर हैवी लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल है, जहां 37 दिन प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके लिए युवा ऑनलाइन आवेदन करते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल ने 40 से 50 युवकों को प्रशिक्षण दिया था। अगस्त में 500 युवाओं की प्रशिक्षण के लिए सूची फाइनल की गई है। छात्र मूल फीस ऑनलाइन जमा करवा सकता है, मगर जीएसटी फीस स्कूल में जमा करानी होती है। जीएम के आदेश पर कर्मचारी अशोक कुमार ने 10 अगस्त को स्कूल इंचार्ज का पद संभाला है। इंचार्ज अशोक ने जीएम को भेजी रिपोर्ट में चौंकाने वाला यह खुलासा किया है।
497 नंबर की जमा फीस से खुला राज
स्कूल इंचार्ज अशोक ने जीएम को भेजी शिकायत में बताया कि 10 अगस्त को जब उसने कार्यभार संभाला। उस समय बताया गया कि 46 अभ्यर्थियों की ही फीस जमा हुई है। जब 500 अभ्यर्थियों की लिस्ट से मिलान किया गया तो पता चला कि पहली फीस 497 नंबर के अभ्यर्थी की भरी गई, जो गलत थी। इसके बाद पता चला कि जीएसटी फीस जमा कराने का पासवर्ड लीक है। इस पर जीएम के आदेश पर हिसार की आईटी सेल ने उसका पासवर्ड बदला।
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दो वीडियो वायरल, दुकानदार बोला, रिकॉर्ड ले जा रहा हूं
वायरल पहले वीडियो में कथित दुकानदार कह रहा है कि, वह सारा रिकॉर्ड लेकर जा रहा है। सबकी फाइल मेरे पास हैं, जिन्हें सुबह आठ बजे फूंक दूंगा। वीडियो भी जारी करूंगा। कोई रोक सकता हो तो रोक लेना। इसके बाद किसी का भी लाइसेंस नहीं बनेगा। लाइसेंस मैं दूंगा, इसको धमकी मानो या कुछ भी। मैं नहीं जानता। मेरा ये हाल होगा, मगर तुम्हारा भी क्या होगा सोचो। 24 तारीख के बाद समय मेरा भी आएगा। बता दूं, 280 की ट्रेनिंग होनी है और 279 फाइल मेरे पास हैं। मैं ट्रेनिंग स्कूल नहीं चला रहा था, उसका काम कर रहा था।
दूसरा वीडियो : मैं आखिरी दम तक लड़ूंगा
मैं आखिरी दम तक लड़ूंगा। कोई चिंता नहीं है। मेरे साथ रोडवेज के कर्मचारी हैं। 500 की लिस्ट बनाई है। वह पांच साल से लगा है। सारे काम होते थे। कौन सा जुल्म हो गया है कि एक सरकारी आदमी ने मदद कर दी। मदद ले ली, तुम क्या समझो कि रिश्वत से ही मदद मिलती है। ...किसने बैठाया तुझे। जीएम को भी गलत साबित कर सकता हूं। मैं पूरी ताकत से लड़ूंगा।
दावा : 220 अभ्यर्थियों की फीस नहीं होगी वापस
हैवी व्हीकल ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज का कहना है कि 500 अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी हुई थी, जबकि 280 को ही ट्रेनिंग दी जा सकती है। ऐसे में जीएसटी फीस शुरुआत के अभ्यर्थियों की पहले जमा होनी चाहिए थी। इसके बाद वेटिंग के अभ्यर्थियों की। सबसे पहले आखिरी अभ्यर्थियों की फीस जमा होने से गड़बड़ी हो गई है। शेष 220 अभ्यर्थियों की फीस वापस नहीं होगी।
शटर गिराकर चला गया दुकानदार
हैवी लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले छात्र चयन न होने के चलते सोमवार को स्टैंड पर पहुंचे। युवकों ने फीस वापस करने के लिए कहा। जब अभ्यर्थी गुस्साने लगे तो हालात देखकर दुकानदार दुकान बंद करके चला गया।
ऐसे सिर्फ 280 को ही दी जा सकती है ट्रेनिंग
रोहतक डिपो का मंगलवार से शुरू होने वाला बैच नंबर 1222 है। सुबह-शाम अभ्यर्थियों को हैवी व्हीकल चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए रोडवेज के पास मुख्यालय से सिर्फ सात बसें ही स्वीकृत हैं। ट्रेनिंग के दौरान एक बस में चालक के अलावा 20 अभ्यर्थी ही बैठ सकते हैं। इस तरह से दोनों शिफ्ट में सिर्फ 280 अभ्यर्थी ही प्रशिक्षण ले सकते हैं।
जानकारी का अभाव होने से ऐसी बात कही जा रही है। फीस जमा करने वाले जिन अभ्यर्थियों को अभी ट्रेनिंग नहीं मिलेगी, उन्हें अगले बैच में समायोजित किया जाएगा। ऐसा हमेशा से होता आ रहा है।
- नरेश नांदल, पूर्व स्कूल इंचार्ज
शिकायत मिली है कि हैवी लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा था। इस पर ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट दो स्तर पर मांगी है, ताकि खामी सुधारते हुए दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाए। रोडवेज का गोपनीय पासवर्ड लीक होने की सूचना पर तुरंत आईटी सेल से बदलवाया गया है। इतना तय समझें कि किसी भी स्तर पर दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई होगी। दुकानदार द्वारा दो वीडियो जारी करने की भी सूचना है।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोहतक डिपो
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रोहतक डिपो के बस स्टैंड पर हैवी लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल है, जहां 37 दिन प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके लिए युवा ऑनलाइन आवेदन करते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल ने 40 से 50 युवकों को प्रशिक्षण दिया था। अगस्त में 500 युवाओं की प्रशिक्षण के लिए सूची फाइनल की गई है। छात्र मूल फीस ऑनलाइन जमा करवा सकता है, मगर जीएसटी फीस स्कूल में जमा करानी होती है। जीएम के आदेश पर कर्मचारी अशोक कुमार ने 10 अगस्त को स्कूल इंचार्ज का पद संभाला है। इंचार्ज अशोक ने जीएम को भेजी रिपोर्ट में चौंकाने वाला यह खुलासा किया है।
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497 नंबर की जमा फीस से खुला राज
स्कूल इंचार्ज अशोक ने जीएम को भेजी शिकायत में बताया कि 10 अगस्त को जब उसने कार्यभार संभाला। उस समय बताया गया कि 46 अभ्यर्थियों की ही फीस जमा हुई है। जब 500 अभ्यर्थियों की लिस्ट से मिलान किया गया तो पता चला कि पहली फीस 497 नंबर के अभ्यर्थी की भरी गई, जो गलत थी। इसके बाद पता चला कि जीएसटी फीस जमा कराने का पासवर्ड लीक है। इस पर जीएम के आदेश पर हिसार की आईटी सेल ने उसका पासवर्ड बदला।
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दो वीडियो वायरल, दुकानदार बोला, रिकॉर्ड ले जा रहा हूं
वायरल पहले वीडियो में कथित दुकानदार कह रहा है कि, वह सारा रिकॉर्ड लेकर जा रहा है। सबकी फाइल मेरे पास हैं, जिन्हें सुबह आठ बजे फूंक दूंगा। वीडियो भी जारी करूंगा। कोई रोक सकता हो तो रोक लेना। इसके बाद किसी का भी लाइसेंस नहीं बनेगा। लाइसेंस मैं दूंगा, इसको धमकी मानो या कुछ भी। मैं नहीं जानता। मेरा ये हाल होगा, मगर तुम्हारा भी क्या होगा सोचो। 24 तारीख के बाद समय मेरा भी आएगा। बता दूं, 280 की ट्रेनिंग होनी है और 279 फाइल मेरे पास हैं। मैं ट्रेनिंग स्कूल नहीं चला रहा था, उसका काम कर रहा था।
दूसरा वीडियो : मैं आखिरी दम तक लड़ूंगा
मैं आखिरी दम तक लड़ूंगा। कोई चिंता नहीं है। मेरे साथ रोडवेज के कर्मचारी हैं। 500 की लिस्ट बनाई है। वह पांच साल से लगा है। सारे काम होते थे। कौन सा जुल्म हो गया है कि एक सरकारी आदमी ने मदद कर दी। मदद ले ली, तुम क्या समझो कि रिश्वत से ही मदद मिलती है। ...किसने बैठाया तुझे। जीएम को भी गलत साबित कर सकता हूं। मैं पूरी ताकत से लड़ूंगा।
दावा : 220 अभ्यर्थियों की फीस नहीं होगी वापस
हैवी व्हीकल ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज का कहना है कि 500 अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी हुई थी, जबकि 280 को ही ट्रेनिंग दी जा सकती है। ऐसे में जीएसटी फीस शुरुआत के अभ्यर्थियों की पहले जमा होनी चाहिए थी। इसके बाद वेटिंग के अभ्यर्थियों की। सबसे पहले आखिरी अभ्यर्थियों की फीस जमा होने से गड़बड़ी हो गई है। शेष 220 अभ्यर्थियों की फीस वापस नहीं होगी।
शटर गिराकर चला गया दुकानदार
हैवी लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले छात्र चयन न होने के चलते सोमवार को स्टैंड पर पहुंचे। युवकों ने फीस वापस करने के लिए कहा। जब अभ्यर्थी गुस्साने लगे तो हालात देखकर दुकानदार दुकान बंद करके चला गया।
ऐसे सिर्फ 280 को ही दी जा सकती है ट्रेनिंग
रोहतक डिपो का मंगलवार से शुरू होने वाला बैच नंबर 1222 है। सुबह-शाम अभ्यर्थियों को हैवी व्हीकल चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए रोडवेज के पास मुख्यालय से सिर्फ सात बसें ही स्वीकृत हैं। ट्रेनिंग के दौरान एक बस में चालक के अलावा 20 अभ्यर्थी ही बैठ सकते हैं। इस तरह से दोनों शिफ्ट में सिर्फ 280 अभ्यर्थी ही प्रशिक्षण ले सकते हैं।
जानकारी का अभाव होने से ऐसी बात कही जा रही है। फीस जमा करने वाले जिन अभ्यर्थियों को अभी ट्रेनिंग नहीं मिलेगी, उन्हें अगले बैच में समायोजित किया जाएगा। ऐसा हमेशा से होता आ रहा है।
- नरेश नांदल, पूर्व स्कूल इंचार्ज
शिकायत मिली है कि हैवी लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा था। इस पर ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट दो स्तर पर मांगी है, ताकि खामी सुधारते हुए दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाए। रोडवेज का गोपनीय पासवर्ड लीक होने की सूचना पर तुरंत आईटी सेल से बदलवाया गया है। इतना तय समझें कि किसी भी स्तर पर दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई होगी। दुकानदार द्वारा दो वीडियो जारी करने की भी सूचना है।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोहतक डिपो