{"_id":"59923edfc3b727a2afed4119e8849b12","slug":"road-jam-in-rohtak-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर पक्ष्ा, पांच चौराहों पर कब्जा, देखती रही पुलिस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर पक्ष्ा, पांच चौराहों पर कब्जा, देखती रही पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 07 Dec 2015 02:47 AM IST
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गुरुद्वारा टिकाणा साहिब संपत्ति विवाद ने रविवार को पूरी तरह से सियासी
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रंग ले लिया। विवाद निपटाने में जिला प्रशासन और पुलिस की नाकामी छुट्टी
मनाने निकले शहरवासियों के लिए नासूर बन गई। गद्दी पर अपना-अपना दावा
ठोंकते हुए दोनों पक्ष सड़क पर उतर आए और शहर के 5 प्रमुख चौक पर तीन घंटे
तक कब्जा कर लिया।
भाजपा नेत्री पक्ष ने तो पुलिस बेरिकेडस तोड़कर गुरुद्वारे तक पहुंचने का प्रयास किया। 3 डीएसपी सहित दो थानों की पुलिस भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक सकी। हालांकि अगले चौराहे पर महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें रोक दिया गया। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चला। प्रमुख चौराहों पर लगे जाम के कारण शहरवासियों सहित मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी फंस गई।
एक घंटे तक समझाने के बाद नेत्री डीसी से मिलने के लिए राजी हुई। जिला प्रशासन ने इस पक्ष से कार्रवाई के लिए एक दिन का समय मांगा। इस पर नेत्री कांता आलड़िया ने अंबेडकर चौक पर धरना शुरू कर दिया और रात तक डटी रहीं। वहीं, गुरुद्वारा पक्ष ने एक घंटे की बातचीत के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लिखी मांगों पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद यह पक्ष भी सड़क से हट गया।
भाजपा नेत्री पक्ष ने तो पुलिस बेरिकेडस तोड़कर गुरुद्वारे तक पहुंचने का प्रयास किया। 3 डीएसपी सहित दो थानों की पुलिस भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक सकी। हालांकि अगले चौराहे पर महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें रोक दिया गया। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चला। प्रमुख चौराहों पर लगे जाम के कारण शहरवासियों सहित मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी फंस गई।
एक घंटे तक समझाने के बाद नेत्री डीसी से मिलने के लिए राजी हुई। जिला प्रशासन ने इस पक्ष से कार्रवाई के लिए एक दिन का समय मांगा। इस पर नेत्री कांता आलड़िया ने अंबेडकर चौक पर धरना शुरू कर दिया और रात तक डटी रहीं। वहीं, गुरुद्वारा पक्ष ने एक घंटे की बातचीत के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लिखी मांगों पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद यह पक्ष भी सड़क से हट गया।