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Rohtak News: प्रदर्शन कर हक के लिए आवाज उठाई
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रोहतक। शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा वीरवार को मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय किसान सभा मानसरोवर पार्क से जुलूस निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे। लेकिन पुलिस द्वारा दरवाजे पर ताला लगाने से वह अंदर प्रवेश नहीं कर सकें। डीसी की अनुपस्थिति के कारण एसडीएम राकेश सैनी को ज्ञापन सौंपे गए।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव बलवान सिंह ने बताया कि बारिश और जलभराव से किसानो की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। प्रभावित गावों में चारों तरफ जल भरा हुआ है लेकिन सरकार और प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा। गिरदावरी और नुकसान की भरपाई के लिए बार बार प्रदर्शन करने पड़ रहे है। ओलावृष्टि का गेहूं का मुआवजा और बीमा क्लेम नहीं जारी किया जा रहा, गेहूं के फसल खराबे के ही पिछले साल का 24 करोड़ रुपए प्रशासन के पास रखा है जिन्हें किसानों को वितरित नही किया जा रहा। किसान सभा महासचिव सुमित दलाल ने बताया की आज चारों तरफ से किसानों को लूटा जा रहा है। सरकार मुआवजा नहीं दे रही, बीमा कंपनियां किसानों के साथ मनमानी करते हुए क्लेम को मना कर जाती है, सरकार किसानों के नुकसान के आंकलन में गड़बड़ी कर नुकसान के अनुसार किसानों की भरपाई नहीं करती, सारे नुकसान के बजाय 5 एकड़ तक का ही मुआवजा किसानों को मिलता है।
करनाल में 8 अक्टूबर को प्रदेशस्तरीय मजदूर ललकार रैली का एलान
केंद्रीय मजदूर संगठन एवं कर्मचारी फैडरेशन के अंतिम महापड़ाव में अलग-अलग श्रेणी के मजदूरों (ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार, मिड डे मील, निर्माण व मनरेगा कामगार) के स्थानीय मुद्दों पर कोरे आश्वासनों के खिलाफ डेढ़ घंटे उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन व नाटक आयोजित किया। जिसकी अध्यक्षता सीटू जिला प्रधान कमलेश लाहली व सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान कर्मवीर सिवाच ने की। मजदूरों ने कहा कि जिला प्रशासन पिछले 3 महीने से अलग-अलग श्रेणियों के मजदूरों की समस्याओं आधारित ज्ञापन ऊपर कोई कार्रवई नहीं कर रहा है। महापड़ाव के समापन पर आशा वर्करों की प्रदेशस्तरीय हड़ताल को 17 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा करते हुए प्रदेश सरकार के मजदूर विरोधी रवैया के खिलाफ करनाल में 8 अक्टूबर को प्रदेशस्तरीय मजदूर ललकार रैली का एलान किया गया।
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अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव बलवान सिंह ने बताया कि बारिश और जलभराव से किसानो की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। प्रभावित गावों में चारों तरफ जल भरा हुआ है लेकिन सरकार और प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा। गिरदावरी और नुकसान की भरपाई के लिए बार बार प्रदर्शन करने पड़ रहे है। ओलावृष्टि का गेहूं का मुआवजा और बीमा क्लेम नहीं जारी किया जा रहा, गेहूं के फसल खराबे के ही पिछले साल का 24 करोड़ रुपए प्रशासन के पास रखा है जिन्हें किसानों को वितरित नही किया जा रहा। किसान सभा महासचिव सुमित दलाल ने बताया की आज चारों तरफ से किसानों को लूटा जा रहा है। सरकार मुआवजा नहीं दे रही, बीमा कंपनियां किसानों के साथ मनमानी करते हुए क्लेम को मना कर जाती है, सरकार किसानों के नुकसान के आंकलन में गड़बड़ी कर नुकसान के अनुसार किसानों की भरपाई नहीं करती, सारे नुकसान के बजाय 5 एकड़ तक का ही मुआवजा किसानों को मिलता है।
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करनाल में 8 अक्टूबर को प्रदेशस्तरीय मजदूर ललकार रैली का एलान
केंद्रीय मजदूर संगठन एवं कर्मचारी फैडरेशन के अंतिम महापड़ाव में अलग-अलग श्रेणी के मजदूरों (ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार, मिड डे मील, निर्माण व मनरेगा कामगार) के स्थानीय मुद्दों पर कोरे आश्वासनों के खिलाफ डेढ़ घंटे उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन व नाटक आयोजित किया। जिसकी अध्यक्षता सीटू जिला प्रधान कमलेश लाहली व सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान कर्मवीर सिवाच ने की। मजदूरों ने कहा कि जिला प्रशासन पिछले 3 महीने से अलग-अलग श्रेणियों के मजदूरों की समस्याओं आधारित ज्ञापन ऊपर कोई कार्रवई नहीं कर रहा है। महापड़ाव के समापन पर आशा वर्करों की प्रदेशस्तरीय हड़ताल को 17 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा करते हुए प्रदेश सरकार के मजदूर विरोधी रवैया के खिलाफ करनाल में 8 अक्टूबर को प्रदेशस्तरीय मजदूर ललकार रैली का एलान किया गया।
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