{"_id":"c0c42e07c0e5c600653ccbc48f1a68bf","slug":"quew-system-start-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
रोहतक/ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2013 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्व विभाग के वित्तायुक्त कृष्ण मोहन ने बुधवार
विज्ञापन
को तहसीलदार परिसर में राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।
बैठक से पहले उन्होंने जिला में संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए क्यू सिस्टम और डिजिटल हस्ताक्षर प्रणाली की शुरुआत भी की। वित्तायुक्त ने कहा कि प्रदेश की जनता के साथ-साथ राजस्व अधिकारियों के समय की बचत के लिए योजनाओं की शुरुआत की गई है। राजस्व अधिकारियों को कई बार अपने विभाग के अलावा कानून व्यवस्था व अन्य कार्यों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है जिसके चलते न चाहते हुए भी लोगों को संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि क्यू सिस्टम के लागू हो जाने से लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए एक निर्धारित तिथि व समय मिल जाएगा और उस निर्धारित समय पर राजस्व अधिकारी को भी रजिस्ट्रेशन का कार्य पूरा करवाने के लिए कार्यालय में आना होगा।
उन्होंने बताया कि आज से जिला में डिजिटल हस्ताक्षर का कार्य भी शुरू हो चुका है। इसके बाद नकल आदि पर हस्ताक्षर के लिए पटवारी की जरूरत नहीं पडे़गी। उन्होंने बताया कि निर्धारित फीस की अदायगी पर संबंधित डिजिटल हस्ताक्षर युक्त नकल की प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी, जो न्यायालय में भी मान्य होगी।
भूमि रिकार्ड के 5 करोड़ पेज होंगे डिजिटलाइज
वित्तायुक्त कृष्ण मोहन ने कहा कि राष्ट्रीय भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्य में हरियाणा पूरे देश में अग्रणी है। लगभग 5 करोड़ पेजों पर दर्ज प्रदेश के सभी भूमि रिकार्डों का डिजिटलाइजेशन करने का कार्य जारी है। डिजिटलाइज सभी भूमि रिकार्डों के संग्रहण के लिए प्रदेश में माडर्न रिकार्ड रूमों की स्थापना होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किए जा रहे अच्छे काम के चलते केंद्र सरकार भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्य को देखते हुए अगले पांच साल के लिए सौ करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। उन्होंने जिला में भूमि रिकार्ड के कंप्यूटराइजेशन के लिए मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल व अन्य सभी राजस्व अधिकारियों की सराहना की।
25-25 लाख से बनेंगे माडर्न रूम
वित्तायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार भूमि रिकार्ड को लेकर अन्य कई मामलों में विचार कर रही है जिनके अनुसार भविष्य में केवल संपत्ति रजिस्ट्रेशन से ही इंतकाल, जमाबंदी में भी एंट्री स्वत: हो जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश में सेटेलाइट व जीपीएस सिस्टम के माध्यम से भूमि रिकार्ड के अनुसार निशानदेही करवा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तहसील से लेकर जिला स्तर तक माडर्न रिकार्ड रूम स्थापित किए जाने है, जिनके लिए 25-25 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। बैठक में उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, एसडीएम अमरदीप जैन, नगराधीश जयदीप कुमार और तहसीलदार प्रमोद चहल सहित राजस्व विभाग से जुडे़ सभी अधिकारी व जिला के अनेकों नंबरदार उपस्थित रहे।
बैठक से पहले उन्होंने जिला में संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए क्यू सिस्टम और डिजिटल हस्ताक्षर प्रणाली की शुरुआत भी की। वित्तायुक्त ने कहा कि प्रदेश की जनता के साथ-साथ राजस्व अधिकारियों के समय की बचत के लिए योजनाओं की शुरुआत की गई है। राजस्व अधिकारियों को कई बार अपने विभाग के अलावा कानून व्यवस्था व अन्य कार्यों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है जिसके चलते न चाहते हुए भी लोगों को संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि क्यू सिस्टम के लागू हो जाने से लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए एक निर्धारित तिथि व समय मिल जाएगा और उस निर्धारित समय पर राजस्व अधिकारी को भी रजिस्ट्रेशन का कार्य पूरा करवाने के लिए कार्यालय में आना होगा।
उन्होंने बताया कि आज से जिला में डिजिटल हस्ताक्षर का कार्य भी शुरू हो चुका है। इसके बाद नकल आदि पर हस्ताक्षर के लिए पटवारी की जरूरत नहीं पडे़गी। उन्होंने बताया कि निर्धारित फीस की अदायगी पर संबंधित डिजिटल हस्ताक्षर युक्त नकल की प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी, जो न्यायालय में भी मान्य होगी।
भूमि रिकार्ड के 5 करोड़ पेज होंगे डिजिटलाइज
वित्तायुक्त कृष्ण मोहन ने कहा कि राष्ट्रीय भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्य में हरियाणा पूरे देश में अग्रणी है। लगभग 5 करोड़ पेजों पर दर्ज प्रदेश के सभी भूमि रिकार्डों का डिजिटलाइजेशन करने का कार्य जारी है। डिजिटलाइज सभी भूमि रिकार्डों के संग्रहण के लिए प्रदेश में माडर्न रिकार्ड रूमों की स्थापना होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किए जा रहे अच्छे काम के चलते केंद्र सरकार भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्य को देखते हुए अगले पांच साल के लिए सौ करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। उन्होंने जिला में भूमि रिकार्ड के कंप्यूटराइजेशन के लिए मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल व अन्य सभी राजस्व अधिकारियों की सराहना की।
25-25 लाख से बनेंगे माडर्न रूम
वित्तायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार भूमि रिकार्ड को लेकर अन्य कई मामलों में विचार कर रही है जिनके अनुसार भविष्य में केवल संपत्ति रजिस्ट्रेशन से ही इंतकाल, जमाबंदी में भी एंट्री स्वत: हो जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश में सेटेलाइट व जीपीएस सिस्टम के माध्यम से भूमि रिकार्ड के अनुसार निशानदेही करवा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तहसील से लेकर जिला स्तर तक माडर्न रिकार्ड रूम स्थापित किए जाने है, जिनके लिए 25-25 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। बैठक में उपायुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, एसडीएम अमरदीप जैन, नगराधीश जयदीप कुमार और तहसीलदार प्रमोद चहल सहित राजस्व विभाग से जुडे़ सभी अधिकारी व जिला के अनेकों नंबरदार उपस्थित रहे।