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प्रॉपर्टी आईडी : 15 प्रतिशत छूट के लिए सिर्फ 30 फीसदी ने कराया स्वयं सत्यापन
Wed, 21 Feb 2024 02:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 21 Feb 2024 02:47 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सरकार की 15 प्रतिशत छूट के साथ शत-प्रतिशत ब्याजमाफी की योजना के बाद फोन कॉल भी बेअसर साबित हो रही है। नगर निगम मात्र 30 प्रतिशत प्रॉपर्टी आईडी को अब तक स्वयं प्रमाणित करवा सका है। इतना ही नहीं, सरकारी प्रॉपर्टी भी अब तक 50 प्रतिशत सत्यापित होना बाकी है। साइबर ठगी के बढ़ते केस देखकर आम लोग नगर निगम की दो नंबर काउंटर की कॉल पर भी विश्वास नहीं कर रहे हैं। परिणामस्वरूप 29 फरवरी तक निगम का शत-प्रतिशत प्रॉपर्टी आईडी को प्रमाणित करने का लक्ष्य पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने 19 जनवरी को चंडीगढ़ में प्रदेशभर से निगम अधिकारियों संग बैठक की थी। बताया गया था कि प्रदेशभर में 47 लाख 43 हजार 120 संपत्तियां हैं। इनमें से अब तक केवल 11 प्रतिशत यानी 5 लाख 17 हजार 954 का ही स्वयं सत्यापन हो सका है। इनमें से रोहतक में कुल 2.17 लाख संपत्ति में मात्र 25 प्रतिशत का सत्यापन हुआ है। प्रॉपर्टी का सत्यापन होने से संपत्तियों का आरओआर यानी रिकॉर्ड ऑफ राइट भी मिल जाएगा। यहां आरओआर के मायने संपत्तियों के सही रिकॉर्ड से है।
इतना ही नहीं, मुख्यालय की तरफ निकाय मंत्री ने 29 फरवरी तक शत-प्रतिशत प्रॉपर्टी का सत्यापन करवाने का निर्देश दिया था। इसके लिए न केवल शिविर लगाए जाएं, बल्कि लोगों को जागरूक किया जाए। नगर निगम रोहतक ने प्रॉपर्टी सत्यापन के लिए नागरिक सुविधा केंद्र में ही व्यवस्था की थी।
काउंटर नंबर दो पर नहीं आ रहे लोग
निगम ने नागरिक सुविधा केंद्र के अंदर काउंटर नंबर दो खोला हुआ है। हर वार्ड वाइज एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी, जो कॉल करके लोगों को प्रॉपर्टी आईडी काउंटर पर आकर सत्यापित कराने के लिए कहेगा। निगम के एक कर्मचारी ने कहा कि वे कॉल करते हैं, लेकिन कई लोग अभद्रता से बात करते हैं। कई पूछते हैं कि कहीं साइबर ठग तो नहीं है। हर रोज काउंटर नंबर दो पर 100 से कम ही लोग आ आते हैं।
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वर्जन
निगम अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहा है कि प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित हो जाए। सरकारी विभागों को भी पत्र लिखा जा चुका है, साथ ही प्रॉपर्टी मालिकों को कॉल भी की जा रही है।
- जितेंद्र कुमार, डीएमसी नगर निगम।
आम लोगों को प्रॉपर्टी आईडी स्वयं प्रमाणित करानी चाहिए
काउंटर नंबर दो पर आए गढ़ी बोहर निवासी सतपाल ने बताया कि वह निगम में बिल जमा कराने आए थे। काउंटर पर कहा गया कि 15 प्रतिशत छूट के लिए पहले काउंटर नंबर दो पर बिल स्वयं प्रमाणित करवाना होगा। इसके लिए ओटीपी आएगा। वहीं, कैलाश कॉलोनी निवासी रणबीर सिंह ने कहा कि पूरा ब्याज माफ तभी होगा, जब बिल स्वयं प्रमाणित करवाया जाएगा।
वित्त वर्ष पूरा होने में बचा मात्र डेढ़ माह, अब तक मात्र 23 करोड़ टैक्स जमा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम अधिकारियों को हिदायत दी थी कि वे वित्त वर्ष 2023-24 का बजट तैयार करते समय टैक्स वसूली का अनुमानित आंकड़ा इतना तय करें, जो हकीकत के नजदीक हो। निगम पर इसका असर हुआ। साल 2022-23 में जहां टैक्स वसूली का लक्ष्य 57 करोड़ तय किया गया था, जबकि साल 2023-24 में टैक्स वसूली का लक्ष्य मात्र 36 करोड़ तय हुआ। अब निगम वह भी हासिल नहीं कर पा रहा है।
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रोहतक। सरकार की 15 प्रतिशत छूट के साथ शत-प्रतिशत ब्याजमाफी की योजना के बाद फोन कॉल भी बेअसर साबित हो रही है। नगर निगम मात्र 30 प्रतिशत प्रॉपर्टी आईडी को अब तक स्वयं प्रमाणित करवा सका है। इतना ही नहीं, सरकारी प्रॉपर्टी भी अब तक 50 प्रतिशत सत्यापित होना बाकी है। साइबर ठगी के बढ़ते केस देखकर आम लोग नगर निगम की दो नंबर काउंटर की कॉल पर भी विश्वास नहीं कर रहे हैं। परिणामस्वरूप 29 फरवरी तक निगम का शत-प्रतिशत प्रॉपर्टी आईडी को प्रमाणित करने का लक्ष्य पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने 19 जनवरी को चंडीगढ़ में प्रदेशभर से निगम अधिकारियों संग बैठक की थी। बताया गया था कि प्रदेशभर में 47 लाख 43 हजार 120 संपत्तियां हैं। इनमें से अब तक केवल 11 प्रतिशत यानी 5 लाख 17 हजार 954 का ही स्वयं सत्यापन हो सका है। इनमें से रोहतक में कुल 2.17 लाख संपत्ति में मात्र 25 प्रतिशत का सत्यापन हुआ है। प्रॉपर्टी का सत्यापन होने से संपत्तियों का आरओआर यानी रिकॉर्ड ऑफ राइट भी मिल जाएगा। यहां आरओआर के मायने संपत्तियों के सही रिकॉर्ड से है।
इतना ही नहीं, मुख्यालय की तरफ निकाय मंत्री ने 29 फरवरी तक शत-प्रतिशत प्रॉपर्टी का सत्यापन करवाने का निर्देश दिया था। इसके लिए न केवल शिविर लगाए जाएं, बल्कि लोगों को जागरूक किया जाए। नगर निगम रोहतक ने प्रॉपर्टी सत्यापन के लिए नागरिक सुविधा केंद्र में ही व्यवस्था की थी।
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काउंटर नंबर दो पर नहीं आ रहे लोग
निगम ने नागरिक सुविधा केंद्र के अंदर काउंटर नंबर दो खोला हुआ है। हर वार्ड वाइज एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी, जो कॉल करके लोगों को प्रॉपर्टी आईडी काउंटर पर आकर सत्यापित कराने के लिए कहेगा। निगम के एक कर्मचारी ने कहा कि वे कॉल करते हैं, लेकिन कई लोग अभद्रता से बात करते हैं। कई पूछते हैं कि कहीं साइबर ठग तो नहीं है। हर रोज काउंटर नंबर दो पर 100 से कम ही लोग आ आते हैं।
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निगम अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहा है कि प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित हो जाए। सरकारी विभागों को भी पत्र लिखा जा चुका है, साथ ही प्रॉपर्टी मालिकों को कॉल भी की जा रही है।
- जितेंद्र कुमार, डीएमसी नगर निगम।
आम लोगों को प्रॉपर्टी आईडी स्वयं प्रमाणित करानी चाहिए
काउंटर नंबर दो पर आए गढ़ी बोहर निवासी सतपाल ने बताया कि वह निगम में बिल जमा कराने आए थे। काउंटर पर कहा गया कि 15 प्रतिशत छूट के लिए पहले काउंटर नंबर दो पर बिल स्वयं प्रमाणित करवाना होगा। इसके लिए ओटीपी आएगा। वहीं, कैलाश कॉलोनी निवासी रणबीर सिंह ने कहा कि पूरा ब्याज माफ तभी होगा, जब बिल स्वयं प्रमाणित करवाया जाएगा।
वित्त वर्ष पूरा होने में बचा मात्र डेढ़ माह, अब तक मात्र 23 करोड़ टैक्स जमा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम अधिकारियों को हिदायत दी थी कि वे वित्त वर्ष 2023-24 का बजट तैयार करते समय टैक्स वसूली का अनुमानित आंकड़ा इतना तय करें, जो हकीकत के नजदीक हो। निगम पर इसका असर हुआ। साल 2022-23 में जहां टैक्स वसूली का लक्ष्य 57 करोड़ तय किया गया था, जबकि साल 2023-24 में टैक्स वसूली का लक्ष्य मात्र 36 करोड़ तय हुआ। अब निगम वह भी हासिल नहीं कर पा रहा है।