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15 घंटे बिजली आपूर्ति पर माने खरावड़ वासी, पावर हाउस से उखाड़ा टेंट

Tue, 09 May 2017 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 09 May 2017 01:48 AM IST
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Power supply started in front of police security
धरने पर ही सरपंच और दूसरे गुट के बीच तीखी झड़प, हाथापाई की नौबत आई - फोटो : amar ujala
24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे खरावड़ के युवा 15 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर ही मान गए। जब मान-मनौव्वल का दौर चल रहा था, धरने पर बैठे युवा दो गुटों में बंट गए। बिजली अधिकारियों संग बैठक कर सरपंच ने गांव में 15 घंटे बिजली आपूर्ति पर सहमति जता दी। जब वह धरने पर इसकी घोषणा करने पहुंचे तो दूसरे गुट के कुछ युवाओें ने धरने समाप्त करने से इनकार कर दिया। नौबत हाथापाई तक आई तो पुलिस और ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। हालांकि कुछ देर बाद प्रशासन के आश्वासन पर दूसरे गुट के युवा भी धरने से उठ गए। अब गांव में रात में 11 घंटे और दिन में चार घंटे बिजली आपूर्ति होगी। पहले दिन में केवल दो घंटे ही बिजली आती थी।
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गौरतलब है कि गत दिवस खरावड़ के दर्जनों ग्रामीणों ने पावर हाउस में बिजली के लिए हंगामा कर दिया था। गांव में 24 घंटे बिजली देने की मांग करते हुए वहीं टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए थे। धरने समाप्त करवाने के लिए सोमवार को बैठकों का दौर चला। पंचायत में सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों की मांग पर निगम के एक्सईएन जितेंद्र नारा ने दिन में दो घंटे की अपेक्षा चार घंटे और रात के समय 11 घंटे बिजली की सप्लाई देने के आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण मान गए। सहमति के बाद सरंपच बिजेंद्र मलिक सहित अन्य ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी पावर हाउस पहुंचे और युवाओं को धरने से उठने को कहा। इसी बात को लेकर वहां माहौल गर्म हो गया। सरपंच पक्ष और धरने पर बैठे लोगों के बीच नोक-झोंक भी हुई। 
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एक बार तो बात हाथापाई तक पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। उस समय तो मामला शांत हो गया, लेकिन धरने पर बैठे लोग 24 घंटे बिजली की सप्लाई पर अड़े रहे। सरंपच बिजेंद्र मलिक ने युवाओं को शांत करवाने का प्रयास किया। बाद में सहमति न बनने पर निगम के अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा के बीच गांव सहित अन्य क्षेत्र में बिजली की सप्लाई चालू करवाई। कुछ घंटे की उठापठक के बीच डीएसपी तारिक हुसैन, तहसीलदार सुभाष जून और एसडीओ एसपी सिंह सहित निगम के अधिकारियों के एक बार फिर आश्वासन के बाद युवा धरना खत्म करने पर सहमत हो गए। युवाओं के धरना समाप्त करने के साथ ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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