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कब्जा हटाया... 30 मिनट में जेसीबी से 32 एकड़ में लगी सरसों की फसल रौंदी
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सुनारिया कलां में सरसों की फसल को रौदता नगर निगम का जेसीबी। अमर उजाला
नगर निगम ने सुनारिया कलां में जेसीबी से 32 एकड़ में लगी सरसों की फसल मात्र 30 मिनट में रौंद दी। संयुक्त आयुक्त, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जेसीबी खेतों में फसल को रौंदती रहीं। लोगों ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए कोर्ट में केस चलाने की बात कही, मगर किसी की एक भी नहीं चली। संयुक्त आयुक्त ने सिर्फ कोर्ट का स्टे होने पर ही जेसीबी रोकने की बात कही, जो विरोध करने वाले नहीं दिखा सके। वहीं, दोपहर 12:50 बजे से 01:20 बजे तक चली कार्रवाई के बाद निगम ने जमीन पर अपनी मिलकियत की बोर्ड लगा दी।
संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार के अनुसार सुनारिया कलां में 32 एकड़ जमीन पंचायत के नाम थी, जो निगम को स्थानांतरित की गई थी। निगम ने जरूरत नहीं होने पर जमीन का इस्तेमाल नहीं किया और लोगों ने कब्जा करके खेतीबाड़ी शुरू कर दी। जमीन खाली कराने के लिए कई बार निगम ने नोटिस दिए मगर जमीन खाली नहीं हुई। कुछ माह पहले टीम जमीन पर से कब्जा हटाने के लिए गई थी, तब कब्जा करने वालों ने बाजरे की फसल कटने के बाद जमीन छोड़ने की बात कही थी। करीब 10 दिन पहले फिर कब्जा करने वालों को नोटिस दिया गया मगर कोई भी अपने दस्तावेज दिखाने के लिए निगम कार्यालय में नहीं आया। इसकी वजह से जिला प्रशासन की सहमति से शुक्रवार को जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। शुक्रवार की दोपहर करीब 12:50 बजे संयुक्त आयुक्त और ड्यूटी मजिस्ट्रेट निगम की टीम और पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर कुछ लोग विरोध करने के लिए पहुंच गए। जैसे ही खेतों में लगी सरसों की फसल जेसीबी से रौंदने के आदेश दिए वैसे ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों ने मालिकाना हक बताते हुए कोर्ट में मुकदमा चलने की बात कही। जिस पर अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वह नोटिस देकर आए हैं। जमीन निगम की है और यदि कोर्ट से कोई स्टे है, तो वह दिखाए। विरोध करने वाले स्टे नहीं दिखा सके और फिर जेसीबी ने करीब 30 मिनट में खेतों में लगी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। इसके बाद जमीन पर नगर निगम का मालिकाना हक होने के दो बोर्ड लगा दिए गए।
21 लोगों ने कर रखा था कब्जा
32 एकड़ जमीन पर कब्जा करने वालों की सूची में 21 लोग शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार सभी को नोटिस दिए गए। नोटिस में कहा गया कि वह तय समयावधि में अपना पक्ष रखने के लिए निगम कार्यालय में आए मगर कोई भी नहीं आया।
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सिर्फ दो लोगों ने जताया मालिकाना हक
भू-संपत्ति अधिकारी सुरेंद्र गोयल ने विरोध करने वालों से पूछा कि जमीन पर मालिकाना हक से कौन-कौन खेती करता है। इस पर सिर्फ दो भाई ही सामने आए। उन्होंने बताया कि जमीन उन दोनों के अलावा मां के भी नाम है।
जमीन समतल करवाकर बनेगी गोशाला
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि कब्जा मुक्त हुई जमीन को जल्द समतल कराया जाएगा। समतल जमीन पर निगम एक और गोशाला बनाएगा, जिसका संचालन स्वयंसेवी संगठन से कराया जाएगा।
सुनारिया कलां में निगम ने अपनी 32 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया है। जमीन पर लगाई गई सरसों की फसल को जेसीबी से नष्ट करवा दिया गया है। संपत्ति निगम की होने के बोर्ड लगा दिए गए हैं। जल्द ही टीम को भेजकर जमीन को समतल करवाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द गोशाला बनाई जा सके।
- सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
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संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार के अनुसार सुनारिया कलां में 32 एकड़ जमीन पंचायत के नाम थी, जो निगम को स्थानांतरित की गई थी। निगम ने जरूरत नहीं होने पर जमीन का इस्तेमाल नहीं किया और लोगों ने कब्जा करके खेतीबाड़ी शुरू कर दी। जमीन खाली कराने के लिए कई बार निगम ने नोटिस दिए मगर जमीन खाली नहीं हुई। कुछ माह पहले टीम जमीन पर से कब्जा हटाने के लिए गई थी, तब कब्जा करने वालों ने बाजरे की फसल कटने के बाद जमीन छोड़ने की बात कही थी। करीब 10 दिन पहले फिर कब्जा करने वालों को नोटिस दिया गया मगर कोई भी अपने दस्तावेज दिखाने के लिए निगम कार्यालय में नहीं आया। इसकी वजह से जिला प्रशासन की सहमति से शुक्रवार को जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। शुक्रवार की दोपहर करीब 12:50 बजे संयुक्त आयुक्त और ड्यूटी मजिस्ट्रेट निगम की टीम और पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर कुछ लोग विरोध करने के लिए पहुंच गए। जैसे ही खेतों में लगी सरसों की फसल जेसीबी से रौंदने के आदेश दिए वैसे ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों ने मालिकाना हक बताते हुए कोर्ट में मुकदमा चलने की बात कही। जिस पर अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वह नोटिस देकर आए हैं। जमीन निगम की है और यदि कोर्ट से कोई स्टे है, तो वह दिखाए। विरोध करने वाले स्टे नहीं दिखा सके और फिर जेसीबी ने करीब 30 मिनट में खेतों में लगी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। इसके बाद जमीन पर नगर निगम का मालिकाना हक होने के दो बोर्ड लगा दिए गए।
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21 लोगों ने कर रखा था कब्जा
32 एकड़ जमीन पर कब्जा करने वालों की सूची में 21 लोग शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार सभी को नोटिस दिए गए। नोटिस में कहा गया कि वह तय समयावधि में अपना पक्ष रखने के लिए निगम कार्यालय में आए मगर कोई भी नहीं आया।
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सिर्फ दो लोगों ने जताया मालिकाना हक
भू-संपत्ति अधिकारी सुरेंद्र गोयल ने विरोध करने वालों से पूछा कि जमीन पर मालिकाना हक से कौन-कौन खेती करता है। इस पर सिर्फ दो भाई ही सामने आए। उन्होंने बताया कि जमीन उन दोनों के अलावा मां के भी नाम है।
जमीन समतल करवाकर बनेगी गोशाला
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि कब्जा मुक्त हुई जमीन को जल्द समतल कराया जाएगा। समतल जमीन पर निगम एक और गोशाला बनाएगा, जिसका संचालन स्वयंसेवी संगठन से कराया जाएगा।
सुनारिया कलां में निगम ने अपनी 32 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया है। जमीन पर लगाई गई सरसों की फसल को जेसीबी से नष्ट करवा दिया गया है। संपत्ति निगम की होने के बोर्ड लगा दिए गए हैं। जल्द ही टीम को भेजकर जमीन को समतल करवाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द गोशाला बनाई जा सके।
- सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम