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Rohtak News: दिवाली से पहले सताने लगा प्रदूषण, 383 पहुंचा एक्यूआई

Mon, 21 Oct 2024 04:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 04:18 AM IST
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Pollution started troubling before Diwali, AQI reached 383
रोहतक।
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दिवाली से पहले ही खतरनाक स्तर की ओर बढ़ता प्रदूषण का स्तर सताने लगा है। त्योहार पर आतिशबाजी से पहले ही एक्यूआई का स्तर अधिकतम 383 तक पहुंच चुका है। दूषित हवा में लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। त्योहार के बाद हवा में जहर घुलने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ना स्वाभाविक है।
प्रदूषण मानव की ज्वलंत समस्याओं में सबसे प्रमुख है। पानी ही नहीं, हवा भी दूषित हो रही है। एक्यूआई का स्तर भी यही बयां कर रहा है। रविवार को इलाके में सुबह करीब 10 बजे एक्यूआई का स्तर अधिकतम 383 दर्ज किया गया। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकार है। इस स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक्यूआई 212 दर्ज किया गया तो करीब साढ़े ग्यारह बजे यह 324 दर्ज किया गया। शाम पांच बजे यह 168 पहुंच गया। एक्यूआई का इस स्तर पर बने रहना स्वास्थ्य दी दृष्टि से हानिकारक है।
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त्योहार के बाद और बढ़ेंगी मुश्किलें
एक्यूआई का स्तर इन दिनों 300 पार पहुंच गया है। इसकी वजह पराली जलाए जाने के अलावा परिवहन के साधन खासकर वाहन हैं। इनके उपायोग से हवा में पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मेटर) बढ़ जाता है। ये धूल कण प्रदूषण की वजह बनते हैं। त्योहार प्रदूषण के स्तर में और वृद्धि आना संभावित है। इसकी वजह आतिशबाजी व बड़े स्तर पर पराली का जलाया जाना है। अभी इलाके में पराली की फसल कटाई चल रही है। इसके बाद खेत में खड़े अवशेषों को जलाया जाता है। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है।
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पराली जलाने से बचें, वाहनों का उपयोग कम करें
सर्दी की शुरुआत में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पार कर जाता है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होता है। इसकी मुख्य वजह पराली जलाए जाने के साथ वाहनों का बड़ी संख्या में उपयोग करना है। त्योहार पर लोग वाहनों का कम से कम उपयोग करें। इससे परिवहन व्यवस्था भी बनी रहेगी। किसान पराली जलाने के बजाय इसके दूसरे सकारात्मक उपयोग पर ध्यान दें। इससे पर्यावरण का स्तर सामान्य बनाए रखने में आसानी रहेगी।
प्रो. राजेश धनखड़, पर्यावरण विज्ञान विभाग, एमडीयू।
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