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24 घंटे में ढाई गुना बढ़ गया प्रदूषण का स्तर

Thu, 06 Oct 2022 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 02:03 AM IST
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Pollution level increased by two and a half times in 24 hours
पुरानी आईटीआई में रावण दवह के दौरान उठ रहे धुएं से फैल रहा प्रदूषण। अमर उजाला
दशहरा पर्व पर हवा बदली-बदली नजर आई। रावण के पुतलों का दहन व इससे पूर्व आतिशबाजी के अलावा वाहनों की भीड़ ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया है। पिछले 24 घंटे में एक्यूआई करीब ढाई गुना बढ़ गया है। यह बुधवार की रात में आठ बजे अधिकतम 152.5 रहा। इस महीने के अंत तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। यह खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। गत दिनों बारिश होने के बाद एक्यूआई 50 से 60 के आसपास बना हुआ था।
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बुधवार को शहर व कस्बों में दशहरा पर्व पर खासी चहल-पहल रही। इसके चलते वाहनों की भी भीड़ सड़कों पर बनी रही। शाम अनेक जगह रावण के पुतलों का दहन हुआ। इससे पूर्व जोरदार आतिशबाजी भी की गई। इसके चलते वायुमंडल में घना धुआं छाया नजर आया। धुएं के गुबार ने हवा की गुणवत्ता यानी एक्यूआई का स्तर स्वच्छ स्तर से गंभीर स्तर पर पहुंचा दिया। मंगलवार रात आठ बजे रोहतक का एक्यूआई 60 था। बुधवार को ठीक 24 घंटे बाद एक्यूआई 152.5 पहुंच गया। यह भी पीएम 10 का स्तर है। पीएम 2.5 का स्तर 140.9 रहा। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इसमें फेफड़े, अस्थमा व दिल के रोग से पीड़ितों को मुश्किल होती है।
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दिवाली पर और बढ़ेगा प्रदूषण
दिवाली पर प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। त्योहार पर खरीदारी करने वालों की भीड़, वाहनों का बड़े स्तर पर प्रयोग व आतिशबाजी के चलते हवा में धूल कणों की मात्रा बढ़ना स्वाभाविक है। इससे प्रदूषण खतरनाक स्तर तक भी पहुंच सकता है।
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पराली जली तो और होगी समस्या
कटाई के बाद किसान धान बेचने के लिए मंडी पहुंचने लगे हैं। ऐसे में खेत खाली होने लगे हैं। फसल की बिक्री के बाद किसान अगली फसल की तैयारी करते हैं। इसके लिए खेत कई किसान नियमों का उल्लंघन करते हुए पराली जलाते हैं। इससे हवा प्रदूषित होती है। पराली जली तो इस बार भी हवा जहरीली होने से नहीं बचेगी। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

8 तक बारिश से राहत की आस
परिवर्तनशील मौसम में छह अक्तूबर को बारिश होने की संभावना है। इससे हवा में बढ़ी धूल कणों की मात्रा के बैठने या कम होने की उम्मीद है। बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं के आंशिक प्रभाव से अक्तूबर तक राज्य के उत्तरी जिले पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल व दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में गरज चमक के साथ हलकी बारिश की संभावना है। इसमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, जींद शामिल हैं। उत्तर पश्चिमी जिलों में भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, फतेहाबाद व सिरसा शामिल हैं। यहां आंशिक बदलवाई व कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। -डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू।
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