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Rohtak News: काम से बदली तस्वीर, शिक्षकों के लिए बने नजीर
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महम / रोहतक।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला फरमाना बादशाहपुर के प्राइमरी शिक्षक जापान सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार नवाजा जाएगा। सरकार ने इस वर्ष के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची में उनका नाम भी शामिल किया है।
पुरस्कार के लिए चयन से स्कूल व गांव में खुशी का माहौल है। स्कूल का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या, सरकारी योजनाओं व अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन के चलते शिक्षक को इस सम्मान के लिए चुना गया है। अमर उजाला ने शिक्षक से बातचीत की तो उन्होंने अपनी खुशी साझा की।
जापान सिंह ने कहा कि स्कूल में पिछले तीन वर्षों में सुधार के साथ नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसमें दो बार मुख्यमंत्री सुंदरीकरण में प्रथम स्थान प्राप्त करना मुख्य है। वर्ष 2015 में फरमाना खास व वर्ष 2017 में बादशाहपुर का स्कूल सुंदरीकरण में प्रथम रहा। इसके अलावा स्कूल के पांच बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन, सीआरपी गतिविधि में बेहतर प्रदर्शन, पिछले तीन साल से विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। यह 100 से बढ़ कर 170 हो गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने के साथ सरकारी योजनाओं व मिलने वाली अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी सराहनीय प्रदर्शन रहा है। परीक्षा परिणाम भी शत प्रतिशत रहा। इसके चलते इस सम्मान के लिए चुना गया है। यह पूरे परिवार व विद्यालय समुदाय के लिए गौरवपूर्ण है।
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22 वर्षों से कर रहे शिक्षा जगत की सेवा
शिक्षक जापान सिंह फरमाना खास के रहने वाले हैं। इनके पिता जगत सिंह किसान थे। शिक्षा विभाग में इन्होंने 12 अक्तूबर 2000 में बतौर जेबीटी शिक्षक कार्यभार संभाला था। चयन हुआ। एमए, बीएड, जेबीटी पास शिक्षक पिछले करीब 22 वर्षों से शिक्षा जगत की सेवा में लगे हैं। इनकी पत्नी नीलम गृहिणी हैं। बेटी सुनिधि एमएससी कर चुकी है। बेटा मानवेंद्र 12वीं की पढ़ाई कर रहा है।
शिक्षक सम्मान पाने वाली परिवार की पहली बेटी
शहर के सेक्टर दो में रहने वाली मौलिक मुख्य अध्यापिका संतोष कुमारी का नाम राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया है। सरकार की ओर से जारी सूची में नाम आने के बाद से शिक्षिका के परिवार में खुशी का माहौल है। शिक्षिका ने कहा कि अपने पूरे परिवार में राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान पाने वाली पहली बेटी होने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह सभी के लिए सम्मान व खुशी देने वाला है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। इसमें विभाग की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुरूप परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की संख्या, शैक्षणिक व विभिन्न गतिविधियों के बेहतर कार्य करने वाले को चुना जाता है। इस सम्मान के लिए अपना नाम चुना जाना खुशी देने वाला पल है। यह हमेशा याद रहेगा। सिंचाई विभाग से एसडीओ पद से सेवानिवृत्त पति भीम सिंह ने भी इस चयन पर प्रसन्नता जताई है।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला फरमाना बादशाहपुर के प्राइमरी शिक्षक जापान सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार नवाजा जाएगा। सरकार ने इस वर्ष के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची में उनका नाम भी शामिल किया है।
पुरस्कार के लिए चयन से स्कूल व गांव में खुशी का माहौल है। स्कूल का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या, सरकारी योजनाओं व अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन के चलते शिक्षक को इस सम्मान के लिए चुना गया है। अमर उजाला ने शिक्षक से बातचीत की तो उन्होंने अपनी खुशी साझा की।
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जापान सिंह ने कहा कि स्कूल में पिछले तीन वर्षों में सुधार के साथ नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसमें दो बार मुख्यमंत्री सुंदरीकरण में प्रथम स्थान प्राप्त करना मुख्य है। वर्ष 2015 में फरमाना खास व वर्ष 2017 में बादशाहपुर का स्कूल सुंदरीकरण में प्रथम रहा। इसके अलावा स्कूल के पांच बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन, सीआरपी गतिविधि में बेहतर प्रदर्शन, पिछले तीन साल से विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। यह 100 से बढ़ कर 170 हो गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने के साथ सरकारी योजनाओं व मिलने वाली अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी सराहनीय प्रदर्शन रहा है। परीक्षा परिणाम भी शत प्रतिशत रहा। इसके चलते इस सम्मान के लिए चुना गया है। यह पूरे परिवार व विद्यालय समुदाय के लिए गौरवपूर्ण है।
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22 वर्षों से कर रहे शिक्षा जगत की सेवा
शिक्षक जापान सिंह फरमाना खास के रहने वाले हैं। इनके पिता जगत सिंह किसान थे। शिक्षा विभाग में इन्होंने 12 अक्तूबर 2000 में बतौर जेबीटी शिक्षक कार्यभार संभाला था। चयन हुआ। एमए, बीएड, जेबीटी पास शिक्षक पिछले करीब 22 वर्षों से शिक्षा जगत की सेवा में लगे हैं। इनकी पत्नी नीलम गृहिणी हैं। बेटी सुनिधि एमएससी कर चुकी है। बेटा मानवेंद्र 12वीं की पढ़ाई कर रहा है।
शिक्षक सम्मान पाने वाली परिवार की पहली बेटी
शहर के सेक्टर दो में रहने वाली मौलिक मुख्य अध्यापिका संतोष कुमारी का नाम राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया है। सरकार की ओर से जारी सूची में नाम आने के बाद से शिक्षिका के परिवार में खुशी का माहौल है। शिक्षिका ने कहा कि अपने पूरे परिवार में राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान पाने वाली पहली बेटी होने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह सभी के लिए सम्मान व खुशी देने वाला है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। इसमें विभाग की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुरूप परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की संख्या, शैक्षणिक व विभिन्न गतिविधियों के बेहतर कार्य करने वाले को चुना जाता है। इस सम्मान के लिए अपना नाम चुना जाना खुशी देने वाला पल है। यह हमेशा याद रहेगा। सिंचाई विभाग से एसडीओ पद से सेवानिवृत्त पति भीम सिंह ने भी इस चयन पर प्रसन्नता जताई है।