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सीएम दरबार में गूंजेगा पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली केस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 01 Nov 2015 02:18 AM IST
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एमडीयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हुई कथित धांधली का मामला अब सीएम के दरबार में गूंजेगा।
यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित छात्रा ने सीएम विंडो में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
बहादुरगढ़ निवासी छात्रा सुनीता ने सीएम विंडो में दी गई शिकायत में बताया कि 14 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा हुई थी।
इसमें डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने अपने चहेतों को खुलकर नकल कराई। अभ्यर्थियों में एक अधिकारी के भतीजे की पत्नी भी थी।
आरोप है कि जो अभ्यर्थी सही से अपना नाम भी नहीं लिख पाते उन्हें परीक्षा में पास कर दिया गया, जबकि मेरिट लिस्ट में टाप पर रहने वाले विद्यार्थियों को फेल किया गया है। इस बारे में यूनिवर्सिटी के वीसी से लेकर अन्य अधिकारियों को भी शिकायत की गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने पर जुटे हैं। पीड़िता ने प्रवेश परीक्षा दोबारा से कराने की मांग की है।
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यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित छात्रा ने सीएम विंडो में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
बहादुरगढ़ निवासी छात्रा सुनीता ने सीएम विंडो में दी गई शिकायत में बताया कि 14 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा हुई थी।
इसमें डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने अपने चहेतों को खुलकर नकल कराई। अभ्यर्थियों में एक अधिकारी के भतीजे की पत्नी भी थी।
आरोप है कि जो अभ्यर्थी सही से अपना नाम भी नहीं लिख पाते उन्हें परीक्षा में पास कर दिया गया, जबकि मेरिट लिस्ट में टाप पर रहने वाले विद्यार्थियों को फेल किया गया है। इस बारे में यूनिवर्सिटी के वीसी से लेकर अन्य अधिकारियों को भी शिकायत की गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने पर जुटे हैं। पीड़िता ने प्रवेश परीक्षा दोबारा से कराने की मांग की है।