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Rohtak News: पीजीआई की एचआईवी जांच प्रयोगशाला को मिला एनएबीएल लैब होने का प्रमाण पत्र
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07सीटीके02.पीजीआईएमएस माइक्रोबायोलॉजी विभाग को एनएबीएल की मान्यता मिलने पर शुभकामनाएं देतीं कुल
रोहतक। पीजीआईएमएस में स्थापित माइक्रोबायोलॉजी विभाग का एचआईवी लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों में सक्षम पाया गया है। एनएबीएल (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) एजेंसी से मान्यता प्राप्त करने में सफल हो गई। शनिवार को एनएबीएल एजेंसी से एचआईवी जांच प्रयोगशाला को ISO 15189 2012 के तहत प्रमाण पत्र मिलने पर कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग अध्यक्ष डॉ. अपर्णा परमार व डॉक्टर रितु अग्रवाल को बधाई दी। कुलपति ने इस प्रमाणपत्र को योग्यता व दक्षता का ठोस सबूत बताया। ऐसे प्रमाण कर्मचारियों ओर अधिकारियों में उमंग उत्साह लेकर आता है। इससे कार्य क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
राज्य की प्रथम एचआईवी लैब : डॉ. अपर्णा
डॉ. अपर्णा परमार ने बताया कि एनएबीएल भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त एजेंसी है। इसका उद्देश्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता का तृतीय पक्ष से मूल्यांकन प्रदान करना है। एनएबीएल मान्यता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर परिणामों की स्वीकृति की सुविधा प्रदान करता है। एनएबीएल की मान्यता प्राप्त करने वाली हरियाणा राज्य की यह प्रथम सरकारी एचआईवी लैब है।
पिछले एक साल से लैब स्टाफ कर रहा था कड़ी मेहनत : डॉ. रितु
लैब इंचार्ज डॉक्टर रितु अग्रवाल ने बताया कि उनका स्टाफ उनके साथ पिछले 1 साल से यह मान्यता लेने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। प्रयोगशाला की प्रबंधन प्रणाली, तकनीकी प्रदर्शन और दक्षता प्रशिक्षण का मूल्यांकन करते हुए गत दिनों यह प्रक्रिया पूरी की और लैब को एनएबीएल की मान्यता प्रदान की। उन्होंने बताया कि एनएबीएल की टीम की ओर से प्रयोगशाला का ऑनसाइट मूल्यांकन किया गया। इसके अंतर्गत सभी प्रकार की सुविधा, उपकरणों, कर्मियों व प्रशिक्षण प्रक्रियाओं का दो दिन तक मूल्यांकन किया गया। एनएबीएल मान्यता प्राप्त करने का अर्थ है कि यह लैब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है और सटीक व विश्वसनीय व उत्तम गुणवत्ता वाले परीक्षण परिणाम प्रदान करने में सक्षम है।
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परीक्षण करने वाले कर्मियों में बढ़ेगा विश्वास
इस मान्यता के मिलने से लैब की जांच परीक्षण पर मरीजों के साथ-साथ परीक्षण करने वाले कर्मियों में विश्वास बढ़ेगा। इसका लाभ लैब में जांच करने वाले मरीज और एआरटी सेंटर में पंजीकृत मरीजों को विशेष रूप से प्राप्त होगा। एचआईवी लैब एसआरएल की ओर से प्रदेश में स्थापित 104 आईसीटीसी का बाह्य गुणवत्ता आश्वासन कार्य भी किया जाता है।
इन्होंने ने दी शुभकामनाएं
कुल सचिव डाॅक्टर एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डी जीएचएस डॉ. आरएस पूनिया, परियोजना निदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉक्टर नवनीत, सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल बिरला, डॉ. अनिल खुराना, जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर इंदु, डॉक्टर शिल्पा, डॉक्टर दीपक जैन आदि।
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राज्य की प्रथम एचआईवी लैब : डॉ. अपर्णा
डॉ. अपर्णा परमार ने बताया कि एनएबीएल भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त एजेंसी है। इसका उद्देश्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता का तृतीय पक्ष से मूल्यांकन प्रदान करना है। एनएबीएल मान्यता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर परिणामों की स्वीकृति की सुविधा प्रदान करता है। एनएबीएल की मान्यता प्राप्त करने वाली हरियाणा राज्य की यह प्रथम सरकारी एचआईवी लैब है।
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पिछले एक साल से लैब स्टाफ कर रहा था कड़ी मेहनत : डॉ. रितु
लैब इंचार्ज डॉक्टर रितु अग्रवाल ने बताया कि उनका स्टाफ उनके साथ पिछले 1 साल से यह मान्यता लेने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। प्रयोगशाला की प्रबंधन प्रणाली, तकनीकी प्रदर्शन और दक्षता प्रशिक्षण का मूल्यांकन करते हुए गत दिनों यह प्रक्रिया पूरी की और लैब को एनएबीएल की मान्यता प्रदान की। उन्होंने बताया कि एनएबीएल की टीम की ओर से प्रयोगशाला का ऑनसाइट मूल्यांकन किया गया। इसके अंतर्गत सभी प्रकार की सुविधा, उपकरणों, कर्मियों व प्रशिक्षण प्रक्रियाओं का दो दिन तक मूल्यांकन किया गया। एनएबीएल मान्यता प्राप्त करने का अर्थ है कि यह लैब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है और सटीक व विश्वसनीय व उत्तम गुणवत्ता वाले परीक्षण परिणाम प्रदान करने में सक्षम है।
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परीक्षण करने वाले कर्मियों में बढ़ेगा विश्वास
इस मान्यता के मिलने से लैब की जांच परीक्षण पर मरीजों के साथ-साथ परीक्षण करने वाले कर्मियों में विश्वास बढ़ेगा। इसका लाभ लैब में जांच करने वाले मरीज और एआरटी सेंटर में पंजीकृत मरीजों को विशेष रूप से प्राप्त होगा। एचआईवी लैब एसआरएल की ओर से प्रदेश में स्थापित 104 आईसीटीसी का बाह्य गुणवत्ता आश्वासन कार्य भी किया जाता है।
इन्होंने ने दी शुभकामनाएं
कुल सचिव डाॅक्टर एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डी जीएचएस डॉ. आरएस पूनिया, परियोजना निदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉक्टर नवनीत, सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल बिरला, डॉ. अनिल खुराना, जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर इंदु, डॉक्टर शिल्पा, डॉक्टर दीपक जैन आदि।