{"_id":"6751e7c6630e8a4a130052a3","slug":"pgis-ayushman-scam-increased-the-troubles-of-two-former-officials-rohtak-news-c-17-roh1020-557608-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआई के आयुष्मान घोटाले ने बढ़ाईं दो पूर्व अधिकारियों की मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआई के आयुष्मान घोटाले ने बढ़ाईं दो पूर्व अधिकारियों की मुश्किलें
विज्ञापन
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआईएमएस में हुए आयुष्मान योेजना घोटाले में नया मोड़ आ गया है। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय व पीजीआई के पूर्व अधिकारी के खिलाफ अदालत में याचिका दायर हो गई है। आयुष्मान योजना घोटाले में गड़बड़ी के संबंध में विवि के पूर्व सीएसओ (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) ने अदालत से इसकी जांच कराने की अपील की है। इसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों के साथ डीएमईआर (डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) से जवाब मांगा है। केस की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में की लीगल सेल व संबंधित अधिकारी ने कुछ भी कहने से परहेज बरता है।
पीजीआईएमएस में आयुष्मान योजना के तहत गड़बड़ी की शिकायतों के चलते सीएम फ्लाइंग ने कुछ माह पूर्व छापा मारा था। डीएसपी ने अपनी टीम के साथ यहां का रिकॉर्ड खंगाला व जरूरी दस्तावेज जुटाए। दस्तावेजों की जांच में लाभान्वितों के खाते से लाखों रुपये का सामान मंगवाने व दूसरों के लिए प्रयोग करने की बात सामने आई। बड़े स्तर पर हुए घालमेल के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व सीएसओ ने डीएमईआर को शिकायत दी थी। इसके बाद सीटीएम ने मामले की जांच की। जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके चलते पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हार कर शिकायतकर्ता ने अदालत में आयुष्मान योजना घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई। इस पर 25 नवंबर को सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में भ्रष्टाचार समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस की सुनवाई करते हुए संबंधित से उनका पक्ष मांगा है।
आयुष्मान मामले में अदालत में केस होने की जानकारी नहीं है। संस्थान के किसी अधिकारी या पूर्व अधिकारी से जवाब मांगने के संबंध में अभी कुछ नहीं मिला है। लीगल सेल से कुछ आएगा तो जवाब भेजा जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस।
विज्ञापन
पीजीआईएमएस में आयुष्मान योजना के तहत गड़बड़ी की शिकायतों के चलते सीएम फ्लाइंग ने कुछ माह पूर्व छापा मारा था। डीएसपी ने अपनी टीम के साथ यहां का रिकॉर्ड खंगाला व जरूरी दस्तावेज जुटाए। दस्तावेजों की जांच में लाभान्वितों के खाते से लाखों रुपये का सामान मंगवाने व दूसरों के लिए प्रयोग करने की बात सामने आई। बड़े स्तर पर हुए घालमेल के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व सीएसओ ने डीएमईआर को शिकायत दी थी। इसके बाद सीटीएम ने मामले की जांच की। जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके चलते पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हार कर शिकायतकर्ता ने अदालत में आयुष्मान योजना घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई। इस पर 25 नवंबर को सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में भ्रष्टाचार समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस की सुनवाई करते हुए संबंधित से उनका पक्ष मांगा है।
विज्ञापन
आयुष्मान मामले में अदालत में केस होने की जानकारी नहीं है। संस्थान के किसी अधिकारी या पूर्व अधिकारी से जवाब मांगने के संबंध में अभी कुछ नहीं मिला है। लीगल सेल से कुछ आएगा तो जवाब भेजा जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस।